21 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के बीच तुलना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज AB डिविलियर्स की एक टिप्पणी पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर दोड्डा गणेश ने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। गणेश ने सोशल मीडिया पर डिविलियर्स की राय का जवाब देते हुए लिखा, “Pass on the weed, brother.”
दरअसल, डिविलियर्स ने हाल ही में भारत के बल्लेबाजों के विदेशी परिस्थितियों में प्रदर्शन पर बात करते हुए सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तुलना की थी। उन्होंने माना कि सचिन ने उपमहाद्वीप के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल विदेशी परिस्थितियों में सफल होने का रास्ता बनाया, लेकिन उनके अनुसार कोहली ने उस स्तर को और ऊंचा किया।
डिविलियर्स ने कहा कि सचिन ने सबसे पहले यह दिखाया कि भारतीय बल्लेबाज उछाल और सीम वाली परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। हालांकि, उनके मुताबिक कोहली ने इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए खुद को सचिन से भी बेहतर साबित किया।
डिविलियर्स की इस राय से दोड्डा गणेश सहमत नजर नहीं आए। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ने X पर उनकी टिप्पणी को साझा करते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में जवाब दिया। उनके इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर सचिन बनाम कोहली की बहस एक बार फिर तेज हो गई।
डिविलियर्स ने अपनी बात केवल सचिन और कोहली तक सीमित नहीं रखी। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों के विदेशी परिस्थितियों में प्रदर्शन से मौजूदा भारतीय बल्लेबाजों को भी प्रेरणा मिली है। उन्होंने KL राहुल और देवदत्त पडिक्कल का उदाहरण देते हुए कहा कि नई पीढ़ी के बल्लेबाज भी विदेशी दौरों पर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, डिविलियर्स की टिप्पणी के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच आंकड़ों को लेकर भी बहस शुरू हो गई। टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने अपने करियर में 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन और 51 शतक बनाए। उनके विदेशी टेस्ट प्रदर्शन को भी बेहद प्रभावशाली माना जाता है।
दूसरी ओर, विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में 123 मैचों में 9,230 रन बनाए और 30 शतक लगाए। कोहली ने विदेशी परिस्थितियों में भी कई यादगार पारियां खेलीं और ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड तथा दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में भारतीय बल्लेबाजी की अगुवाई की।
आंकड़ों के आधार पर सचिन और कोहली की तुलना करना आसान नहीं है, क्योंकि दोनों अलग-अलग दौर में खेले। सचिन ने ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शुरू किया था जब वनडे और टेस्ट क्रिकेट की परिस्थितियां आज से काफी अलग थीं। वहीं, कोहली ने आधुनिक क्रिकेट के दौर में लंबा करियर बनाया, जिसमें फिटनेस, तकनीक और सीमित ओवरों के क्रिकेट का प्रभाव काफी बढ़ चुका है।
डिविलियर्स की टिप्पणी मुख्य रूप से मुश्किल विदेशी परिस्थितियों में प्रदर्शन को लेकर थी। उनके अनुसार, सचिन ने भारतीय बल्लेबाजों के लिए एक रास्ता तैयार किया, जबकि कोहली ने उस परंपरा को और आगे बढ़ाया। लेकिन गणेश की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि यह राय सभी पूर्व खिलाड़ियों और प्रशंसकों को स्वीकार्य नहीं है।
सचिन तेंदुलकर भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन और शतक का रिकॉर्ड लंबे समय से कायम है। दूसरी तरफ, कोहली ने आधुनिक क्रिकेट में कई रिकॉर्ड बनाए हैं और खास तौर पर वनडे क्रिकेट में उनकी निरंतरता ने उन्हें महान बल्लेबाजों की सूची में शामिल किया है।
दोनों खिलाड़ियों के प्रशंसकों के बीच इस तरह की तुलना अक्सर सोशल मीडिया पर बहस का कारण बनती है। जहां एक पक्ष सचिन के लंबे करियर और आंकड़ों को आधार बनाता है, वहीं दूसरा पक्ष कोहली के आधुनिक क्रिकेट में प्रदर्शन, फिटनेस और विदेशी परिस्थितियों में उनकी सफलता को महत्व देता है।
इस पूरे विवाद में दोड्डा गणेश की प्रतिक्रिया ने चर्चा को और दिलचस्प बना दिया है। उनकी टिप्पणी सीधे तौर पर डिविलियर्स की राय से असहमति जताती है, लेकिन इसे गंभीर क्रिकेट विश्लेषण के बजाय एक मजाकिया सोशल मीडिया प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
फिलहाल सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की महानता को लेकर बहस जारी है। डिविलियर्स की राय और गणेश के जवाब ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मुश्किल विदेशी परिस्थितियों में भारतीय क्रिकेट का सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज कौन रहा है। इसका जवाब काफी हद तक प्रशंसकों की पसंद और तुलना के पैमाने पर निर्भर करता है।
