2 सितंबर , 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : अमेरिकी नौसेना का परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन बुधवार को थाईलैंड के लाम चाबांग बंदरगाह पहुंच गया। यह आगमन ऐसे समय हुआ है जब जहाज ने पश्चिम एशिया में महीनों तक लंबी सैन्य तैनाती और ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में भाग लेने के बाद वापसी का रास्ता पकड़ा है। अमेरिकी नौसेना के अनुसार, जहाज और उसके कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के लिए थाईलैंड में यह यात्रा आराम और पुनः तैयारी का अवसर प्रदान करेगी।
लगभग 286 दिनों तक समुद्र में रहने के बाद अब्राहम लिंकन थाईलैंड पहुंचा है। रिपोर्टों के अनुसार, जहाज पर करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिक और मरीन मौजूद हैं। यह तैनाती सामान्य अमेरिकी नौसैनिक तैनाती की तुलना में काफी लंबी रही। आमतौर पर अमेरिकी नौसेना के जहाजों की तैनाती लगभग छह से नौ महीने तक होती है, लेकिन युद्ध जैसी परिस्थितियों में इसे काफी लंबा किया जा सकता है।
पश्चिम एशिया में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
यूएसएस अब्राहम लिंकन को नवंबर 2025 में सैन डिएगो से तैनात किया गया था। शुरुआत में इसे दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में भेजा गया था, लेकिन बाद में बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के कारण इसे पश्चिम एशिया की ओर मोड़ दिया गया। ईरान के साथ बढ़ते सैन्य संघर्ष के दौरान यह अमेरिकी नौसैनिक अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।
रिपोर्टों के अनुसार, कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान और समुद्री नाकाबंदी से जुड़े अभियानों में भूमिका निभाई। लगभग सात महीने तक पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियों में शामिल रहने के बाद जहाज को अगस्त में यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन ने परिचालन स्तर पर राहत दी।
यूएसएस अब्राहम लिंकन के साथ कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के अन्य युद्धपोत भी थाईलैंड पहुंचे हैं। अमेरिकी नौसेना के अनुसार, यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर श्रीराचा में और यूएसएस रॉबर्ट स्मॉल्स माप ता फुत में अपने निर्धारित पोर्ट विजिट के लिए पहुंचे हैं।
लंबे अभियान के बाद मिलेगा आराम
थाईलैंड में अमेरिकी नौसैनिकों को करीब पांच दिनों का आराम और रिकवरी समय मिलने की उम्मीद है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस यात्रा को सैन्यकर्मियों के लिए लंबे और कठिन अभियान के बाद आवश्यक विश्राम का अवसर बताया है।
कैरियर स्ट्राइक ग्रुप-3 के कमांडर रियर एडमिरल रॉबर्ट ई. लाफ्रान ने कहा कि लाम चाबांग पहुंचना नौसैनिकों और मरीन को आराम करने तथा फिर से ऊर्जा हासिल करने का अवसर देता है। उन्होंने अमेरिकी नौसेना और थाईलैंड के बीच मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को भी रेखांकित किया।
जहाज की लंबी तैनाती ने उठाए सवाल
अब्राहम लिंकन की असाधारण रूप से लंबी तैनाती के दौरान जहाज पर मौजूद सैनिकों की परिस्थितियों को लेकर अमेरिका में भी सवाल उठे हैं। कुछ रिपोर्टों में लंबे समय तक समुद्र में रहने के कारण भोजन और आवश्यक सामान की कमी तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं का उल्लेख किया गया है।
अमेरिकी सांसदों ने भी जहाज पर तैनात कर्मियों की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की और लंबी तैनाती के प्रभावों की जांच की मांग की। रिपोर्टों में कहा गया है कि लगातार इतने लंबे समय तक समुद्र में रहने से चालक दल पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ा।
अमेरिकी नौसेना ने हालांकि अपने आधिकारिक बयान में इस यात्रा को चालक दल के लिए आराम और पुनः ऊर्जा हासिल करने का अवसर बताया है। अधिकारियों ने अभियान के दौरान नौसैनिकों और मरीन के प्रदर्शन की भी सराहना की।
थाईलैंड-अमेरिका संबंधों का भी संकेत
अब्राहम लिंकन की थाईलैंड यात्रा केवल आराम के लिए किया गया पोर्ट कॉल नहीं है, बल्कि यह अमेरिका और थाईलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को भी दर्शाती है। थाईलैंड अमेरिका का संधि सहयोगी है और दोनों देशों की सेनाएं नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास करती हैं।
थाईलैंड के पूर्वी तट पर अमेरिकी युद्धपोतों का पहुंचना दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और रणनीतिक साझेदारी की निरंतरता को रेखांकित करता है। अमेरिकी नौसेना ने भी इस यात्रा को दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थायी साझेदारी का प्रतीक बताया है।
पटाया में भी दिखेगा अमेरिकी नौसैनिकों का असर
अब्राहम लिंकन के लगभग 5,000 सदस्यीय चालक दल के थाईलैंड पहुंचने से पटाया और आसपास के पर्यटन क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। पटाया लंबे समय से अमेरिकी सैन्यकर्मियों के लिए लोकप्रिय विश्राम स्थल रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने अमेरिकी नौसैनिकों की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत किया है। स्थानीय कारोबारियों को भी उम्मीद है कि बड़ी संख्या में आने वाले अमेरिकी सैन्यकर्मियों से होटल, रेस्तरां, परिवहन और अन्य पर्यटन व्यवसायों को फायदा मिलेगा।
यूएसएस अब्राहम लिंकन की थाईलैंड यात्रा ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का व्यापक प्रभाव अभी भी जारी है। लंबे सैन्य अभियान के बाद थाईलैंड में कुछ दिनों का ठहराव चालक दल के लिए राहत का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इसके बाद विमानवाहक पोत के अमेरिका लौटने की उम्मीद है।
286 दिनों की इस असाधारण तैनाती ने अमेरिकी नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय दर्ज किया है। अब्राहम लिंकन का थाईलैंड पहुंचना न केवल लंबे सैन्य अभियान के बाद एक विराम है, बल्कि यह अमेरिका की पश्चिम एशिया से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की ओर रणनीतिक गतिविधियों के संभावित बदलाव को भी रेखांकित करता है।
