19 मई अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : भारतीय शेयर बाजार के IT सेक्टर में जोरदार वापसी देखने को मिली है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में NIFTY IT करीब 8% चढ़ गया, जिससे निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ गया है। हाल के महीनों में भारी बिकवाली का सामना करने वाले IT शेयर अब मजबूत रिकवरी करते दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण काम कर रहे हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं। अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर चिंता कुछ कम हुई है, जिससे टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी बढ़ी है।
भारतीय IT कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है। इसलिए अमेरिकी अर्थव्यवस्था और टेक सेक्टर में सुधार का सीधा असर भारतीय IT शेयरों पर पड़ता है।
हाल की गिरावट के दौरान कई बड़े IT शेयर अपने उच्च स्तरों से काफी नीचे आ गए थे। विश्लेषकों का कहना है कि वैल्यूएशन आकर्षक होने के कारण निवेशकों ने फिर से खरीदारी शुरू की।
इस रैली में बड़े IT शेयरों की अहम भूमिका रही। निवेशकों ने मजबूत बैलेंस शीट और स्थिर वैश्विक कारोबार वाली कंपनियों में भरोसा दिखाया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, डॉलर इंडेक्स में नरमी और रुपये की अपेक्षाकृत स्थिर स्थिति ने भी IT कंपनियों के लिए सकारात्मक माहौल बनाया है। IT कंपनियों के लिए मुद्रा विनिमय दर बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि उनका बड़ा राजस्व विदेशी मुद्रा में आता है।
इसके अलावा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ी वैश्विक मांग को लेकर भी बाजार में सकारात्मक धारणा बनी हुई है। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में IT कंपनियों को इन क्षेत्रों से बड़ा फायदा मिल सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि हालिया गिरावट के दौरान कई निवेशकों ने IT सेक्टर में अत्यधिक नकारात्मक रुख अपना लिया था। अब sentiment बदलने के साथ short covering ने भी तेजी को और मजबूत किया।
घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भी सेक्टर को समर्थन दिया। कई फंड मैनेजर्स IT शेयरों को लंबी अवधि के निवेश के लिए आकर्षक मान रहे हैं।
हालांकि विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। उनका कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और अमेरिकी कॉर्पोरेट खर्च में कमजोरी IT कंपनियों की growth को प्रभावित कर सकती है।
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा तेजी “technical rebound” भी हो सकती है, क्योंकि हालिया गिरावट काफी तेज थी। इसलिए निवेशकों को अत्यधिक उत्साह में निर्णय लेने से बचना चाहिए।
IT सेक्टर लंबे समय से भारतीय शेयर बाजार का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। देश की कई बड़ी कंपनियां वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान रखती हैं और लाखों लोगों को रोजगार देती हैं।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था स्थिर रहती है और टेक खर्च में सुधार जारी रहता है, तो भारतीय IT सेक्टर में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है।
कुल मिलाकर, हालिया तेज गिरावट के बाद NIFTY IT में आई 8% की तेजी ने निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत किया है। वैश्विक संकेत, आकर्षक वैल्यूएशन और तकनीकी खरीदारी इस रैली के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
