11 सितंबर, 2026 (भारत बानी ब्यूरो): कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हाल में “एक-दो बार” बातचीत की है। दोनों नेताओं के बीच यह संपर्क ऐसे समय हुआ है जब कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार विवाद लगातार गहरा रहा है। कार्नी के मुताबिक, बातचीत में यूक्रेन युद्ध और ईरान से जुड़े संघर्ष जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, उन्होंने दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के विस्तृत ब्योरे का खुलासा नहीं किया।
कार्नी ने गुरुवार को कैलगरी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक मतभेदों के बावजूद संवाद बनाए रखना जरूरी है। कनाडाई प्रधानमंत्री के अनुसार, सरकार की जिम्मेदारी का एक हिस्सा यह भी है कि मतभेदों के बीच बातचीत के रास्ते खुले रखे जाएं।
व्यापार विवाद के बीच संवाद जारी
कार्नी और ट्रंप के बीच यह बातचीत ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ा हुआ है। हाल के दिनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के सामान पर नए शुल्क लगाए हैं और व्यापार वार्ता को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं।
अमेरिका की ओर से कनाडाई उत्पादों पर लगाए गए शुल्कों के जवाब में कनाडा ने करीब 20 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात पर 15 से 50 प्रतिशत तक के प्रतिशोधी शुल्क लागू किए हैं। इससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे घनिष्ठ व्यापारिक संबंधों पर दबाव बढ़ा है।
कार्नी ने हालांकि ट्रंप प्रशासन के हालिया व्यापारिक कदमों को अपेक्षाकृत सीमित बताया है और संकेत दिया है कि कनाडा तत्काल हर अमेरिकी कदम का जवाब देने के बजाय अपने दीर्घकालिक आर्थिक हितों पर ध्यान देगा। उन्होंने घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और व्यापारिक साझेदारों में विविधता लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
यूक्रेन युद्ध पर भी हुई चर्चा
कार्नी के अनुसार, ट्रंप के साथ बातचीत में यूक्रेन में जारी युद्ध भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष अभी भी जारी है और अमेरिका की ओर से इसे समाप्त कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं।
हाल में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और इसके बाद यूक्रेन में भी बातचीत की। अमेरिकी प्रयासों का उद्देश्य रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए संभावित समझौते की जमीन तैयार करना है, हालांकि अब तक कोई निर्णायक सफलता सामने नहीं आई है।
कनाडा यूक्रेन का लगातार समर्थक रहा है और उसने हाल में यूक्रेन के लिए वायु रक्षा सहायता तथा वित्तीय समर्थन का भी ऐलान किया है। ऐसे में ट्रंप के साथ कार्नी की बातचीत में यूक्रेन का मुद्दा कनाडा की विदेश नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ईरान युद्ध पर भी नजर
दोनों नेताओं के बीच बातचीत में ईरान से जुड़े संघर्ष पर भी चर्चा हुई। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव ने पश्चिम एशिया के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर डाला है।
ईरान के साथ संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल और समुद्री परिवहन को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। इस मार्ग से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। मौजूदा तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई है, जिससे वैश्विक महंगाई और आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
कार्नी और ट्रंप के बीच ईरान मुद्दे पर बातचीत इस बात का संकेत देती है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता सैन्य तनाव केवल क्षेत्रीय समस्या नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर कनाडा और अन्य पश्चिमी देशों की अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर भी पड़ रहा है।
कार्नी ने बातचीत का विवरण नहीं बताया
हालांकि प्रधानमंत्री कार्नी ने ट्रंप से हालिया बातचीत की पुष्टि की, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि दोनों नेताओं के बीच किन विशेष प्रस्तावों या मुद्दों पर सहमति या असहमति हुई।
कार्नी ने केवल इतना संकेत दिया कि मौजूदा मतभेदों के बावजूद अमेरिका के साथ संवाद बनाए रखना कनाडा के हित में है। इससे यह स्पष्ट होता है कि ओटावा एक तरफ अमेरिकी व्यापारिक दबाव का सामना कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ वॉशिंगटन के साथ राजनयिक संपर्क पूरी तरह खत्म करने के पक्ष में नहीं है।
कनाडा की रणनीति में बदलाव
अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापार विवाद ने कनाडा को अपनी आर्थिक निर्भरता पर पुनर्विचार करने के लिए भी प्रेरित किया है। कार्नी सरकार घरेलू उद्योगों को मजबूत करने और अमेरिका के अलावा अन्य बाजारों के साथ व्यापार बढ़ाने पर जोर दे रही है।
हालिया तनाव के बीच कनाडा ने यह संकेत दिया है कि वह अपनी अर्थव्यवस्था को अधिक विविध बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। हालांकि, अमेरिका कनाडा का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार होने के कारण दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में बड़ा बदलाव आसान नहीं होगा।
मतभेदों के बावजूद बातचीत का रास्ता खुला
मार्क कार्नी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हालिया संपर्क से यह संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक विवाद कितना भी गंभीर क्यों न हो, व्यापक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद की आवश्यकता बनी हुई है।
यूक्रेन युद्ध, ईरान संघर्ष, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार जैसे मुद्दे अमेरिका और कनाडा दोनों के लिए रणनीतिक महत्व रखते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच सीधा संपर्क आने वाले दिनों में व्यापार विवाद को सुलझाने के प्रयासों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन कार्नी का यह बयान कि उन्होंने ट्रंप से हाल में कई बार बात की है, यह जरूर दर्शाता है कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच राजनयिक संवाद अभी जारी है।
