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12 दिसंबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) : जिंदगी का मतलब हमेशा भागते रहना नहीं है। कभी कभी रुक कर भी देखिए, सांसों पर ध्यान दीजिए, कुछ पल खुद के साथ रहिए, तब पता चलेगा कि ये क्यों जरुरी है। अब जैसे भस्त्रिका, भ्रामरी, कपालभाति सिर्फ योग नहीं हैं ये बॉडी के लिए एक ‘रीसेट प्रोसिजर’ है। क्योंकि इंसान सुबह उठते ही मशीन की तरह ON हो जाता है। आज इंसान मशीनों के बीच रहकर खुद ही मशीन बन गया है। जिंदगी एक रेस बन गई है।काम पर पहुंचने की दौड़, टारगेट पूरे करने की होड़, सोशल मीडिया अपडेट रखने का जुनून और खुद को प्रूव करते रहने का प्रेशर है ना नॉन-स्टॉप मैराथन जबकि ‘रुकना’ आज की तमाम बीमारियों का असली इलाज है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स भी कहते हैं दिमाग की भी लिमिट होती है। उसे ओवरलोड करेंगे, तो वो भी हैंग होने लगेगा। इसीलिए आज दुनिया में एक नया कॉन्सेप्ट बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ‘थेरेप्यूटिक लेजीनेस’ नाम सुनकर घबराइए मत ये आलस नहीं है, ये है एक हेल्दी ब्रेक, बिना गिल्ट, बिना अपराधबोध वाला है। आज की सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि हम कुछ न करने को भी गलत मानने लगे हैं। जबकि रिसर्च कहती है हर 90 मिनट के बाद 5-10 मिनट का माइंड ब्रेक, दिमाग को रीसेट कर देता है। मूड ठीक करता है, फोकस बढ़ाता है और क्रिएटिविटी दोगुनी कर देता है।

‘थेरेप्यूटिक लेजीनेस’ यानि दो मिनट बिना फोन के, बस अपनी सांसों पर ध्यान देना। आस-पास की चीजें महसूस करना दिमाग को बिना काम के रहने देना। ये सब दिमाग के लिए जरुरी है। हार्वर्ड रिसर्च के मुताबिक सिर्फ रिलैक्सेशन से हेल्थकेयर की जरूरत को 43% तक कम किया जा सकता है’। जरा सोचिए मशीन को भी ओवरहीट होने पर ठंडा करना पड़ता है तो इंसान को क्यों नहीं ? अगर आप रुकते नहीं तो शरीर के अंदर एंग्जायटी, ओवरथिंकिंग, ब्लड प्रेशर बढ़ना, नींद खराब होना, दिल की थकान बढ़ने लगती हैं। तो आज का सबक बहुत आसान है। रुकिए सांस लीजिए मन की सुनिए याद रखिए, थोड़ा ठहरना..कभी भी पीछे छूट जाना नहीं होता। ये आगे की जिंदगी को बेहतर बनाने की तैयारी होती है।

बीपी को कैसे कंट्रोल करें

खूब पानी पीएं

स्ट्रेस-टेंशन कम लें

खाना समय से खाएं

जंक फूड ना खाएं

6-8 घंटे की नींद लें

फास्टिंग करने से बचे

हार्ट को नेचुरली मजबूत बनाने के उपाय

1 चम्मच अर्जुन की छाल , 2 ग्राम दालचीनी, 5 तुलसी को उबालकर काढ़ा बनाएं। इसे रोज़ पीने से ब्लॉकेज दूर होती है।

किडनी को कैसे बचाएं

सुबह नीम के पत्तों का रस पीएं। इससे किडनी हेल्दी रहेगी। इसके अलावा शाम को पीपल के पत्तों का रस पीएं।

लिवर को बचाने के लिए क्या करें

शुगर कंट्रोल करें।

वज़न कम करें।

लाइफस्टाइल बदले।

कोलेस्ट्रॉल लेवल घटाएं।

ब्रेन को हेल्दी रखने के उपाय

एक्सरसाइज

बैलेंस डाइट

तनाव से दूर

म्यूजिक

अच्छी नींद

सारांश:
स्वामी रामदेव ने स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए नेचुरल और आसान उपाय साझा किए हैं। उनके सुझावों से हार्ट, लीवर और ब्रेन की सेहत बेहतर बनी रहती है। इनमें योग, प्राणायाम और पौष्टिक आहार को शामिल किया गया है, जो रोजमर्रा की जिंदगी में फिट रहने में मदद करते हैं।

Bharat Baani Bureau

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