16 सितंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो)। यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups को दर्शकों और समीक्षकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली और बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। फिल्म में टोनी का किरदार निभाने वाले अभिनेता अक्षय ओबेरॉय ने अब फिल्म के प्रदर्शन और यश की कार्यशैली पर खुलकर बात की है।
अक्षय ने यश की तारीफ करते हुए कहा कि वह ऐसे कलाकार हैं जो अपने करियर और फिल्मों के लिए खुद फैसले लेते हैं और किसी दूसरे व्यक्ति के अवसर देने का इंतजार नहीं करते। अक्षय के मुताबिक, यश से काम करते हुए उन्हें अपने करियर को लेकर एक अलग नजरिया मिला।
‘यश ने अपनी किस्मत का नियंत्रण खुद संभाला’
अक्षय ओबेरॉय ने यश के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने अपने करियर की दिशा खुद तय की और अपनी फिल्मों को खुद बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। उनके मुताबिक, यश का आत्मविश्वास उन्हें प्रेरित करता है।
अक्षय ने कहा कि जब किसी अभिनेता को लगता है कि उसके करियर की दिशा दूसरों के हाथ में है, तब यश का उदाहरण अलग नजर आता है। उन्होंने बताया कि यश ने अपने लिए अवसर पैदा किए, अपनी फिल्में बनाईं और अपने करियर पर नियंत्रण रखा।
अक्षय के अनुसार, यश से उन्हें यह सीख मिली कि यदि किसी कलाकार को करियर में अगले स्तर तक पहुंचना है तो उसे खुद पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि कोई दूसरा व्यक्ति आपके लिए यह काम नहीं करेगा।
‘Toxic’ के प्रदर्शन पर किसी को दोष नहीं देंगे
Toxic की बॉक्स ऑफिस प्रतिक्रिया पर अक्षय ने किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया है। उन्होंने फिल्म की असफलता को लेकर कहा कि फिल्मों के नतीजे हमेशा अनुमान के मुताबिक नहीं आते।
फिल्म को लेकर प्रतिक्रिया सामने आने के बाद यश की फिल्म निर्माण में कथित तौर पर व्यापक भागीदारी को लेकर भी चर्चा हुई थी। कुछ रिपोर्टों में उनके फिल्म के कई विभागों में सक्रिय रूप से शामिल होने की बात कही गई। अक्षय ने इस चर्चा के बावजूद किसी पर आरोप लगाने के बजाय फिल्म बनाने की प्रक्रिया पर भरोसा जताया।
अक्षय ने फिल्म उद्योग की अनिश्चितता का जिक्र करते हुए कहा कि कभी-कभी ऐसी फिल्में भी सफल हो जाती हैं जिन्हें लोग अच्छा नहीं मानते, जबकि उम्मीदों से भरी फिल्में दर्शकों तक उस तरह नहीं पहुंच पातीं। उनके बयान का संकेत यह था कि किसी फिल्म के प्रदर्शन को केवल एक व्यक्ति या एक फैसले से जोड़कर देखना उचित नहीं है।
यश को ‘बॉस’ क्यों कहते हैं अक्षय?
अक्षय ओबेरॉय ने यश को कई मौकों पर ‘बॉस’ कहकर संबोधित किया है। उन्होंने बताया कि यह संबोधन केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि यश के प्रति उनके सम्मान से जुड़ा है।
अक्षय के मुताबिक, यश फिल्म के केवल अभिनेता नहीं हैं, बल्कि निर्माण की प्रक्रिया के कई हिस्सों में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने बताया कि यश सिनेमैटोग्राफी से लेकर एडिटिंग तक फिल्म के अलग-अलग पहलुओं पर नजर रखते हैं।
अक्षय ने उन्हें एक तरह की ‘वॉकिंग-टॉकिंग इंडस्ट्री’ बताया और कहा कि यश अपने प्रोजेक्ट खुद खड़े करने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक, यश की लोकप्रियता का फायदा Toxic को भी मिला।
‘Toxic’ को लेकर अक्षय अब भी गर्व महसूस करते हैं
फिल्म को मिली आलोचनात्मक प्रतिक्रिया के बावजूद अक्षय ने Toxic से खुद को अलग नहीं किया है। उन्होंने पहले भी कहा था कि उन्हें फिल्म पर गर्व है और यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण पेशेवर अनुभव रहा।
अक्षय ने निर्देशक गीतू मोहनदास की भी तारीफ की। उनके मुताबिक, गीतू ने उन्हें बड़े कलाकारों के बराबर महत्व दिया और टोनी का किरदार निभाने के लिए उन पर भरोसा किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह भविष्य में गीतू के साथ फिर काम करना चाहेंगे।
फिल्म को अक्षय ने दो अलग-अलग फिल्म निर्माण शैलियों के मेल के रूप में बताया था। Toxic में यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और अन्य कलाकार भी नजर आए।
असफलता से निपटने पर अक्षय की अपनी सोच
अक्षय ने अपने करियर की असफलताओं पर भी बात की है। उनका कहना है कि वह असफल फिल्मों या रिजेक्शन के बारे में ज्यादा समय तक सोचने के बजाय अगले अवसर पर ध्यान देना पसंद करते हैं।
उन्होंने बताया कि उनके करियर में कई ऐसे मौके आए जब उनकी फिल्मों को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने काम करना जारी रखा। उनके मुताबिक, अगर वह हर असफलता पर निराश होकर रुक जाते तो आगे नहीं बढ़ पाते।
अक्षय ने नए कलाकारों को भी सलाह दी कि वे रिजेक्शन के बारे में सोचते रहने के बजाय अगली ऑडिशन या अगली फिल्म की तैयारी पर ध्यान दें। उनके अनुसार, नेटवर्किंग, कास्टिंग डायरेक्टर से मिलना और लगातार काम की तलाश में रहना कलाकार के लिए अधिक उपयोगी है।
यश से मिली करियर की नई सीख
अक्षय के लिए Toxic सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि अपने करियर को देखने का एक नया अनुभव भी रही। उन्होंने कहा कि यश को करीब से देखने के बाद उन्हें समझ आया कि अभिनेता को अपने करियर की दिशा तय करने में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
यश के करियर का सफर कन्नड़ सिनेमा से शुरू होकर KGF जैसी फिल्मों के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। अक्षय के मुताबिक, इसी आत्मविश्वास और खुद पहल करने की प्रवृत्ति ने उन्हें यश से प्रभावित किया।
Toxic की व्यावसायिक प्रतिक्रिया भले ही उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही हो, लेकिन अक्षय ओबेरॉय के लिए इस फिल्म से मिली सीख उनके अपने करियर में आगे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उनका संदेश साफ है—असफलता पर रुकने के बजाय अगले अवसर की ओर बढ़ना और अपने करियर की जिम्मेदारी खुद लेना जरूरी है।
