18 मई अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : World Health Organization ने अफ्रीका में फैल रहे Ebola प्रकोप को लेकर Public Health Emergency of International Concern (PHEIC) घोषित किया है। WHO का कहना है कि संक्रमण तेजी से फैलने की क्षमता रखता है और कई प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पहले से ही कमजोर स्थिति में हैं। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर सतर्कता बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई।
अफ्रीका के कई इलाकों में Ebola के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों को डर है कि यदि समय रहते संक्रमण को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह सीमाओं के पार दूसरे देशों तक भी फैल सकता है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण वायरस के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने का खतरा बढ़ गया है।
Ebola एक गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी मानी जाती है। इसके मरीजों में तेज बुखार, कमजोरी, उल्टी, रक्तस्राव और कई मामलों में अंग फेल होने जैसी गंभीर समस्याएं देखी जाती हैं। कई प्रकोपों में इसकी मृत्यु दर काफी ऊंची रही है, जिससे WHO की चिंता और बढ़ गई है।
WHO ने कहा कि PHEIC घोषित करने का उद्देश्य केवल चेतावनी देना नहीं बल्कि वैश्विक सहयोग को मजबूत करना भी है। इससे प्रभावित देशों को अधिक फंडिंग, मेडिकल सहायता, वैक्सीन, दवाएं और तकनीकी समर्थन मिल सकेगा। साथ ही निगरानी और टेस्टिंग व्यवस्था को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि अफ्रीका के कई देशों में स्वास्थ्य संसाधनों की कमी के कारण बड़े प्रकोप को संभालना कठिन हो सकता है। अस्पतालों की सीमित क्षमता और मेडिकल स्टाफ की कमी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना सकती है।
WHO इस बार शुरुआती स्तर पर ही वैश्विक प्रतिक्रिया को तेज करना चाहता है ताकि 2014-16 जैसे बड़े Ebola संकट की पुनरावृत्ति न हो। उस समय पश्चिम अफ्रीका में हजारों लोगों की मौत हुई थी और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा था।
Ebola संक्रमित व्यक्ति के खून, शारीरिक तरल पदार्थ और संक्रमित वस्तुओं के संपर्क से फैल सकता है। इसलिए स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों के लिए विशेष सावधानी जरूरी मानी जाती है।
WHO का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय समय रहते समन्वित कार्रवाई करता है, तो संक्रमण को बड़े वैश्विक संकट में बदलने से रोका जा सकता है।
