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5 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): ब्रिटेन के RAF Fairford एयरबेस को निशाना बनाए जाने की संदिग्ध आतंकी साजिश की जांच के बीच अमेरिका ने वहां तैनात अपने सभी बमवर्षक विमानों को वापस अमेरिका भेज दिया है। पेंटागन के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि RAF Fairford में तैनात अमेरिकी बॉम्बर अब अपने घरेलू ठिकानों पर लौट चुके हैं।

यह एयरबेस ब्रिटेन के ग्लॉस्टरशायर में स्थित है और हाल के महीनों में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में अमेरिकी बमवर्षक विमानों के संचालन के लिए महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। सुरक्षा संबंधी घटनाओं के बाद अमेरिकी विमानों को हटाने का फैसला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बना हुआ है।

RAF Fairford से लौटे अमेरिकी बॉम्बर

पेंटागन के अनुसार, RAF Fairford पर तैनात सभी अमेरिकी बमवर्षक विमानों को अमेरिका में उनके होम बेस पर फिर से तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों ने परिचालन सुरक्षा का हवाला देते हुए विमानों की आवाजाही के बारे में पहले से जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी।

रिपोर्टों के मुताबिक, एयरबेस पर B-1 और B-52 जैसे भारी बमवर्षक विमान तैनात रहे हैं। विमान निगरानी से जुड़े पर्यवेक्षकों ने रविवार को कई B-1 विमानों को RAF Fairford से उड़ान भरते हुए देखा।

अमेरिकी अधिकारियों ने हालांकि यह संकेत नहीं दिया है कि विमानों को स्थायी रूप से ब्रिटेन से हटाया गया है। पेंटागन का कहना है कि अमेरिकी बॉम्बर फोर्स वैश्विक स्तर पर अभियान चलाने के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर अमेरिका स्थित ठिकानों से भी मिशन संचालित किए जा सकते हैं।

एयरबेस के पास संदिग्ध गतिविधि के बाद बढ़ी चिंता

RAF Fairford के आसपास सितंबर के अंत में एक सुरक्षा घटना के बाद ब्रिटिश अधिकारियों ने जांच शुरू की थी। ब्रिटिश आतंकवाद-रोधी पुलिस ने एयरबेस के नजदीक पांच ब्रिटिश नागरिकों को विस्फोटक और आतंकवाद से जुड़े संदेह में गिरफ्तार किया था।

बाद में इन सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया। इसके बाद एक 25 वर्षीय ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति को लंदन में कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधि की तैयारी के संदेह में गिरफ्तार किया गया। उसे भी बाद में पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया।

ब्रिटिश अधिकारियों की जांच अभी जारी है और अब तक किसी संदिग्ध पर आतंकी हमले को अंजाम देने का आरोप सिद्ध नहीं हुआ है।

ईरान की कथित भूमिका पर जांच

ब्रिटिश अधिकारियों ने मामले में ईरान से संभावित संबंध होने की बात कही है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा था कि इस घटना में ईरान की भूमिका के मजबूत संकेत हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने भी कथित साजिश में किसी विदेशी तत्व की संभावित भूमिका की ओर इशारा किया है।

हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को खारिज किया है और ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाए गए किसी भी संबंध को निराधार बताया है। इसलिए मामले में ईरान की भूमिका को फिलहाल जांच का विषय माना जा रहा है, न कि स्थापित तथ्य।

ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियानों में अहम रहा है बेस

RAF Fairford लंबे समय से अमेरिकी वायुसेना के लिए रणनीतिक महत्व रखता है। यह ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रमुख ठिकानों में से एक है और मध्य पूर्व में अमेरिकी अभियानों के दौरान यहां से भारी बमवर्षक विमानों का संचालन किया गया है।

हालिया संघर्ष के दौरान भी यहां तैनात अमेरिकी विमानों का इस्तेमाल ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों में किया गया था। ब्रिटिश सरकार ने अमेरिका को ईरान की ओर से होने वाले हमलों के जवाब में सीमित रक्षात्मक अभियानों के लिए इस बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।

इसी वजह से RAF Fairford की सुरक्षा हाल के घटनाक्रमों में विशेष महत्व रखती है।

अमेरिका ने मध्य पूर्व में सैन्य मौजूदगी बनाए रखी

RAF Fairford से बॉम्बर विमानों को हटाने के बावजूद अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करने के संकेत नहीं दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका क्षेत्र में नौसैनिक और अन्य सैन्य संसाधनों की तैनाती बढ़ा रहा है।

इसमें USS Theodore Roosevelt विमानवाहक पोत और USS Makin Island के नेतृत्व वाला एम्फीबियस रेडीनेस ग्रुप भी शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन तैनातियों के चलते आने वाले समय में क्षेत्र में अमेरिकी विमानवाहक पोतों की संख्या तीन तक पहुंच सकती है।

सुरक्षा और सैन्य रणनीति के बीच संतुलन

RAF Fairford से सभी अमेरिकी बॉम्बर हटाने का फैसला सैन्य संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाता है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने यह नहीं कहा है कि इस कदम से अमेरिका की वैश्विक सैन्य क्षमता प्रभावित होगी।

पेंटागन के अनुसार, अमेरिकी बॉम्बर फोर्स दुनिया के किसी भी हिस्से में मिशन के लिए तैयार है और B-1, B-2 तथा B-52 जैसे विमान अमेरिका स्थित ठिकानों से भी लंबी दूरी के अभियान संचालित कर सकते हैं।

फिलहाल ब्रिटेन में RAF Fairford से जुड़ी संदिग्ध आतंकी साजिश की जांच जारी है। जांच पूरी होने और अधिकारियों की ओर से और जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एयरबेस को निशाना बनाने की कथित योजना के पीछे कौन था और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।

Bharat Baani Bureau

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