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14 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो): दक्षिण कोरिया की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी हुंडई मोटर ग्रुप ने भारत में अपनी दीर्घकालिक कारोबारी रणनीति के तहत वर्ष 2032 तक 15.5 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस निवेश से भारत में कंपनी की विनिर्माण क्षमता, तकनीकी विकास और भविष्य की मोबिलिटी से जुड़ी योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

भारत दुनिया के प्रमुख ऑटोमोबाइल बाजारों में शामिल है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग, घरेलू उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं और वाहन निर्यात की संभावनाओं के बीच हुंडई का यह निवेश भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए अहम माना जा सकता है।

उत्पादन क्षमता और अनुसंधान पर होगा जोर

हुंडई मोटर ग्रुप के आधिकारिक बयान के अनुसार, 2026 से 2032 तक सात वर्षों में होने वाला यह निवेश कई प्रमुख क्षेत्रों में लगाया जाएगा। इनमें वाहन निर्माण क्षमता का विस्तार, अनुसंधान एवं विकास (R&D), भारतीय सप्लायर नेटवर्क को मजबूत करना और नई ऑटोमोबाइल तकनीकों का विकास शामिल है।

कंपनी की योजना भारत में अपने अनुसंधान एवं विकास केंद्र को मजबूत करने की भी है। इसके लिए लगभग 700 मिलियन डॉलर निवेश करने की योजना है। इसमें वाहन परीक्षण ट्रैक और अगली पीढ़ी की ऑटोमोबाइल तकनीकों पर काम करने वाला बुनियादी ढांचा शामिल होगा। इससे भारतीय बाजार की जरूरतों के अनुरूप वाहनों और तकनीकों को विकसित करने में मदद मिल सकती है।

हुंडई और किआ के कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

यह निवेश हुंडई मोटर इंडिया और किआ इंडिया के विनिर्माण तथा कारोबार को मजबूत करने पर भी केंद्रित होगा। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत में समूह की संयुक्त वार्षिक वाहन उत्पादन क्षमता 14 लाख से अधिक है। नई निवेश योजना के तहत उत्पादन सुविधाओं का विस्तार कर भारत को कंपनी के प्रमुख वैश्विक विनिर्माण और निर्यात केंद्रों में शामिल करने का लक्ष्य है।

भारत में स्थानीय स्तर पर वाहन के पुर्जे तैयार करने और उनकी खरीद बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। इससे घरेलू ऑटो पार्ट्स निर्माताओं, छोटे और मध्यम उद्योगों तथा सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों के लिए कारोबारी अवसर बढ़ सकते हैं।

इलेक्ट्रिक वाहनों और नई मोबिलिटी पर भी ध्यान

निवेश योजना में भविष्य की मोबिलिटी से जुड़े क्षेत्रों को भी महत्व दिया गया है। इनमें इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क, वाहन वित्तपोषण, वाहन पुनर्चक्रण और नई तकनीकों से जुड़े कारोबार शामिल हैं। कंपनी भारत में स्थानीय भागीदारों और सप्लायरों के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी काम करेगी

इसका उद्देश्य केवल वाहन उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत में ऑटोमोबाइल उद्योग से जुड़े व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करना है। इससे तकनीकी अनुसंधान, इंजीनियरिंग, कलपुर्जा निर्माण और अन्य सहायक सेवाओं में निवेश की संभावनाएं बन सकती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद घोषणा

हुंडई मोटर ग्रुप के कार्यकारी अध्यक्ष ईइसुन चुंग ने 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान समूह की दीर्घकालिक निवेश रणनीति पर चर्चा की। कंपनी ने कहा कि भारत उसके भविष्य के विकास, उभरते बाजारों में विस्तार और अगली पीढ़ी की ऑटोमोबाइल तकनीकों के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बाजार है।

कुल मिलाकर, 15.5 अरब डॉलर की यह प्रतिबद्धता भारत में हुंडई समूह की दीर्घकालिक मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। हालांकि, निवेश से कितनी नई नौकरियां पैदा होंगी और उत्पादन क्षमता में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका विस्तृत आंकड़ा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

Bharat Baani Bureau

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