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5 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान FZ1073 के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कथित हमला करने वाले सह-पायलट हमाम अल-हमामी की पृष्ठभूमि अब कई देशों की जांच के केंद्र में है। ऑस्ट्रेलिया, इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एजेंसियां उसके पिछले संपर्कों, कथित कट्टरपंथी विचारों और फ्लाइट के क्रू में शामिल होने की परिस्थितियों की जांच कर रही हैं।

30 सितंबर को हुई इस घटना में विमान कथित तौर पर तेजी से नीचे आया था। घायल कैप्टन मच्छर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने सह-पायलट को काबू किया। विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी।

ऑस्ट्रेलिया में काउंटर-टेरर जांच

ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस (AFP) ने पुष्टि की है कि Victorian Joint Counter Terrorism Team अल-हमामी के ऑस्ट्रेलिया से संबंधों की जांच कर रही है। इस टीम में AFP, Victoria Police और ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन (ASIO) शामिल हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक अल-हमामी को 2014 में ऑस्ट्रेलिया का छात्र वीजा जारी किया गया था और उसने 2015 से 2017 के बीच वहां पढ़ाई की। बाद में वह ऑस्ट्रेलिया से चला गया। उसका छात्र वीजा 2019 में रद्द किया गया था, हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार वीजा रद्द होने का कारण कोई चरित्र संबंधी मामला नहीं, बल्कि कोर्स में नामांकन से जुड़ी स्थिति थी।

ऑस्ट्रेलियाई जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वहां रहने के दौरान उसके विचारों में कोई कट्टरपंथी बदलाव आया था और क्या उसका किसी संदिग्ध नेटवर्क या विचारधारा से संपर्क हुआ था।

ओमान में पहले उठ चुके थे सवाल

जांच में सामने आई सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक उसका ओमान एयर के साथ पुराना संबंध है। रिपोर्टों के अनुसार, अल-हमामी को 2024 में प्रशिक्षण के दौरान कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री मिलने के बाद ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। इसके बावजूद बाद में उसने दूसरी एयरलाइनों के साथ काम किया और अंततः फ्लाईदुबई के कॉकपिट तक पहुंच गया।

यही घटनाक्रम अब अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा जांच का प्रमुख हिस्सा बन गया है। जांचकर्ता यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि पहले से मौजूद सुरक्षा चिंताओं की जानकारी दूसरे देशों और एयरलाइनों तक किस स्तर तक पहुंची थी।

इजरायल भी कर रहा है सुरक्षा समीक्षा

फ्लाइट का गंतव्य तेल अवीव होने के कारण इजरायल ने भी मामले की अलग से समीक्षा शुरू की है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विदेशी नागरिक विमानों की सुरक्षा व्यवस्था और इजरायल आने वाले विमानों के पायलटों की जांच की व्यापक समीक्षा के आदेश दिए हैं।

इजरायली अधिकारियों ने यह सवाल उठाया है कि ओमान के नागरिक एक व्यक्ति को तेल अवीव जाने वाली उड़ान के कॉकपिट क्रू में किस प्रक्रिया के तहत शामिल किया गया। हालांकि इस घटना के पीछे की पूरी मंशा और किसी व्यापक साजिश से उसका संबंध अभी जांच का विषय है।

UAE में मुख्य जांच जारी

UAE ने घटना की जांच शुरू की है। देश के अटॉर्नी जनरल के अनुसार, सह-पायलट ने कॉकपिट में क्रैश एक्स से कैप्टन पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का प्रयास किया। UAE अधिकारियों ने इसे कथित आतंकवादी कृत्य के रूप में वर्गीकृत किया है, लेकिन इसके पीछे की मंशा और किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका की जांच अभी जारी है।

जांच का एक प्रमुख सवाल यह भी है कि अल-हमामी को फ्लाईदुबई में नियुक्त किए जाने से पहले उसके पिछले रिकॉर्ड की जांच कितनी व्यापक थी और विभिन्न देशों के बीच सुरक्षा संबंधी जानकारी कितनी प्रभावी ढंग से साझा की गई।

छह देशों से जुड़ा मामला

फ्लाईदुबई की यह घटना अब केवल UAE या इजरायल तक सीमित जांच नहीं रह गई है। घटना में भारत, UAE, सऊदी अरब, इजरायल, ओमान और ऑस्ट्रेलिया अलग-अलग स्तर पर जुड़े हुए हैं। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर ने हमले के दौरान विमान को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि घटना सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग के साथ समाप्त हुई।

भारत के संदर्भ में कैप्टन मच्छर की भूमिका विशेष महत्व रखती है। हमले में घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे अन्य चालक दल के सदस्य और यात्री अंदर पहुंच सके और कथित हमलावर को काबू किया जा सका।

विमानन सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय विमानन उद्योग में पायलटों की पृष्ठभूमि जांच और सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा करने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। खास तौर पर यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि यदि किसी पायलट पर पहले सुरक्षा संबंधी चिंताएं दर्ज हुई थीं, तो वे जानकारी नई एयरलाइन या संबंधित विमानन अधिकारियों तक किस तरह पहुंचती है।

हालांकि जांच एजेंसियां अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं, लेकिन अभी यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि किसी एक देश या संस्था की सुरक्षा प्रक्रिया इस घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार थी। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

फिलहाल UAE, इजरायल और ऑस्ट्रेलिया की जांच एजेंसियां अल-हमामी के अतीत, उसके संपर्कों, कथित विचारधारा और फ्लाइट में उसकी नियुक्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि क्या घटना एक व्यक्ति की कार्रवाई थी या इसके पीछे कोई व्यापक योजना अथवा नेटवर्क भी मौजूद था।

Bharat Baani Bureau

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