17 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : भारतीय रुपया सोमवार के शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे कमजोर होकर 95.59 के स्तर पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये पर दबाव के बीच निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी पूंजी के प्रवाह पर बनी हुई है। डॉलर की मांग में बदलाव भी रुपये की चाल को प्रभावित कर सकता है।
भारत के लिए कच्चे तेल की कीमतें रुपये के लिए महत्वपूर्ण कारक हैं, क्योंकि देश अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। महंगे कच्चे तेल से आयात बिल और डॉलर की मांग बढ़ सकती है, जिससे घरेलू मुद्रा पर दबाव पड़ सकता है।
बाजार प्रतिभागी आगे अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर रखेंगे। विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी रुपये और घरेलू शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं।
