28 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : यश स्टारर फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ रिलीज के बाद जहां बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत कर रही है, वहीं फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना और विवाद भी बढ़ता जा रहा है। इसी बीच निर्देशक गीता मोहनदास का कई साल पुराना एक इंटरव्यू फिर से वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने अपनी फिल्म बनाने की प्रक्रिया के बारे में खुलकर बात की थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पुराने वीडियो में गीता मोहनदास ने कहा था कि वह हमेशा अपनी लिखी हुई स्क्रिप्ट के मुताबिक फिल्म नहीं बनातीं। उन्होंने अपने रचनात्मक तरीके को समझाते हुए कहा था कि वह कुछ और लिखती हैं, कुछ और शूट करती हैं और एडिटिंग के दौरान फिल्म का रूप फिर बदल जाता है। उनका कहना था कि वह स्क्रिप्ट से बंधकर काम नहीं करतीं।
यह पुराना बयान अब ‘टॉक्सिक’ को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच दोबारा चर्चा में आ गया है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इसे फिल्म की कहानी और निर्देशन से जोड़कर देख रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि क्या फिल्म का अंतिम रूप मूल स्क्रिप्ट से काफी अलग रहा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गीता का यह इंटरव्यू ‘टॉक्सिक’ की शूटिंग शुरू होने से काफी पहले का है। इसलिए यह दावा करना सही नहीं होगा कि उन्होंने यह बयान खास तौर पर ‘टॉक्सिक’ के संदर्भ में दिया था।
‘टॉक्सिक’ 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म में यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन गीता मोहनदास ने किया है और इसकी कहानी गीता तथा यश ने मिलकर लिखी है।
फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है। कई दर्शकों ने यश की स्क्रीन प्रेजेंस, एक्शन सीक्वेंस, सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन डिजाइन की तारीफ की है, जबकि कुछ दर्शकों ने कहानी और स्क्रीनप्ले को लेकर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर कुछ प्रतिक्रियाओं में फिल्म को जरूरत से ज्यादा स्टाइलिश लेकिन कहानी के स्तर पर कमजोर बताया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि आलोचनाओं के बावजूद ‘टॉक्सिक’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त शुरुआत की है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने भारत में पहले दिन 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की नेट कमाई दर्ज की। वैश्विक स्तर पर भी फिल्म की ओपनिंग मजबूत बताई गई है। इससे पता चलता है कि यश की लोकप्रियता और उनके प्रशंसकों की बड़ी संख्या ने फिल्म को शानदार शुरुआत दिलाई है।
गीता मोहनदास का पुराना बयान ऐसे समय में वायरल हुआ है जब फिल्म की रचनात्मक दिशा को लेकर सोशल मीडिया पर बहस चल रही है। कुछ दर्शक उनके बयान को निर्देशक की स्वतंत्र और प्रयोगात्मक कार्यशैली के रूप में देख रहे हैं, जबकि आलोचक इसे फिल्म की कथानक संबंधी कमियों से जोड़ रहे हैं।
हालांकि, किसी पुराने इंटरव्यू के आधार पर ‘टॉक्सिक’ की अंतिम कहानी के बारे में निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। गीता मोहनदास ने उस इंटरव्यू में अपनी सामान्य फिल्म निर्माण प्रक्रिया के बारे में बात की थी और उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई संकेत नहीं है कि उनका बयान विशेष रूप से ‘टॉक्सिक’ के लिए था।
फिल्म को लेकर एक अन्य विवाद भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। रुक्मिणी वसंत के किरदार से जुड़े एक संकेतात्मक अंतरंग दृश्य को लेकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें ट्रोल किया, जिसके बाद उनके प्रशंसकों ने अभिनेत्री का बचाव किया और ऑनलाइन नैतिकता तथा ट्रोलिंग पर सवाल उठाए।
इस बीच ‘टॉक्सिक’ के निर्माताओं ने कथित तौर पर फिल्म को लेकर फैलाए जा रहे गलत और मानहानिकारक कंटेंट के खिलाफ कानूनी कदम भी उठाया है। हालांकि, अदालत की अंतरिम रोक वास्तविक फिल्म समीक्षा या वैध आलोचना पर प्रतिबंध नहीं लगाती।
‘टॉक्सिक’ की रिलीज के बाद सामने आए घटनाक्रम से साफ है कि फिल्म को लेकर चर्चा सिर्फ बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं है। कहानी, निर्देशन, महिला किरदारों और गीता मोहनदास की फिल्म निर्माण शैली को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस हो रही है।
फिलहाल गीता मोहनदास का पुराना ‘मैं स्क्रिप्ट पर नहीं टिकती’ वाला बयान फिल्म के खिलाफ चल रही ऑनलाइन बहस को और हवा दे रहा है। हालांकि, मजबूत बॉक्स ऑफिस ओपनिंग के चलते ‘टॉक्सिक’ की व्यावसायिक पकड़ फिलहाल बरकरार नजर आ रही है।
