6 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): पंजाब के अमृतसर से निकलकर भारतीय विदेश सेवा (IFS) में अपनी पहचान बनाने वाले अनमोल शेर सिंह बेदी एक बार फिर चर्चा में हैं। वर्ष 2017 में घोषित सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की थी। खास बात यह रही कि उन्होंने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल की और पुरुष उम्मीदवारों में शीर्ष स्थान पर रहे। आज वह भारत की बहुपक्षीय कूटनीति के महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक जिनेवा में अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और सुरक्षा मामलों से जुड़े दायित्व संभाल रहे हैं।
भारत के स्थायी मिशन के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, अनमोल शेर सिंह बेदी वर्तमान में Permanent Mission of India to the Conference on Disarmament, Geneva में Senior Adviser (Disarmament) के रूप में कार्यरत हैं।
पहली कोशिश में UPSC में हासिल की दूसरी रैंक
अनमोल शेर सिंह बेदी ने UPSC Civil Services Examination 2016 में सफलता हासिल की, जिसका परिणाम 2017 में घोषित हुआ। संघ लोक सेवा आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वह पुरुष उम्मीदवारों में पहले और कुल परिणाम में दूसरे स्थान पर रहे।
उनकी सफलता इसलिए भी उल्लेखनीय थी क्योंकि यह उनका पहला प्रयास था। उस समय अमृतसर में रहने वाले अनमोल ने कहा था कि उन्हें इतनी ऊंची रैंक की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने तब भारतीय प्रशासनिक सेवा के बजाय Indian Foreign Service में जाने की इच्छा जताई थी।
अमृतसर में हुई पढ़ाई, BITS Pilani से इंजीनियरिंग
अनमोल शेर सिंह बेदी का संबंध अमृतसर से है। उन्होंने अमृतसर के Spring Dale School से 12वीं तक की पढ़ाई की और इसके बाद BITS Pilani से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। UPSC के शीर्ष 25 सफल उम्मीदवारों की जानकारी में भी संघ लोक सेवा आयोग ने उनकी B.E. डिग्री BITS Pilani से होने की पुष्टि की थी।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के बावजूद उनका झुकाव अंतरराष्ट्रीय मामलों और कूटनीति की ओर था। UPSC में उन्होंने Political Science and International Relations को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था।
उनके शुरुआती इंटरव्यू में भी अंतरराष्ट्रीय संबंधों में रुचि का उल्लेख मिलता है। उन्होंने सिविल सेवा में चयन के बाद विदेश सेवा को अपनी प्राथमिकता बताया था।
IFS प्रशिक्षण में मिला सर्वश्रेष्ठ अधिकारी प्रशिक्षु का सम्मान
UPSC में शानदार प्रदर्शन के बाद अनमोल ने भारतीय विदेश सेवा का रास्ता चुना। प्रशिक्षण के दौरान भी उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, IFS Officer Trainee Batch 2017 में अनमोल शेर सिंह बेदी को EAM’s Gold Medal for Best Officer Trainee से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनके प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है।
2018 में उन्हें तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रशिक्षण के समापन समारोह में गोल्ड मेडल प्रदान किया था। उस समय उनके पिता ने भी बेटे की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया था।
विदेश मंत्रालय से जिनेवा तक का सफर
IFS में शामिल होने के बाद अनमोल ने विदेश मंत्रालय के South Block में काम किया। शुरुआती जिम्मेदारियों में उन्होंने अंडर सेक्रेटरी के रूप में कार्य किया। इसके बाद उनका करियर उन्हें जिनेवा जैसे महत्वपूर्ण बहुपक्षीय कूटनीतिक केंद्र तक ले गया।
भारत सरकार के 2026 के राजपत्र में भी अनमोल शेर सिंह बेदी का नाम IFS: 2017 बैच के अधिकारी के रूप में दर्ज है। जनवरी 2026 से उन्हें Junior Administrative Grade में कार्य करने और Deputy Secretary के पद पर पदोन्नति की जानकारी दी गई है।
जिनेवा में क्या करते हैं अनमोल बेदी?
जिनेवा में उनकी वर्तमान जिम्मेदारी बेहद संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़ी है। वह Conference on Disarmament में भारत की ओर से निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर काम करते हैं। भारत के स्थायी मिशन की आधिकारिक वेबसाइट उन्हें Senior Adviser (Disarmament) के रूप में सूचीबद्ध करती है।
उनकी भूमिका में परमाणु निरस्त्रीकरण, हथियार नियंत्रण, बाहरी अंतरिक्ष की सुरक्षा, जैविक एवं विषैले हथियारों और व्यापक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भारत का पक्ष रखना शामिल है।
अगस्त 2023 में Conference on Disarmament की एक बैठक में अनमोल ने परमाणु निरस्त्रीकरण पर भारत की ओर से वक्तव्य भी दिया था। उन्होंने हथियार नियंत्रण, निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी और जागरूकता के महत्व पर भारत का दृष्टिकोण रखा था।
अमृतसर से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति तक
अनमोल बेदी की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि एक इंजीनियरिंग छात्र ने सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद प्रशासनिक सेवा के बजाय कूटनीति को अपना करियर बनाया।
उनकी सफलता के समय अमृतसर में उनके परिवार और शहर के लोगों के बीच काफी उत्साह देखा गया था। उनके पिता डॉ. सरबजीत सिंह बेदी शिक्षाविद हैं और उनके दादा गजिंदर सिंह बेदी पंजाब पुलिस में DSP रह चुके हैं। अनमोल ने अपने परिवार को अपनी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका देने की बात कही थी।
उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति भवन में भी सम्मानित किया गया था। 2018 में विदेश मंत्रालय के प्रशिक्षण कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ अधिकारी प्रशिक्षु का सम्मान उनकी उपलब्धियों की एक और महत्वपूर्ण कड़ी बनी।
UPSC Rank 2 से वैश्विक मंच तक
अनमोल शेर सिंह बेदी का सफर अमृतसर के एक इंजीनियरिंग छात्र से भारत के शीर्ष राजनयिक अधिकारियों में शामिल होने तक का है। UPSC में दूसरी रैंक, IFS प्रशिक्षण में सर्वश्रेष्ठ अधिकारी प्रशिक्षु का सम्मान और अब जिनेवा में निरस्त्रीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर भारत का प्रतिनिधित्व—उनके करियर की ये उपलब्धियां उन्हें पंजाब के उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनाती हैं जो सिविल सेवा और विदेश नीति में करियर बनाना चाहते हैं।
उनकी वर्तमान भूमिका भारत की बहुपक्षीय कूटनीति के उस हिस्से से जुड़ी है जहां परमाणु हथियार, हथियार नियंत्रण, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और निरस्त्रीकरण जैसे मुद्दों पर देशों के बीच लगातार बातचीत होती है। ऐसे संवेदनशील मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके IFS करियर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है।
