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14 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत-कनाडा संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर चल रही बातचीत को जल्द से जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर बातचीत की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने और सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश पर चर्चा हुई। उन्होंने CEPA वार्ता को शीघ्र निष्कर्ष तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।

व्यापारिक संबंधों को नई गति देने की कोशिश

भारत और कनाडा के बीच CEPA वार्ता का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के अवसरों को बढ़ाना है। संभावित समझौते से वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ कारोबारियों के लिए बाजार तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में कृषि, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और निवेश जैसे क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं। CEPA को अंतिम रूप देने से इन क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार मिलने की संभावना है।

द्विपक्षीय संबंधों पर भी हुई चर्चा

मोदी और कार्नी की बातचीत केवल व्यापार तक सीमित नहीं रही। दोनों नेताओं ने व्यापक द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।

भारत और कनाडा के संबंधों में हाल के वर्षों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व के बीच नियमित संवाद दोनों देशों के संबंधों को स्थिर और मजबूत बनाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

CEPA वार्ता पर नजर

CEPA को लेकर भारत और कनाडा के बीच बातचीत आगे बढ़ने से दोनों देशों के कारोबारी समुदाय की उम्मीदें भी बढ़ सकती हैं। समझौते के अंतिम रूप लेने से पहले दोनों पक्षों को व्यापार, निवेश और बाजार पहुंच से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनानी होगी।

प्रधानमंत्री मोदी और मार्क कार्नी की ओर से वार्ता को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता इस बात का संकेत है कि दोनों देश आर्थिक संबंधों को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि, समझौते की वास्तविक समयसीमा और अंतिम शर्तें बातचीत की प्रगति पर निर्भर करेंगी।

आर्थिक सहयोग के विस्तार की संभावना

भारत और कनाडा के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने से दोनों देशों के उद्योगों और निवेशकों को नए अवसर मिल सकते हैं। ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे रणनीतिक क्षेत्र भी भविष्य में द्विपक्षीय साझेदारी के महत्वपूर्ण हिस्से बन सकते हैं।

CEPA के अलावा दोनों देश शिक्षा, कौशल विकास, तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर काम कर सकते हैं।

कुल मिलाकर, मोदी और कार्नी की बातचीत भारत-कनाडा संबंधों में आर्थिक सहयोग को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब निगाहें CEPA वार्ता की अगली प्रगति और दोनों देशों के बीच संभावित समझौते पर रहेंगी।

Bharat Baani Bureau

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