17 जुलाई 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका में एक महत्वपूर्ण विधेयक को 60 से अधिक अमेरिकी सीनेटरों का समर्थन मिला है। प्रस्तावित कानून के तहत रूस के साथ व्यापार करने वाले कुछ देशों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध और भारी टैरिफ लगाए जा सकते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, भारत भी उन देशों में शामिल हो सकता है जिन पर 100% तक अमेरिकी टैरिफ लगाए जाने का जोखिम है, यदि वे रूस के साथ कारोबार जारी रखते हैं। इस संभावित कदम से भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों और ऊर्जा आयात नीति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी सीनेटरों द्वारा समर्थित इस विधेयक का उद्देश्य रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना और उसके साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले देशों को भी प्रतिबंधों के दायरे में लाना है।
भारत लंबे समय से अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस से कच्चे तेल का आयात करता रहा है। ऐसे में प्रस्तावित अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हितों के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विधेयक कानून बनता है और भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लागू होते हैं, तो इसका असर दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक संबंधों पर पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम प्रभाव विधेयक के प्रावधानों और अमेरिकी प्रशासन द्वारा इसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
भारत की ओर से ऐसे संभावित अमेरिकी कदम पर प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
