इस्लामाबाद 05 मई 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) -: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हिंदू नरसंहार ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया. इस हमले के पीछे पाकिस्तानी सेना की गहरी साजिश का खुलासा हुआ है. इसमें सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की भारत-विरोधी रणनीति के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को खत्म करने की मंशा साफ झलकती है. जुनून बैंड के सदस्य और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) नेता डॉ. सलमान अहमद ने न्यूज-18 को दिए विशेष इंटरव्यू में पाकिस्तानी जनरल मुनीर की खतरनाक मंशा को बेपर्दा किया और बताया कि शहबाज शरीफ मुनीर की कठपुतली हैं. अहमद ने कहा, ‘मुनीर इमरान खान को खत्म करना चाहते हैं. प्रवासी पाकिस्तानियों के सामने उनका भाषण अनावश्यक था. उन्होंने सांप्रदायिक विभाजन की बात की, जैसे ब्रिटिश सेना ने ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाई थी.’
पहलगाम हमले से ठीक पहले, इस्लामाबाद में प्रवासी पाकिस्तानियों के सम्मेलन में मुनीर ने दो-राष्ट्र सिद्धांत का हवाला देकर भारत के खिलाफ जहर उगला. उन्होंने कहा, ‘हमारे पूर्वजों ने माना कि हम हिंदुओं से हर तरह से अलग हैं. हमारा धर्म, रीतियां, परंपराएं, विचार और महत्वाकांक्षाएं अलग हैं. यहीं से दो-राष्ट्र सिद्धांत की नींव पड़ी.’ मुनीर ने कश्मीर को पाकिस्तान की ‘रगों का हिस्सा’ करार दिया था. उन्होंने पाकिस्तानियों से अपने बच्चों को धार्मिक और सांस्कृतिक ‘श्रेष्ठता’ की कहानियां सिखाने का आह्वान किया था. डॉ. सलमान अहमद का मानना है कि यह ‘अनावश्यक और सांप्रदायिक विभाजन’ वाला भाषण था.
इमरान खान के खिलाफ एक्शन की तैयारी
डॉ. अहमद ने खुलासा किया कि मुनीर का असल निशाना इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई हैं. खान, 2023 से जेल में बंद हैं और पाकिस्तान में बड़ी संख्या में उनके समर्थक हैं. मुनीर ने खान के खिलाफ 200 से ज्यादा फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए और 8 फरवरी 2024 के चुनावों में धांधली की, लेकिन खान की लोकप्रियता को खत्म नहीं कर सके. अहमद ने कहा, ‘मुनीर जल्द ही खान और उनके समर्थकों के खिलाफ हिंसा, हत्या, यातना और अपहरण की मुहिम शुरू करेंगे. ये हमले उन लोगों को चुप कराने के लिए होंगे जो मुनीर की अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ बहादुरी से आवाज उठाते हैं.’
मुनीर की कठपुतली हैं शहबाज शरीफ
अमेरिकी संसद में पेश ‘पाकिस्तान लोकतंत्र अधिनियम’ ने मुनीर पर वीजा प्रतिबंध और संपत्ति जब्ती की तलवार लटका दी है. अहमद के मुताबिक, ‘मुनीर नवंबर 2025 से पहले पाकिस्तान पर पूरा नियंत्रण चाहते हैं, ताकि इस बिल के प्रभाव से बच सकें.’ वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को उन्होंने ‘मुनीर की कठपुतली’ करार दिया. अहमद ने कहा कि सत्ता में तीन साल से अधिक समय के दौरान, खान चाहते थे कि सेना बैरकों में रहे, जैसे भारत में होता है. लेकिन 78 वर्षों में, पाकिस्तान को एक सैन्य कार्टेल ने अपने कब्जे में ले लिया है, याह्या खान से लेकर परवेज मुशर्रफ तक और अब मुनीर तक. उन्होंने सब कुछ नियंत्रित किया – अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और मीडिया. लेकिन सेना नागरिक मामलों को नहीं समझती.’
सारांश:
पाकिस्तानी नेता मुनीर ने हिंदुओं के खिलाफ उग्र बयानबाजी की और पाकिस्तानी फौज को बेनकाब किया। उन्होंने शहबाज शरीफ को कठपुतली करार देते हुए पाक सेना की भूमिका को उजागर किया, जिससे राजनीतिक संकट और विवाद गहरा गया।
