18 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : वेस्ट एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को चेतावनी दी है कि यदि वह ईरान के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर हो रही बातचीत में अमेरिकी प्रयासों के रास्ते में आता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने ओमान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी भी दी है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच प्रस्तावित ट्रांजिट रूट के नक्शे को लेकर समझ बनी है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है। युद्ध के कारण यहां जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है और कच्चे तेल की कीमतों पर भी दबाव देखने को मिला है।

ओमान लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। मौजूदा संकट में भी मस्कट और तेहरान के बीच बातचीत को क्षेत्र में तनाव कम करने की एक अहम कोशिश माना जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत जहाजों के लिए होर्मुज से गुजरने वाला एक निर्धारित मार्ग तैयार करने पर चर्चा हो रही है।

दूसरी ओर, अमेरिका चाहता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो। लेकिन वॉशिंगटन और तेहरान के बीच इस रणनीतिक जलमार्ग के नियंत्रण और संचालन को लेकर मतभेद बने हुए हैं। इसी मुद्दे ने व्यापक शांति वार्ता को भी प्रभावित किया है।

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों की बातचीत की समयसीमा भी समाप्त हो गई है। जून में हुए समझौते का उद्देश्य युद्ध समाप्त करने के लिए व्यापक समझौते की दिशा में आगे बढ़ना था, लेकिन स्थायी समाधान को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई।

ईरान ने भी संकेत दिया है कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं, तो वह अपनी सैन्य नीति को रक्षात्मक रुख से बदलकर अधिक आक्रामक कर सकता है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि होर्मुज और व्यापक क्षेत्र में तनाव बढ़ने की स्थिति के लिए देश को तैयार रहना होगा।

बढ़ते तनाव का सीधा असर ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। रॉयटर्स के अनुसार, ब्रेंट क्रूड करीब 91 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI भी बढ़ा। बाजार में चिंता है कि यदि होर्मुज के जरिए तेल और गैस की आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है, तो वैश्विक कीमतों में और उछाल आ सकता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सामान्य परिस्थितियों में बड़ी मात्रा में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति गुजरती है। इसलिए इस जलमार्ग में लंबे समय तक व्यवधान का असर केवल खाड़ी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एशिया और यूरोप सहित दुनिया के कई हिस्सों में ईंधन और ऊर्जा की कीमतों पर पड़ सकता है।

फिलहाल ओमान और ईरान के बीच बातचीत जारी है, लेकिन ट्रंप की धमकी ने कूटनीतिक प्रयासों को और जटिल बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या दोनों देश होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए अंतिम समझौते पर पहुंचते हैं या अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव क्षेत्र में नई सैन्य कार्रवाई का रास्ता खोलता है।

Bharat Baani Bureau

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