26 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान एक नया खुलासा सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपियों का शुरुआती निशाना अभिनेता आमिर खान हो सकते थे, लेकिन उन तक पहुंचना मुश्किल होने के कारण कथित तौर पर उन्होंने अपना लक्ष्य बदल दिया। इसके बाद टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया गया, जिनकी गतिविधियों के बारे में आरोपियों को सोशल मीडिया और प्रशंसकों की पोस्ट से जानकारी मिली थी। हालांकि, जांच एजेंसियों ने मामले के सभी पहलुओं की पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं की है और जांच अभी जारी है।
आमिर खान के घर के आसपास की गई रेकी
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने मुंबई में करीब एक महीने तक रहकर आमिर खान के आवास के आसपास कई बार रेकी की थी। रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा गया कि आरोपियों ने कम से कम तीन बार उनके घर के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी।
बताया गया कि आमिर खान अक्सर फिल्मों की शूटिंग के लिए बाहर रहते थे या लंबे समय तक घर के भीतर रहते थे। उनकी गतिविधियों का अनुमान लगाना और उन तक पहुंचना कथित हमलावरों के लिए मुश्किल हो रहा था। इसी वजह से उन्होंने दूसरे अभिनेता को निशाना बनाने का फैसला किया।
यह जानकारी फिलहाल मीडिया रिपोर्टों में पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इसलिए इसे जांच में अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य के बजाय जांच की दिशा से जुड़ा दावा समझना चाहिए।
टाइगर श्रॉफ को क्यों बनाया गया निशाना?
रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों ने सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और प्रशंसकों की पोस्ट के जरिए टाइगर श्रॉफ की दिनचर्या के बारे में जानकारी जुटाई थी। बताया गया कि अभिनेता नियमित रूप से मुंबई के जुहू इलाके में एक मैदान पर फुटबॉल खेलने जाते थे। उनकी इस नियमित गतिविधि के कारण कथित हमलावरों के लिए उनके आने-जाने के समय का अनुमान लगाना आसान हुआ।
पुलिस सूत्रों के हवाले से प्रकाशित खबरों में दावा किया गया कि आरोपियों ने टाइगर को अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य माना। जांचकर्ताओं को यह भी पता लगाना है कि उन्हें निर्देश किसने दिए, अन्य लोगों की क्या भूमिका थी और हमले की पूरी साजिश कैसे तैयार की गई।
18 अक्टूबर को हुई थी फायरिंग
18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने अभिनेता की कार पर कई गोलियां चलाईं और फिर वहां से फरार हो गए। टाइगर इस घटना में सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई थी।
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच तेज की और कथित हमलावरों तथा उनके सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल शुरू की। मामले में गिरफ्तारियां भी हुई हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आए, आरोपियों को किसने सहायता दी और क्या इस घटना के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ था।
क्या मामले का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से है?
कुछ मीडिया रिपोर्टों में इस मामले को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कथित नेटवर्क के संदर्भ में देखा गया है। रिपोर्टों के अनुसार, जांच में अन्य बॉलीवुड अभिनेताओं के आवासों के आसपास की गई कथित रेकी की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, किसी व्यक्ति या गिरोह की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
इस मामले की रिपोर्टिंग में शुरुआती निशाने को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं। कुछ शुरुआती खबरों में सलमान खान को कथित मूल निशाना बताया गया था, जबकि बाद की रिपोर्टों में आमिर खान का नाम सामने आया। यह अंतर इस बात को रेखांकित करता है कि जांच के दौरान सामने आ रही सूचनाओं को सावधानी से देखना जरूरी है।
जांच के नतीजों पर टिकी नजरें
आमिर खान के कथित तौर पर मुश्किल से उपलब्ध रहने और टाइगर श्रॉफ की नियमित गतिविधियों की जानकारी हमलावरों तक पहुंचने का दावा इस मामले का अहम पहलू बन गया है। लेकिन यह कहना कि आमिर खान की जीवनशैली ने निश्चित रूप से उनकी जान बचाई, अभी उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी से साबित नहीं होता।
जांचकर्ताओं के सामने अब मुख्य सवाल हैं कि हमले का वास्तविक उद्देश्य क्या था, कथित साजिश के पीछे कौन लोग थे और क्या दूसरे अभिनेताओं को भी निशाना बनाने की योजना थी। पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की अधिक स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी।
