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11 जून: सुपरनैचुरल हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘मुंज्या’ सिनेमाघरों में 6 जून को रिलीज हो चुकी है। 2 घंटे 3 मिनट की लेंथ वाली इस फिल्म में आपको हॉरर के साथ-साथ कॉमेडी का डबल डोज मिलेगा। ये मूवी ऑडियंस को हंसाने के साथ-साथ डराने में भी पूरी तरह से कामयाब रही है। फिल्म को आदित्य सरपोतदार ने डायरेक्ट किया है। वहीं योगेश चंदेकर ने कहानी को बहुत शानदार तारीके से लिखा है। मुंज्या की कहानी 1952 में शुरू होती है, जिसमें एक लड़के को मुन्नी नाम की लड़की से प्यार हो जाता है, लेकिन कहते हैं न कि प्यार ऐसे ही नहीं मिलता है। उसका परिवार उसके प्यार के खिलाफ होता है। जब इस बारे में लड़के की मां को पता चलता है तो वह उसका जबरदस्ती जनेऊ संस्कार करवाती हैं।

फिल्म ‘मुंज्या’ की कहानी नया मोड़ देखने को मिलता है। लड़के के मन में मुन्नी के लिए प्यार बढ़ता जाता है। वह पास के एक जंगल में मुन्नी को पाने की उम्मीद में काला जादू करने लगता है और इसके लिए अपनी बहन की बलि देने की तैयारी करता है, लेकिन उसका किया उस वक्त उल्टा पड़ जाता है, जब बहन से छीना झपटी में उसे चोट लग जाती है और वह मर जाता है। उसका परिवार उसे उसी पेड़ के नीचे दफ कर देता है जहां वो मुन्नी के प्यार में पागल होकर काला जादू करता था। इसके बाद कहानी आज का समय दिखाया जाता है, जिसमें दिखाया जाता है कि एक पुणे का रहने वाला लड़का बिट्टू (अभय वर्मा) कॉस्मेटोलॉजी का स्टूडेंट होता है जो हमेशा शांत रहना पसंद करता है और लोगों से बहुत कम बात करता है। वह अपनी मां पम्मी (मोना सिंह) और दादी (सुहास जोशी) के साथ खुशी से रहता है। वहीं कहानी में एक और नया ट्विस्ट देखने को मिलता है वह अपनी दोस्त बेला (शरवरी) को पसंद करता है, लेकिन वो अपने प्यार का इजहार उसके सामने नहीं कर पाता है और डरता है कि कहीं अगर मैंने बता दिया तो वो छोड़कर चली जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिल्म ‘मुंज्या’ पहली भारतीय हॉरर फिल्म है, जिसमें (CGI) कंप्यूटर जेनरेटेड इमेजिनरी कैरेक्टर का इस्तेमाल किया गया है।

फिल्म ‘मुंज्या’ का निर्देशन

डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और सिनेमाटोग्राफी को बहुत ही बारीकी से तैयार किया गया है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब बिट्टू अपने दादा के गांव में एक शादी में जाता है और इस दौरान उसके सामने कुछ पुराने राज खुलने लगते हैं। वहीं बिट्टू के चाचा एक खौफनाक पारिवारिक रहस्य का खुलासा करते हैं और बताते हैं कि उसकी दादी ही वह लड़की है, जिसने अनजाने में अपने भाई को मुंज्या नाम की आत्मा को बनाया था। इस राज को जानने के बाद बिट्टू को डरावनी शक्ति का सामना करना पड़ता है। बता दें कि महाराष्ट्र में मुंज्या भूत को कहते हैं। मुंज्या बिट्टू को अपने बस में कर लेता है और दादी को मार डालता है। अब मुंज्या जो एक भूत है वह बेला को परेशान करने लग जाता है। फिल्म की कहानी को बहुत अच्छे से पेश किया गया है। इतना ही नहीं उन्होंने जिस तरह से फिल्म को डायरेक्ट किया है वो काबिले तारीफ है। 

फिल्म ‘मुंज्या’ का म्यूजिक

हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘मुंज्या’ एक गेम चेंजर जैसी है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और म्यूजिक सस्पेंस को बढ़ाता है, जिससे दर्शक कहानी से बंधे रहते हैं। फिल्म के गाने की धुन आपके दिमाग और दिल में जगह बना लेगी।

स्टार कास्ट की एक्टिंग

फिल्म ‘मुंज्या’ में अभय वर्मा और मोना सिंह ने अपनी शानदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। वहीं शरवरी का किरदार लोगों को बहुत पसंद आया। अभय वर्मा की मासूमियत ने तो बिट्टू के किरदार में जान फूंक दी।

ऐसी थी फिल्म

दिनेश विजन और अमर कौशिक द्वारा निर्मित और मैडॉक फिल्म्स प्रोडक्शन के तहत बनी फिल्म ‘मुंज्या’ बहुत मजेदार फिल्म है ये देखने लायक है। वहीं, फिल्म का सेकेंड हाफ आपको सीट से उठाने नहीं देगा।

Bharat Baani Bureau

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