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25 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : महानगर में कानून के रखवालों की लापरवाही अब उन पर ही भारी पड़ती नजर आ रही है। एक 82 वर्षीय बुजुर्ग के साथ हुई 15 लाख की साइबर धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई न करना 13 पुलिस अधिकारियों को भारी पड़ गया है। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन सभी अधिकारियों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर दिया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने आरोपी के पकड़े जाने के बावजूद उसे भागने का मौका दिया और जांच में घोर लापरवाही बरती।

मामला 2021 का है, जब उधम सिंह नगर के रहने वाले वरिंदर सूद के बैंक खाते से बिना ओटीपी के 15 लाख रुपये उड़ा लिए गए थे। बुजुर्ग न्याय के लिए 5 साल तक दर-दर भटकता रहा और अंत में उसे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित के बेटे ऋषि सूद ने खुद एक आरोपी नील कमल को ट्रेस कर पुलिस को सूचना दी थी। हिमाचल प्रदेश में छापेमारी के दौरान आरोपी पकड़ा भी गया, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उसे हिरासत से भागने दिया और तब से लेकर आज तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। इस मामले की जांच करने वाले 3 एसीपी रैंक के अधिकारियों और 10 इंस्पेक्टर्स को अब सात दिनों के भीतर अपनी सफाई देनी होगी। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सात दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित ने अब बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है।

सारांश:

पंजाब पुलिस ने 13 अधिकारियों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई उनके कार्यों या जिम्मेदारियों में कथित लापरवाही या नियमों के उल्लंघन के चलते की गई मानी जा रही है। संबंधित अधिकारियों को नोटिस के तहत अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया है। मामले की पूरी जांच और विवरण अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

Bharat Baani Bureau

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