कीव 05 मई 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) -: रूस-यूक्रेन के युद्ध में कई बार ऐसी-ऐसी चीजें देखने को मिल रही हैं, जो शायद ही आज से पहले कभी देखा गया हो. काला सागर में यूक्रेन ने पहली बार एक एक कारनामा करके इतिहास रच दिया. यूक्रेनी ने रूस के 4.2 अरब रुपए की कीमत वाले सुखोई-30 (SU-30) फाइटर जेट को मार गिराया है. सुखोई जेट को निशाना लगाना इतिहास नहीं है, बल्कि असल कामयाबी यह है कि यूक्रेन ने यह अपने नए मिसाइल से लैस समुद्री ड्रोन से किया है. यह पहली बार है जब किसी समुद्री ड्रोन ने किसी फाइटर जेट को ध्वस्त किया है. यूक्रेनी सैन्य खुफियी एजेंसी GUR ने इस हमले को ऐतिहासिक करार दिया और इस हमले का जश्न मनाया.

शुक्रवार को यूक्रेन की विशेष इकाई ‘ग्रुप 13’ ने रूस के बड़े बंदरगाह शहर नोवोरोस्सिय्स्क के पास इस कारनामे को अंजाम दिया. मिसाइल से लैस मगुरा V5 समुद्री ड्रोन ने हमले का वीडियो कैप्चर किया. कीव की ओर से जारी वीडियो में दिख रहा है कि ड्रोन रूस के SU-30 जेट पर लॉक हो गया. समुद्र में मौजूद इस ड्रोन ने सीधे ऊपर की ओर मिसाइल दागी और आसमान में एक जबरदस्त विस्फोट हुआ. रूस का 50 मिलियन डॉलर की कीमत वाला फाइटर जेट टुकड़ों में बिखर चुका था. जलते हुए मलबे के साथ जेल काला सागर में समा गया. यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने इस क्लिप को शेयर करते हुए कहा, ‘समुद्र में युद्ध अब नए युग में प्रवेश कर चुका है.’

हेलीकॉप्टर भी गिरा चुका है यूक्रेन
रूस ने यूक्रेन के दावे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक रूसी रक्षा मंत्रालय के करीबी माने जाने वाले ब्लॉगर ‘रायबार’ ने टेलीग्राम पर इसकी पुष्टि की. उन्होंने लिखा, ‘नोवोरोस्सिय्स्क से 50 किमी पश्चिम में यूक्रेनी समुद्री ड्रोन ने Su-30 को मार गिराया. पायलट इजेक्ट कर गए और नागरिक नाविकों ने उन्हें बचा लिया. दोनों जिंदा हैं, लेकिन जेट गया!’ उनका यह कहना यूक्रेन के दावे की पुष्टि करता है. पिछले साल दिसंबर में भी Magura V5 से रूस के M-8 हेलीकॉप्टर को ध्वस्त किया था. यह साफ दिखाते हैं कि यूक्रेनी समुद्री ड्रोन रूस के लिए सिरदर्द हैं.

काला सागर में चल रही जंग
रूस और यूक्रेन के बीच पिछले तीन साल से युद्ध चल रहा है. इस दौरान काला सागर रूस के फाइटर जेट्स और ड्रोन का गढ़ रहा है. यूक्रेन के समुद्री ड्रोन के पास ऊपर से होने वाले हमलों का कोई जवाब नहीं था. लेकिन हाल के महीनों में कीव ने अपने डिफेंस को मजबूक किया है. उसने अपने समुद्री ड्रोन को मिसाइलों से लैस किया है. ये रूसी हेलीकॉप्टरों के लिए काल बनकर आए हैं. लेकिन फाइटर जेट को तबाह कर यूक्रेन ने दिखा दिया है कि काला सागर में अब खेल एकतरफा नहीं रह गया है.

सारांश:
समुद्र में एक खतरनाक आपदा के संकेत के बीच, पुतिन का सुखोई फाइटर जेट आसमान में उड़ रहा था, लेकिन एक पल में वह 400 करोड़ रुपये का नुकसान कर गया। यह घटना एक महंगे सैन्य उपकरण के नष्ट होने से जुड़ी है, जिसने रूस के रक्षा खर्च को भारी झटका दिया।

Bharat Baani Bureau

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