1 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में कॉकपिट के अंदर हुए हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की है। ट्रंप ने मच्छार को “हीरो” बताते हुए कहा कि घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद का रास्ता बनाया। वहीं, हमले के आरोपी सह-पायलट के बारे में ट्रंप ने कहा कि वह “शायद आतंकवादी या शायद सनकी” हो सकता है।
हालांकि, ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब हमले के पीछे की वास्तविक मंशा अभी जांच के दायरे में है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी जिस जानकारी का हवाला दिया, उसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया था।
उड़ान के दौरान कॉकपिट में हमला
यह घटना फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 174 यात्री सवार थे। रिपोर्टों के मुताबिक, कॉकपिट में सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया।
हमले के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। विमान ने कुछ ही समय में हजारों फीट की ऊंचाई गंवाई, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की।
घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोला
रिपोर्टों के अनुसार, कैप्टन मच्छार हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे बाहर मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचने और स्थिति को नियंत्रित करने का मौका मिला।
इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक में आपातकालीन रूप से उतारा गया। विमान में मौजूद यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। मच्छार को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया और रिपोर्टों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है।
ट्रंप ने कहा- ‘वह एक हीरो थे’
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन मच्छार की भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पायलट गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे और मदद के लिए रास्ता बनाया।
ट्रंप ने हमले के आरोपी सह-पायलट की मंशा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह “शायद आतंकवादी या शायद सनकी” हो सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बात को अंतिम निष्कर्ष के रूप में पेश नहीं किया और घटना से जुड़ी जानकारी की पुष्टि की आवश्यकता भी स्वीकार की।
यात्रियों ने भी निभाई अहम भूमिका
घटना के दौरान केवल पायलट ही नहीं, बल्कि विमान में मौजूद कुछ यात्रियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायली यात्री यानिव हयून, जिन्हें कुछ रिपोर्टों में प्लंबर बताया गया है, कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को काबू करने में मदद की।
इसके बाद विमान में मौजूद अन्य प्रशिक्षित पायलटों और चालक दल के सदस्यों ने विमान को स्थिर करने और सुरक्षित लैंडिंग की दिशा में काम किया।
स्मित मच्छार का लंबा विमानन अनुभव
कैप्टन स्मित मच्छार भारत के अनुभवी वाणिज्यिक पायलटों में शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके पास 13 साल से अधिक का वाणिज्यिक विमानन अनुभव है और उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर हजारों घंटे उड़ान भरी है।
फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले वह भारत में स्पाइसजेट के साथ काम कर चुके थे। रिपोर्टों में उनके लगभग 9,750 उड़ान घंटों का उल्लेख किया गया है।
भारत और इजरायल ने भी की सराहना
कैप्टन मच्छार की बहादुरी की भारत और इजरायल दोनों ओर से सराहना की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी भूमिका की प्रशंसा की। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने भी उन्हें “हीरो” बताया।
भारत के इजरायल स्थित दूतावास ने कहा कि मच्छार ने असाधारण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में साहस, संयम और कर्तव्य के प्रति समर्पण का प्रदर्शन किया।
हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं
घटना के पीछे सह-पायलट की वास्तविक मंशा अभी स्पष्ट नहीं हुई है। सऊदी अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है और विभिन्न एजेंसियां घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
फ्लाईदुबई ने भी जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने की अपील की है। एयरलाइन ने घटना के बाद इजरायल से आने-जाने वाली अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने की जानकारी दी है।
फिलहाल, घटना में शामिल भारतीय कैप्टन की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमले के पीछे व्यक्तिगत, सुरक्षा संबंधी या कोई अन्य कारण था।
