14 मई अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : Bhagwant Mann ने कहा है कि पंजाब अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैल्यू-एडेड फसल उत्पादन पर विशेष जोर देगा। यह बयान उन्होंने Shivraj Singh Chouhan के साथ हुई बैठक के बाद दिया। मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती में विविधीकरण जरूरी हो गया है।
बैठक के दौरान कृषि क्षेत्र में सुधार, आधुनिक तकनीक, फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। Bhagwant Mann ने कहा कि पंजाब लंबे समय से गेहूं और धान आधारित खेती पर निर्भर रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि किसान अधिक लाभ देने वाली वैल्यू-एडेड फसलों की ओर बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फल, सब्जियां, बागवानी, प्रोसेसिंग योग्य फसलें और निर्यात आधारित कृषि उत्पाद पंजाब के किसानों के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं। उनका मानना है कि इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि राज्य की कृषि प्रणाली भी अधिक टिकाऊ बनेगी।
Shivraj Singh Chouhan के साथ चर्चा में आधुनिक कृषि तकनीकों और जल संरक्षण पर भी जोर दिया गया। पंजाब लंबे समय से भूजल स्तर गिरने की समस्या से जूझ रहा है और विशेषज्ञ लगातार फसल विविधीकरण की आवश्यकता बताते रहे हैं।
Bhagwant Mann ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को नई फसलों के लिए प्रशिक्षण, बाजार संपर्क और प्रोसेसिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां लाई जा सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैल्यू-एडेड खेती का मतलब केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि फसल की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के जरिए अतिरिक्त आर्थिक लाभ हासिल करना भी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
कृषि अर्थशास्त्रियों के अनुसार, पंजाब की मौजूदा खेती प्रणाली लंबे समय तक टिकाऊ नहीं मानी जा रही। धान की खेती के कारण भूजल दोहन बढ़ा है और किसानों की आय भी सीमित हो गई है। ऐसे में उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर बदलाव को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को किसी भी बदलाव के लिए मजबूर नहीं करेगी, बल्कि उन्हें प्रोत्साहन और बेहतर विकल्प देकर नई खेती पद्धतियों की ओर आकर्षित करेगी।
इस बीच, किसान संगठनों ने सरकार की पहल पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कुछ संगठनों ने इसे सकारात्मक कदम बताया, जबकि कुछ ने कहा कि नई फसलों के लिए मजबूत MSP और बाजार गारंटी जरूरी होगी।
Bhagwant Mann ने यह भी कहा कि पंजाब कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीक अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। उनका मानना है कि यदि सही नीति और बाजार समर्थन मिले, तो राज्य के किसान वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैल्यू-एडेड खेती से कृषि निर्यात बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। प्रोसेस्ड फूड, ऑर्गेनिक उत्पाद और विशेष फसलों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी मांग है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान यह संकेत देता है कि पंजाब सरकार कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में काम कर रही है। वैल्यू-एडेड खेती पर जोर राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
Summary
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब अब वैल्यू-एडेड और विविधीकृत खेती को बढ़ावा देगा ताकि किसानों की आय बढ़े और कृषि प्रणाली अधिक टिकाऊ बन सके।
