21 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : 65 वर्ष की उम्र के बाद घुटनों की मजबूती बनाए रखना, संतुलन सुधारना और रोजमर्रा के कामों को आसानी से करना बेहद महत्वपूर्ण है। नियमित हल्का व्यायाम जांघों की मांसपेशियों को मजबूत करने, जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने और चलने-फिरने में आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद कर सकता है। हालांकि, व्यायाम का चुनाव व्यक्ति की शारीरिक क्षमता, घुटनों के दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार करना चाहिए।
घुटनों के लिए सुबह की एक्सरसाइज क्यों जरूरी है?
उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की ताकत, लचीलापन और संतुलन प्रभावित हो सकते हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि इन क्षमताओं को बनाए रखने और स्वतंत्र रूप से दैनिक काम करने में मदद करती है। 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार एरोबिक गतिविधियों, मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम और संतुलन सुधारने वाली गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
घुटनों को मजबूत बनाने के लिए 6 आसान व्यायाम
1. कुर्सी पर बैठकर घुटना सीधा करना
- मजबूत कुर्सी पर पीठ सीधी करके बैठें।
- एक पैर को धीरे-धीरे सामने की ओर सीधा करें।
- कुछ सेकंड रुकें और पैर वापस नीचे लाएं।
- प्रत्येक पैर से 5–10 बार शुरुआत करें।
यह व्यायाम जांघों की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद करता है।
2. कुर्सी पर बैठकर मार्चिंग
- कुर्सी पर सीधे बैठें और जरूरत हो तो हाथों से सहारा लें।
- एक घुटने को आरामदायक ऊंचाई तक उठाएं।
- पैर नीचे रखकर दूसरे घुटने से यही प्रक्रिया दोहराएं।
- दोनों पैरों से 10-10 बार करें।
यह हल्की गतिविधि शरीर को व्यायाम के लिए तैयार करने और पैरों की गतिशीलता बनाए रखने में मदद कर सकती है।
3. सहारा लेकर एड़ी उठाना
- मजबूत कुर्सी या काउंटर को पकड़कर सीधे खड़े हों।
- धीरे-धीरे एड़ियां उठाकर पंजों पर आएं।
- एक-दो सेकंड रुकें और एड़ियां नीचे रखें।
- 5–10 बार दोहराएं।
इससे पिंडलियों की मांसपेशियों और खड़े रहने की क्षमता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
4. कुर्सी से धीरे-धीरे खड़े होना और बैठना
- ऐसी मजबूत कुर्सी चुनें जिसकी सीट बहुत नीची न हो।
- पैरों को जमीन पर टिकाकर धीरे-धीरे खड़े हों।
- जरूरत पड़ने पर हाथों से सहारा लें।
- नियंत्रित तरीके से वापस बैठें।
- शुरुआत में 3–5 बार पर्याप्त हैं।
यदि घुटनों में दर्द, अस्थिरता या संतुलन की परेशानी हो, तो इस व्यायाम को फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह के बिना न करें।
5. हल्की सैर
सुबह समतल रास्ते पर 5–10 मिनट की आरामदायक सैर से शुरुआत करें। शरीर अभ्यस्त होने पर समय धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है। ऐसे जूते पहनें जिनकी पकड़ अच्छी हो और शुरुआत में असमान जमीन तथा ढलान से बचें।
6. सहारा लेकर संतुलन का अभ्यास
- मजबूत कुर्सी या काउंटर के पास खड़े हों।
- दोनों पैरों पर वजन बराबर रखें।
- सहारा पकड़कर 10–20 सेकंड तक स्थिर रहने की कोशिश करें।
- जरूरत पड़ने पर तुरंत बैठ जाएं।
यदि गिरने का खतरा हो, तो यह अभ्यास अकेले न करें। संतुलन संबंधी गतिविधियां बुजुर्गों के लिए उपयोगी हो सकती हैं, लेकिन सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
