28 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में अंतरराष्ट्रीय हॉकी के सबसे बड़े आयोजनों में से एक की मेजबानी की महत्वाकांक्षा जाहिर करते हुए 2030 हॉकी विश्व कप पंजाब में कराने की पेशकश की है। जालंधर में मंगलवार को हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026 के उद्घाटन समारोह के दौरान मान ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह से आग्रह किया कि 5 नवंबर को टूर्नामेंट के समापन समारोह में पंजाब को 2030 विश्व कप की मेजबानी देने की घोषणा की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी के लिए तैयार है। उन्होंने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को राज्य की क्षमता दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया और उम्मीद जताई कि सफल आयोजन से 2030 विश्व कप की मेजबानी के लिए पंजाब का दावा मजबूत होगा।
पहली बार पंजाब में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी
पंजाब पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है। मंगलवार को जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में मुख्यमंत्री मान ने टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। प्रतियोगिता में भारत के अलावा बांग्लादेश, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और मलेशिया की टीमें हिस्सा ले रही हैं।
टूर्नामेंट के सभी लीग मुकाबले जालंधर में खेले जा रहे हैं, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। टूर्नामेंट का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक होना है।
मान ने इस आयोजन को पंजाब के हॉकी इतिहास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्य की धरती पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को खेलते देखना लंबे समय से पंजाब के हॉकी प्रेमियों और खिलाड़ियों की इच्छा रही है।
‘पंजाब और हॉकी का रिश्ता गहरा’
मुख्यमंत्री ने पंजाब के हॉकी योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने भारत को अनेक ओलंपियन, विश्व चैंपियन और महान हॉकी खिलाड़ी दिए हैं। उन्होंने बलबीर सिंह सीनियर, ध्यानचंद युग के बाद के दिग्गजों और पंजाब से जुड़े अन्य खिलाड़ियों के योगदान को याद किया।
मान ने कहा कि पंजाब का हॉकी से संबंध केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की खेल संस्कृति और गौरव का हिस्सा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे आयोजन युवा खिलाड़ियों को हॉकी और अन्य खेलों की ओर आकर्षित करेंगे।
खेल ढांचे को मजबूत करने का दावा
मान ने कहा कि पंजाब सरकार खेलों के लिए बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत कर रही है। उनके अनुसार, राज्य में 3,000 से अधिक खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं और पंजाब स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स के 14 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में करीब 1,870 खिलाड़ी विशेष प्रशिक्षण ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने 2023 में लागू खेल नीति और खेलों के लिए ₹1,744 करोड़ के आवंटन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
खेल पर्यटन और स्थानीय कारोबार को मिलेगा फायदा
मान ने कहा कि बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का फायदा केवल खिलाड़ियों और दर्शकों तक सीमित नहीं रहता। इससे खेल पर्यटन, होटल एवं हॉस्पिटैलिटी, खेल सामान उद्योग और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है।
2030 विश्व कप की मेजबानी मिलने की स्थिति में पंजाब के जालंधर और मोहाली जैसे शहरों को अंतरराष्ट्रीय हॉकी के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, विश्व कप की मेजबानी का अंतिम फैसला संबंधित अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हॉकी संस्थाओं की प्रक्रिया के अनुसार होगा।
विश्व कप की मेजबानी के लिए अगली चुनौती
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की सफल मेजबानी पंजाब के लिए अपनी आयोजन क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर है। हॉकी इंडिया की ओर से 2030 विश्व कप की मेजबानी को लेकर अंतिम घोषणा अभी नहीं हुई है। ऐसे में पंजाब को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्टेडियम, खिलाड़ियों की सुविधाएं, आवास, परिवहन, सुरक्षा और अन्य बुनियादी ढांचे की क्षमता साबित करनी होगी।
फिलहाल मुख्यमंत्री मान की घोषणा ने पंजाब के हॉकी प्रेमियों के बीच 2030 विश्व कप की मेजबानी की उम्मीद जगा दी है। अगर राज्य को यह जिम्मेदारी मिलती है, तो यह पंजाब की हॉकी विरासत और भारत के खेल मानचित्र पर उसकी भूमिका को और मजबूत करने वाला बड़ा आयोजन हो सकता है।
