12फ़रवरी2026 (भारत बानी ब्यूरो) : चेक बाउंस मामले में फंसे राजपाल यादव इस वक्त तिहाड़ जेल में हैं। जेल जाने से ठीक पहले उन्होंने मायूसी जताई थी और कहा था कि उनके पास पैसे नहीं हैं और दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा। इसके बाद से उन्हें लगातार मदद मिलनी शुरू हुई है, और अब सलमान खान और अजय देवगन जैसे दिग्गज भी सामने आ गए हैं। राजपाल यादव के मैनेजर ने कहा है कि एक्टर गुरुवार को रिहा हो सकते हैं। इससे पहले राजपाल यादव दो बार जेल की सजा काट चुके हैं। अपने तीन महीने की जेल की सजा के बाद उन्होंने बताया था कि वहां उन्होंने किस तरह से दिन गुजारा। बताया जाता है कि राजपाल ने बैंक से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इसी मामले में कथित तौर पर बैंक को किश्त न चुका पाने के कारण उन्हें साल 2018 में तीन महीने के लिए जेल की सजा भी हुई थी। राजपाल ने बताया था कि जेल के अंदर उन्होंने ऐसा क्या काम किया कि जेल सुप्रीनटेंडेंट उनके फैन हो गए थे।

राजपाल बोले- अपमान सहकर बैठे रहना ये महा दुष्कर्म

सिद्धार्थ कन्नन ने अपने पॉडकास्ट पर उनसे पूछा था कि क्या कभी ऐसा सिचुएशन था जहां आपको अपने पक्ष के लिए बोलना जरूरी था और आपने नहीं बोला? इसपर राजपाल ने कहा, ‘हां था, उसका इंतजार करूंगा। समय आने दीजिए जरूर बोलूंगा। कभी भी अपमान सहकर बैठे रहना ये महा दुष्कर्म है। कई बार सहा लेकिन एक-आध बार थोड़ा ज्यादा हो गया लेकिन मैंने उसको भी हंसते-हंसते स्वीकार कर लिया। ये भी बोलूंगा कि थैंक यू फिल्म इंडस्ट्री जिन्होंने कभी भी हमारे ऊपर शक नहीं किया।’ राजपाल यादव ने कहा, ‘अगर आंखों में कुछ चोर रखा है तो लोग पक्का जज करेंगे। और आप अगर अपनी नजरों में झुके नहीं हो तो भगवान जिन्होंने आपको बनाया है उनको छोड़ किसी के आगे झुकने की भी जरूरत नहीं है।’

राजपाल ने सुनाया जेल का अनुभव

इसी बातचीत में बैंक लोन न चुका पाने की वजह से 3 महीने जेल की सजा पर भी राजपाल ने बातें कीं। जब उनसे पूछा गया कि जब वो जेल की सजा काटकर बाहर निकले तो क्या लोग आपको जज कर रहे थे, इसपर राजपाल ने कहा, ‘नहीं, अगर हम कन्फ्यूज होते तो लोग हमपर शक करते।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर आंखों में कुछ चोर रखा है तो लोग पक्का जज करेंगे। और आप अगर अपनी नजरों में झुके नहीं हो तो भगवान जिन्होंने आपको बनाया है उनको छोड़ किसी के आगे झुकने की भी जरूरत नहीं है। क्योंकि आपका जमीर जानता है, आप अगर अपनी नजरों में झुके नहीं हो तो अपने अंदर बैठे परमात्मा का रिस्पेक्ट करना और पूरी दुनिया की नजरों के सामने चुनौती बनकर खड़े हो जाना।’

राजपाल जब जेल से निकले थे तो क्या मिला उन्हें

2018 में इस वाकिये पर उन्होंने कहा था, ‘मुझे लगा कि मैं इससे अच्छे लेवल पर बाहर निकलूंगा।” उस माहौल में बीते तीन महीनों पर उन्होंने कहा, “तीन महीने के बाद वहां से निकला…तो वहां से एक सर्टिफिकेट मिलता है। सुप्रीनटेंडेंट साहब थे तो उन्होंने और पूरे स्टाफ ने… उन्होंने दो सर्टिफिकेट दिए। वो बोले कि राजपाल ये जिस स्थान पर आप थे, यहां पिछले 70-100 साल के हिस्ट्री में ऐसा कोई नामचीन नेता या कोई भी आदमी नहीं आया, ये बहुत एतिहासिक जगह है।’

जेल सुपरिटेंडेंट ने राजपाल से कही थी ये बात

राजपाल ने जेल सुपरिटेंडेंट की कही बातों को दोहराते हुए कहा, ‘मैं भी रिटायर होनेवाला हूं लेकिन मेरी भी लाइफ में… आपने यहां जैसे टाइम बिताया है, हमें आपसे प्रेरणा मिली… हमें लग रहा था कि सुबह-सुबह आपसे शिकायतें मिलेंगी या जब मिलोगे तो परेशानी बताओगा लेकिन तीन महीने के लिए दीवारें लाइव हो जाएं, दीवारों में जीवन आ जाए। वहां कई ऐसे लड़के थे जो खड़े नहीं हो पाते थे, जिनको पढ़ाई गीत-संगीत से कोई मतलब, उनके ले लेकर परमिशन ली कि इनको लेकर कुछ वर्कशॉप करना चाहता हूं। उनको वर्कशॉप में लाने में उन्हें दूसरे दिन हंसी आने लगी।’

राजपाल ने जेल में दिनों को याद करते हुए कहा, ‘वहां पर एक वर्कशॉप थी, उसमें जो नए लड़के मिलते थे, जिनसे हमने कभी नहीं पूछा कि तुम कैसे यहां हो लेकिन हम अगर यहां पर हैं तो इस पल को हम बर्बाद कैसे करें तो उसके लिए हमने प्रॉपर थिएटर वर्कशॉप और जो कला-कल्चर में थोड़ा भी इंटरेस्ट रखते थे, तो उनके साथ हम परमिशन लेकर प्रॉपर वर्कशॉप करते थे। उन पलों को क्रिएटिव तरीके से जीने की कोशिश करते थे।’ उन्होंने कहा, ‘ये मेरा स्वभाव है कि हम जहां भी रहें चाहे वो जंगल भी हो वहां मंगल रहे। हमने वहां हर नियम का अच्छे से पालन किया और उनका हमें कैरक्टर सर्टिफिकेट भी मिला कि आपने अनुशासन में अपना बेस्ट देकर प्रशासन को सपोर्ट किया।’

‘वो कह रहे थे- राजपाल, आपसे मिलना हमारा एक संयोग है’

उन्होंने आगे कहा, ‘बहुत से लोग जेल में ऐसे मिले और वहां कुछ फंक्शन भी किए जिनमें हमें स्पीच देने का भी मौका मिला। एडमिनिस्ट्रेशन से लेकर बहुत सारे ऐसे लोग थे जो कह रहे थे कि राजपाल- आपसे मिलना हमारा एक संयोग है और कुछ चीजें जो आप ऐसी दे गए हो जो यहां से निकलकर बाद में जीवन हमारा 100 पर्सेंट बदलेगा।’

राजपाल यादव बोले- हमने वहां हर नियम का अच्छे से पालन किया

जेल में बिताए अपने पलों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘जो हमें काम मिला है यहां रहने के लिए…तो हमारे लिए वो पॉजिटिव ही थी। हमने उसमें कोशिश की कि एक कम्प्लीट जिंदा इंसान बनकर रहूं। और जो मिले हमेशा उनसे पॉजिटिव बात करूं और बहुत खुशी हुई कि जो लोग वहां रहते हैं उन्हें एक सर्टिफिकेट मिलता है कि आपने इस टाइम से इस टाइम तक इस नंबर पर यहां बिताया। ये मेरा स्वभाव है कि हम जहां भी रहें चाहे वो जंगल भी हो वहां मंगल रहे। हमने वहां हर नियम का अच्छे से पालन किया और उनका हमें कैरक्टर सर्टिफिकेट भी मिला कि आपने अनुशासन में अपना बेस्ट देकर प्रशासन को सपोर्ट किया।’

सारांश:
कॉमेडियन राजपाल यादव, जो पहले दो बार जेल जा चुके हैं, ने हाल ही में तीन महीने की कैद भुगती। इस अनुभव ने उनकी जिंदगी में बदलाव लाया और उन्हें आत्मनिरीक्षण और नई दिशा देने का अवसर मिला। इस साहस और बदलाव को देखते हुए उन्हें हाल ही में सम्मानित भी किया गया। उनका सफर लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

Bharat Baani Bureau

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