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नई दिल्ली. दिवाली बीत गई. ठंड की शुरुआत भी नहीं हुई है, मगर दिल्ली की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है. लोग स्वच्छ हवा में सांस लेने के लिए तड़प रहे हैं. धुंध और कोहरे ने भी शहर में घेरा डाल लिया, सुबह होते ही मानों जैसे हॉलीवुड की फिल्मों की तरह गैस के चैंबर में सांस ले रहे हैं. लोगों ने मॉर्निंग वॉकिंग तक छोड़ दी. बताते चलें कि सोमवार को सुबह दिल्ली का एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया गया. वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई. आनंद विहार की वायु गुणवत्ता 427 बना हुआ है.

दिल्ली की सोमवार को वायु गणवत्ता 393 से 424 तकपहुंच गई. हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है. नोएडा में AQI 336 और हरियाणा के गुरुग्राम में 310 दर्ज किया गया. हालांकि दिवाली के बाद के शुरुआती दिन उम्मीद के मुताबिक एक्यूआई ‘गंभीर’ श्रेणी में नहीं थे, लेकिन फिर से हवाओं की रफ्तार कम हो गई है जिसके वजह से वायु गुणवत्ता खराब हो गई है.

दिल्ली के अलग-अलग जगहों पर हवा का हाल भी जान लें

  1. आनंद विहार-               427
  2. आरके पुरम-                 388
  3. न्यू मोती बाग –              398
  4. द्वारका सेक्टर 8-           384
  5. आईटीओ-                    344
  6. विवेक विहार-               426
  7. जहांगीरपुरी-                 417
  8. बवाना-                         409
  9. जेएलएन स्टेडियम-       352
  10. लोधी रोड-                    302

Aqi.in के अनुसार देश के टॉप 10 प्रदूषित शहर कौन हैं.

शहर            एक्यूआई

  1. हिसार                 426
  2. नई दिल्ली           424
  3. आगरा                423
  4. भिवानी               413
  5. सोनीपत              396
  6. गाजियाबाद         363
  7. फतेहपुर सिकरी  355
  8. सिरसा                353
  9. रोहतक              352
  10. मुजफ्फरपुर        350

देश के सबसे स्वच्छ हवा वाले शहर

  1. चन्नारायपट्टन, कर्नाटक – 8 (अच्छा)
  2. बिष्णुपुर, मणिपुर – 10 (अच्छा)
  3. बेलूर, कर्नाटक – 11 (अच्छा)
  4. सिलचर, असम – 11 (अच्छा)
  5. काकचिंग, मणिपुर – 11 (अच्छा)

सांसों की बिमारियां जकड़ रही है
चूँकि दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए एक सर्वेक्षण रिपोर्ट से पता चला है कि कम से कम 69 प्रतिशत परिवारों में एक या एक से अधिक सदस्य प्रदूषण से संबंधित बीमारियों से पीड़ित हैं, जिनमें गले में खराश, सांस लेने में समस्या और खांसी शामिल हैं. एक ऑनलाइन सर्वेक्षण (न्यूज18 इंडिया पुष्टि नहीं करता है) के के अनुसार, 62 प्रतिशत परिवारों में एक या एक से अधिक सदस्यों की आंखों में जलन हो रही है, जबकि 46 प्रतिशत परिवारों में किसी न किसी को नाक बहने या नाक बंद होने की समस्या है.

Bharat Baani Bureau

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