2 सितंबर , 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : कनाडा में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले पंजाब के विद्यार्थियों के लिए सितंबर 2026 से एक और चुनौती बढ़ गई है। कनाडा सरकार ने नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए स्टडी परमिट आवेदन में आवश्यक वित्तीय क्षमता की सीमा बढ़ा दी है। इसके साथ ही सरकार ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों और अन्य अस्थायी निवासियों की संख्या को सीमित करने की नीति जारी रखी है। इन बदलावों के कारण कनाडा जाने की योजना बना रहे पंजाबी विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई, वित्तीय तैयारी और भविष्य में स्थायी निवास की योजना पहले की तुलना में अधिक सावधानी से बनाना जरूरी हो गया है।
1 सितंबर से बढ़ी वित्तीय जरूरत
1 सितंबर 2026 से कनाडा के क्यूबेक को छोड़कर अन्य प्रांतों और क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए स्टडी परमिट आवेदन करने वाले एक अकेले विद्यार्थी को अब 23,448 कनाडाई डॉलर की राशि अपने रहने के खर्च के लिए उपलब्ध होने का प्रमाण देना होगा। यह राशि पहले 22,895 कनाडाई डॉलर थी। यानी न्यूनतम जीवन-यापन निधि में 553 डॉलर की वृद्धि हुई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह रकम ट्यूशन फीस और यात्रा खर्च के अतिरिक्त है।
इसका मतलब है कि पंजाब से कनाडा जाने वाले विद्यार्थी को केवल 23,448 डॉलर दिखाने से वित्तीय आवश्यकता पूरी नहीं होगी। उसे अपनी पहली वर्ष की ट्यूशन फीस, कनाडा आने-जाने के खर्च और रहने के लिए निर्धारित राशि को कवर करने की क्षमता भी साबित करनी होगी। यदि कार्यक्रम एक वर्ष से अधिक का है, तो विद्यार्थी को आगे के वर्षों के खर्चों को पूरा करने की अपनी योजना भी स्पष्ट करनी होगी।
कनाडा सरकार के अनुसार वित्तीय आवश्यकताओं को हर वर्ष सितंबर में जीवन-यापन की लागत के आधार पर अपडेट किया जाता है। सरकार का कहना है कि पर्याप्त वित्तीय क्षमता सुनिश्चित करने का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आर्थिक कठिनाइयों और संभावित शोषण से बचाना भी है।
छात्रों की संख्या पर भी लगाम
सिर्फ वित्तीय आवश्यकता ही नहीं बढ़ी है। कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए पहले से लागू कैप को भी जारी रखा है।
2026–2028 के Immigration Levels Plan के अनुसार, कनाडा में 2026 के दौरान नए अस्थायी निवासियों का लक्ष्य 385,000 रखा गया है। इनमें नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या का लक्ष्य केवल 155,000 है। 2027 और 2028 में नए छात्रों का लक्ष्य और घटकर 150,000 प्रतिवर्ष रखा गया है।
कनाडा सरकार का कहना है कि इन सीमाओं का उद्देश्य देश की आवास व्यवस्था, सार्वजनिक सेवाओं और बुनियादी ढांचे पर दबाव कम करना तथा अस्थायी निवासियों की आबादी को 2027 के अंत तक कुल आबादी के 5 प्रतिशत से नीचे लाना है।
2025 में छात्रों की संख्या में बड़ी गिरावट
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि कनाडा में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या पहले ही काफी कम हो चुकी है। 2025 में कनाडा ने लगभग 115,385 अंतरराष्ट्रीय छात्रों का स्वागत किया, जो 2024 की तुलना में करीब 61 प्रतिशत कम था। सरकार ने 2026 के लिए नए छात्र आगमन का लक्ष्य 155,000 रखा है।
IRCC के अनुसार जून 30, 2026 तक इस वर्ष जनवरी से जून के बीच लगभग 22,405 छात्र कनाडा पहुंचे थे। सरकार का कहना है कि मौजूदा नीतियों और कैप के कारण छात्र आगमन अब अधिक नियंत्रित स्तर पर है।
पंजाब के विद्यार्थियों पर असर
पंजाब लंबे समय से कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों के प्रमुख स्रोतों में रहा है। बड़ी संख्या में पंजाबी विद्यार्थी कनाडा में कॉलेज या विश्वविद्यालय की पढ़ाई के साथ रोजगार और भविष्य में स्थायी निवास की संभावना को ध्यान में रखकर निर्णय लेते रहे हैं।
नई व्यवस्था में हालांकि केवल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। विद्यार्थी को यह भी देखना होगा कि चुना गया कार्यक्रम उसके करियर के लिए कितना उपयोगी है, संस्थान की पात्रता क्या है, फीस कितनी है और पढ़ाई पूरी करने के बाद उसके लिए उपलब्ध काम तथा इमिग्रेशन विकल्प क्या हैं।
वित्तीय दस्तावेजों की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण हो गई है। बैंक में अचानक बड़ी रकम जमा करने के बजाय विद्यार्थी और परिवार को धन के स्रोत को स्पष्ट और दस्तावेजों के माध्यम से साबित करने के लिए तैयार रहना होगा।
एजेंटों की सलाह पर निर्भर रहने से जोखिम
नई परिस्थितियों में पंजाब के विद्यार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि उन्हें कनाडा जाने का फैसला केवल एजेंट की सलाह पर नहीं करना चाहिए। कॉलेज, कोर्स और प्रांत का चयन करने से पहले आधिकारिक कनाडाई वेबसाइट पर वर्तमान नियमों की जांच करना जरूरी है।
विद्यार्थियों को यह देखना चाहिए कि उनका चुना हुआ कार्यक्रम उनके भविष्य के रोजगार से जुड़ा है या नहीं, पढ़ाई के बाद उपलब्ध वर्क परमिट विकल्प क्या हैं और जिस प्रांत में वे जाना चाहते हैं वहां उनके लिए भविष्य में कोई संभावित इमिग्रेशन pathway उपलब्ध हो सकता है या नहीं।
PR का रास्ता भी सुनिश्चित नहीं
कनाडा में पढ़ाई करने के बाद स्थायी निवास प्राप्त करना पहले की तरह स्वतः मिलने वाला परिणाम नहीं है। कुछ पात्र विद्यार्थी पढ़ाई पूरी करने के बाद Post-Graduation Work Permit प्राप्त कर सकते हैं और बाद में Canadian Experience Class या Provincial Nominee Program जैसे रास्तों के लिए पात्र हो सकते हैं। लेकिन पात्रता हर कार्यक्रम और व्यक्ति की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
इसलिए किसी विद्यार्थी को केवल इस आधार पर महंगा कोर्स नहीं चुनना चाहिए कि उससे भविष्य में PR निश्चित रूप से मिल जाएगी। कनाडा की इमिग्रेशन नीतियां लगातार बदल रही हैं और किसी भी pathway की वर्तमान पात्रता आवेदन के समय दोबारा जांचना जरूरी है।
अब पहले से अधिक मजबूत योजना जरूरी
कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए रास्ते बंद नहीं किए हैं, लेकिन सिस्टम अब पहले की तुलना में अधिक नियंत्रित और प्रतिस्पर्धी है। सरकार एक ओर छात्रों की संख्या कम कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे विद्यार्थियों को आकर्षित करने पर जोर दे रही है जिनकी शिक्षा और कौशल कनाडा की आर्थिक जरूरतों से मेल खाते हों।
पंजाब के विद्यार्थियों के लिए इसका सीधा अर्थ है कि कनाडा जाने से पहले वित्तीय क्षमता, सही संस्थान, सही कोर्स, रोजगार की संभावना और भविष्य के इमिग्रेशन विकल्प—इन सभी पहलुओं की जांच करना जरूरी होगा।
कनाडा में पढ़ाई अब केवल विदेश जाने का माध्यम नहीं, बल्कि एक बड़ा वित्तीय और करियर निर्णय है। बढ़ती लागत और सीमित छात्र सीटों के बीच वही विद्यार्थी बेहतर स्थिति में रहेंगे जो मजबूत वित्तीय दस्तावेजों, वास्तविक करियर योजना और बदलते इमिग्रेशन नियमों की सही जानकारी के साथ आवेदन करेंगे।
