29 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने कहा है कि देश को ‘न युद्ध, न शांति’ की अनिश्चित स्थिति से बाहर निकालने के लिए ईरानी अधिकारियों की ओर से रखी गई शर्तों को पूरा करना जरूरी है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका की ओर से ईरान पर नए सैन्य हमलों की आशंका बनी हुई है और क्षेत्रीय देश संघर्ष को दोबारा भड़कने से रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुजतबा खामेनेई ने यह बात सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई के साथ बैठक के दौरान कही। उन्होंने राष्ट्रीय एकता मजबूत करने, पड़ोसी देशों के साथ संबंध बेहतर बनाने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर भी जोर दिया।
ईरान ने रखीं युद्ध खत्म करने की शर्तें
ईरान लंबे समय से कहता रहा है कि अमेरिका के साथ किसी स्थायी समझौते के लिए उसकी प्रमुख शर्तों पर सहमति जरूरी है। इनमें ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना और प्रतिबंधों में राहत देना शामिल है। दूसरी ओर, वॉशिंगटन ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंधों और संवर्धित यूरेनियम से जुड़े मुद्दों पर रियायतें चाहता है।
इन परस्पर विरोधी मांगों के कारण बातचीत का रास्ता अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। खामेनेई के ताजा बयान में भी युद्ध समाप्त करने की इच्छा को ईरान की पहले से घोषित शर्तों से जोड़ा गया है। इसलिए इसे तत्काल युद्धविराम या अमेरिका के साथ समझौते की घोषणा नहीं माना जा सकता।
नए अमेरिकी हमलों की आशंका
क्षेत्र में सैन्य तनाव फिर बढ़ने की आशंका के बीच अमेरिकी अधिकारियों ने सहयोगी देशों को संभावित हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। एसोसिएटेड प्रेस की 29 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने कुछ मध्य पूर्वी देशों को संभावित नए हमलों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर जवाबी कार्रवाई के जोखिम के बारे में आगाह किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई पर अंतिम फैसला नहीं किया था। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन की ओर से संभावित कार्रवाई के संकेत और क्षेत्र में सैन्य तैनाती ने तनाव बढ़ा दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का मुद्दा
मुजतबा खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को ईरान की राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र से बड़ी मात्रा में तेल और गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच इस मार्ग को लेकर मतभेद तनाव का प्रमुख कारण बने हुए हैं। किसी भी लंबे व्यवधान से तेल की आपूर्ति, जहाजरानी और वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर असर पड़ सकता है। हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों ने भी समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।
क्षेत्रीय देशों की कूटनीतिक कोशिशें
संघर्ष को दोबारा तेज होने से रोकने के लिए कतर, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान सहित कई देश कूटनीतिक संपर्क बढ़ा रहे हैं। 26 अक्टूबर को तेहरान में ईरान और क्षेत्रीय देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत हुई थी। चीन ने भी तनाव कम करने के लिए अपने विशेष दूतों को क्षेत्र में भेजने की घोषणा की। इन प्रयासों का उद्देश्य संवाद के जरिए टकराव को रोकना और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।
क्या बातचीत से निकलेगा समाधान?
मुजतबा खामेनेई का बयान संकेत देता है कि ईरान संघर्ष से बाहर निकलने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है, लेकिन वह अपनी घोषित शर्तों से पीछे हटने का संकेत नहीं दे रहा। अमेरिका की मांगें भी तेहरान की मांगों से काफी अलग हैं। ऐसे में स्थायी समझौते के लिए दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर करना जरूरी होगा।
फिलहाल किसी नए समझौते या युद्धविराम की पुष्टि नहीं हुई है। क्षेत्रीय देशों की मध्यस्थता और अमेरिका-ईरान के अगले कदम यह तय करेंगे कि मौजूदा तनाव बातचीत की दिशा में बढ़ता है या फिर सैन्य टकराव का नया दौर शुरू होता है।
