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चंडीगढ़, 31 जनवरी (भारत बानी): पंजाब के जल संसाधन और भूमि एवं जल संरक्षण मंत्री स. चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने केंद्र सरकार को फिर अपील की है कि वह भूजल के निरंतर घटने के कारण चिंताजनक स्थिति की ओर बढ़ रहे पंजाब राज्य को अटल-भू जल योजना में शामिल करे। उन्होंने अफ़सोस जताया कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर पत्र-व्यवहार करने के बावजूद केंद्र सरकार के कान पर जूँ नहीं सरक रही।

पंजाब सिविल सचिवालय स्थित अपने दफ़्तर में राज्य में भूजल के कम हो रहे स्तर को रोकने और पानी को प्रदूषित होने से बचाने सम्बन्धी राज्य सभा मैंबर संत बलबीर सिंह सीचेवाल के साथ विचार-विमर्श के दौरान स. चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा इस मामले सम्बन्धी कई बार लिखा जा चुका है परन्तु केंद्र सरकार द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही। उन्होंने संत सीचेवाल से अपील की कि वह अपने स्तर पर भी केंद्र सरकार के पास राज्य की माँग ज़ोरदार ढंग से उठाएँ।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अटल-भू-जल योजना के अंतर्गत उन राज्यों की मदद की जाती है, जहाँ भूजल की स्थिति गंभीर है परन्तु देश का पेट भरने वाले पंजाब के साथ सौतेली माँ का सुलूक करते हुए केंद्र सरकार ने पंजाब को इस योजना में शामिल ही नहीं किया, जबकि राज्य में भूजल का स्तर निरंतर घटता जा रहा है।

इसी दौरान संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बताया कि जल संसाधनों संबंधी बनी संसदीय समिति में वह मैंबर होने के नाते इस योजना के अंतर्गत पंजाब को बाहर रखे जाने पर पहले भी सख़्त ऐतराज़ जता चुके हैं और पंजाब को इस योजना में शामिल करने के लिए लिख भी चुके हैं।  

संत सीचेवाल द्वारा सतलुज नदी के धुस्सी बाँध पर पक्की सडक़ बनाने की माँग संबंधी कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिए कि वह तुरंत पंजाब मंडी बोर्ड से सम्पर्क कायम करें ताकि सडक़ बनाने सम्बन्धी आगे की कार्यवाही अमल में लाई जा सके। उन्होंने कहा कि दरिया किनारे सडक़ बनने से धुस्सी बाँध को मज़बूती मिलेगी और बाढ़ के दौरान दरार पडऩे की घटनाओं को काफ़ी हद तक रोका जा सकेगा।

स. चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने विभाग के अधिकारियों को हिदायत की कि वह राज्य के दरियाओं और पुलों के नीचे सफ़ाई सुनिश्चित बनाएँ ताकि दरिया के पानी की निकासी सही ढंग से हो सके। उन्होंने कहा कि अब जब बरसातों के समय में 6 महीने का समय रह गया है तो यह ज़रूरी है कि सफ़ाई के कार्यों में तेज़ी लाई जाए।

बैठक के दौरान जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव श्री कृष्ण कुमार, चीफ़ इंजीनियर (ड्रेनेज) श्री हरदीप सिंह महन्दीरत्ता, चीफ़ इंजीनियर (नहरें) श्री शेर सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Bharat Baani Bureau

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