14 सितंबर, 2026 (भारत बानी ब्यूरो): शेर-ए-पंजाब टी-20 क्रिकेट लीग के समापन समारोह में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य को देश का प्रमुख खेल केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि पंजाब में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की पहचान लंबे समय से खेल और खिलाड़ियों के साथ जुड़ी रही है। हॉकी, क्रिकेट, कुश्ती, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में राज्य ने देश को अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। अब सरकार का लक्ष्य इस खेल विरासत को आधुनिक सुविधाओं और नई खेल नीति के साथ आगे बढ़ाना है।
पंजाब को खेल हब बनाने का लक्ष्य
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब को देश का ‘स्पोर्ट्स हब’ बनाने के लिए सरकार खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों और छोटे शहरों में मौजूद प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए जमीनी स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक खेल मैदान, प्रशिक्षण केंद्र और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के अवसर दिए जाएंगे।
टी-20 लीग से युवा खिलाड़ियों को मिला मंच
शेर-ए-पंजाब टी-20 क्रिकेट लीग के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। स्थानीय स्तर पर आयोजित प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में बड़ी संख्या में युवा क्रिकेट के प्रति आकर्षित हैं और ऐसे मंच उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता प्रदान करते हैं। लीग से उभरने वाले खिलाड़ियों को भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी जगह बनाने का अवसर मिल सकता है।
खेलों के साथ रोजगार और नशे से दूरी का संदेश
मुख्यमंत्री ने युवाओं को खेलों से जोड़ने को नशे के खिलाफ लड़ाई का भी महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच की दिशा में ले जाते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि युवा अपनी ऊर्जा खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं। खेलों में बेहतर अवसर मिलने से युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते भी खुलेंगे।
खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
भगवंत मान ने कहा कि केवल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना पर्याप्त नहीं है। खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, बेहतर मैदान और विशेषज्ञ कोचिंग की सुविधा मिलना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और राज्य के खेल ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य पंजाब के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करना है।
पंजाब की खेल विरासत को नई दिशा
पंजाब ने भारतीय खेलों में कई यादगार योगदान दिए हैं। विशेष रूप से हॉकी में राज्य की पहचान देश के सबसे मजबूत खेल क्षेत्रों में रही है। इसके अलावा क्रिकेट, एथलेटिक्स, कुश्ती, मुक्केबाजी और अन्य खेलों में भी पंजाब के खिलाड़ियों ने अपनी पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने के लिए नई पीढ़ी को खेलों से जोड़ना जरूरी है। शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग जैसे आयोजनों से स्थानीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार होता है और युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच की ओर बढ़ने का अवसर मिलता है।
समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों, आयोजकों और खेल प्रेमियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार पंजाब में खेलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पंजाब न केवल देश को अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ी देगा, बल्कि देश के प्रमुख खेल हब के रूप में अपनी नई पहचान भी स्थापित करेगा।
