03 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटैलिजैंस (ए.आई.) मानव जीवन और दैनिक कामकाज को हर पहलू से प्रभावित कर रही है। उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा के बाद अब कृषि क्षेत्र में भी ए.आई. की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। विशेषकर मौसम की भविष्यवाणी में इस तकनीक के प्रयोग ने किसानों और नीति निर्धारकों के लिए नई संभावनाएं खोल दी हैं। मौसम की सही और समय-समय पर भविष्यवाणी कृषि के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इस क्षेत्र में ए.आई. क्रांतिकारी बदलाव ला रही है।
विशेषज्ञों द्वारा मौसम का सटीक अनुमान लगाने के लिए अब इसका उपयोग किया जाने लगा है। विशेषज्ञों से एकत्रित जानकारी के अनुसार पुराने समय में मौसम का अनुमान पौधों, पक्षियों और जानवरों के व्यवहार से लगाया जाता था। बाद में संख्यात्मक मौसम भविष्यवाणी मॉडल और सुपर कम्प्यूटर आए, जिन्होंने वैज्ञानिक आधार दिया। लेकिन यह प्रक्रिया समय लेने वाली और महंगी रही। अब ए.आई. आधारित प्रणालियां सैटेलाइट, डॉप्लर रडार, मौसमी स्टेशनों और सैंसरों से प्राप्त बड़े डेटा सेटों का तेजी से विश्लेषण करके कम समय में अधिक सटीक परिणाम दे रही हैं।
मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग तकनीकें पिछले लंबे समय के डेटा में से पैटर्न पहचान कर आने वाले दिनों के तापमान, वर्षा और हवा की स्थिति के बारे में अनुमान तैयार करती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ए.आई. 0 से 6 घंटे तक की बहुत ही छोटे समय की भविष्यवाणी (नाऊकास्टिंग) में विशेष लाभदायक साबित हो रही है। इससे अचानक आने वाली गरज-चमक वाली बारिश, बाढ़ या तेज आंधियों के बारे में पहले चेतावनी मिल सकती है।
इसके अलावा, 5 से 10 दिनों की मध्यम अवधि और 10 दिनों से अधिक के लंबे समय के अनुमानों में भी ए.आई. की सहायता से तापमान की लहरों, सर्दी-गर्मी के रुझान और सूखे की स्थिति के बारे में अधिक सटीक जानकारी प्राप्त हो रही है। कृषि के कार्यों जैसे बिजाई, सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव की योजना बनाने में यह डेटा बहुत लाभकारी साबित हो रहा है
सारांश:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने मौसम की भविष्यवाणी के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला दिए हैं। अब किसान और कृषि पेशेवर मौसम के सही पूर्वानुमान के आधार पर फसल की योजना बना सकते हैं, जिससे फसल नुकसान कम होगा और उत्पादन बढ़ेगा। इस तकनीक ने खेती-बाड़ी को अधिक सटीक और लाभदायक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
