29 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 और 30 अक्टूबर को इन क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका जताई है। मौसम में इस बदलाव के बीच तापमान में गिरावट और सर्दी का अहसास बढ़ने की संभावना है। हालांकि, क्षेत्र में वास्तविक ठंड का असर अलग-अलग स्थानों पर अलग हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम अस्थिर बना हुआ है। पंजाब में 28 से 31 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से छिटपुट बारिश की संभावना है, जबकि हरियाणा और चंडीगढ़ में 29 और 30 अक्टूबर को बारिश और गरज-चमक का असर अधिक रह सकता है।
29 और 30 अक्टूबर को ओलावृष्टि की आशंका
IMD के 29 अक्टूबर को जारी उप-मंडलवार पूर्वानुमान में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए 29 तथा 30 अक्टूबर को गरज-चमक और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। कुछ स्थानों पर तेज झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, आंधी के दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकते हैं।
इस दौरान लोगों को बिजली चमकने और तेज हवाओं के समय खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है। मौसम विभाग के ताजा जिला-स्तरीय बुलेटिन पर नजर रखना भी जरूरी है, क्योंकि बारिश और ओलावृष्टि की तीव्रता हर जिले में एक जैसी नहीं होगी।
धान की फसल और मंडियों पर असर की आशंका
मौसम में बदलाव ऐसे समय आया है, जब पंजाब में धान की कटाई और मंडियों में खरीद का काम जारी है। बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंच सकता है, जबकि तेज हवाएं फसल को गिरा सकती हैं। कटाई के बाद खुले में रखे धान के भीगने से उसकी गुणवत्ता, सुखाने और भंडारण में दिक्कतें आ सकती हैं।
मंडी में खुले में रखी उपज पर भी मौसम का असर पड़ सकता है। बारिश के कारण अनाज की ढुलाई और उठान में देरी होने की आशंका रहती है। मौसम विभाग ने किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखने की सलाह दी है।
तापमान में गिरावट, सर्दी का अहसास बढ़ने की उम्मीद
पिछले कुछ दिनों से पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में दिन और रात के तापमान में अंतर बना हुआ है। बारिश, बादल और तेज हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को सर्दी का अधिक अहसास होगा। चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में भी मौसम बदलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है।
हालांकि, इस बदलाव को पूरे क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी की शुरुआत मानना अभी जल्दबाजी होगी। मौसम की स्थिति और तापमान में होने वाले बदलाव पर अगले कुछ दिनों की परिस्थितियों का असर पड़ेगा।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को बारिश के समय सावधानी बरतनी चाहिए और किसानों को अपनी फसल तथा कृषि उपकरण सुरक्षित रखने चाहिए।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को मौसम पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। बारिश और ओलावृष्टि का असर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। किसानों और आम लोगों के लिए सलाह है कि वे IMD के ताजा जिला-स्तरीय पूर्वानुमान के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनाएं।
