17 जून 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते के कथित रूप से लीक हुए मसौदे में कई महत्वपूर्ण प्रावधान सामने आए हैं। दस्तावेज़ के अनुसार, ईरान ने भविष्य में परमाणु हथियार विकसित या हासिल नहीं करने की प्रतिबद्धता जताई है, जबकि अमेरिका ने चरणबद्ध प्रतिबंध राहत और आर्थिक सहयोग का प्रस्ताव रखा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, समझौते के मसौदे में ईरान द्वारा परमाणु कार्यक्रम पर कुछ सीमाओं को स्वीकार करने, अंतरराष्ट्रीय निगरानी के लिए सहयोग करने और क्षेत्रीय तनाव कम करने के उपायों का उल्लेख है। इसके बदले अमेरिका आर्थिक प्रतिबंधों में ढील और कुछ जमे हुए ईरानी संसाधनों तक पहुंच बहाल करने पर विचार कर सकता है।
सबसे अधिक चर्चा 300 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज को लेकर हो रही है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह राशि सीधे अमेरिकी सरकारी भुगतान के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रस्तावित निजी निवेश एवं विकास फंड से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें विभिन्न देशों और निजी कंपनियों की भागीदारी हो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिका ईरान को सीधे 300 अरब डॉलर देगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने परमाणु हथियार न रखने पर सहमति जताई है, लेकिन सीधे भुगतान संबंधी खबरें गलत हैं।
उधर अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि किसी भी आर्थिक राहत, प्रतिबंधों में ढील या निवेश व्यवस्था को ईरान की प्रतिबद्धताओं के पालन से जोड़ा जाएगा। यानी लाभ तत्काल नहीं बल्कि प्रदर्शन-आधारित (performance-based) हो सकते हैं।
समझौते के मसौदे में जलडमरूमध्य होर्मुज़ (Strait of Hormuz) को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला रखने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने जैसे प्रावधान भी शामिल बताए गए हैं।
हालांकि समझौते का अंतिम और आधिकारिक पाठ अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। कई रिपोर्टों में कहा गया है कि वर्तमान दस्तावेज़ केवल एक प्रारंभिक ढांचा (Framework Agreement) है और अंतिम शर्तों पर आगे बातचीत जारी रहेगी।
