16 सितंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : जापान में क्रिकेट के विस्तार की कोशिशों को उस समय बड़ा प्रोत्साहन मिला है, जब देश पहली बार भारत के खिलाफ पुरुषों का T20 इंटरनेशनल मुकाबला खेलने जा रहा है। 22 सितंबर को सैनो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाला यह मुकाबला भारत और जापान के बीच पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच होगा। इसे दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के समारोहों से भी जोड़ा गया है।
भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे, जबकि जापान की कमान केंडल काडोवाकी-फ्लेमिंग के हाथों में होगी। यह मुकाबला ‘Suzuki Cup – Japan-India 75th Anniversary Match’ का हिस्सा है। जापान क्रिकेट एसोसिएशन (JCA) के लिए यह केवल एक मैच नहीं, बल्कि देश में क्रिकेट को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की दीर्घकालिक योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भारत के खिलाफ मुकाबले को लेकर उत्साह
जापान में क्रिकेट अभी बेसबॉल और फुटबॉल जैसी लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाया है, लेकिन भारत के खिलाफ मुकाबले ने खेल के प्रति दिलचस्पी बढ़ाई है। सैनो स्टेडियम की दर्शक क्षमता इस मैच के लिए 500 से बढ़ाकर 2,000 की गई है और टिकट बिक्री शुरू होने के बाद तेजी से खत्म हो गई। JCA के CEO नाओकी एलेक्स मियाजी के अनुसार, टिकटों की मांग इतनी अधिक थी कि बिक्री की औपचारिक घोषणा से पहले ही लोगों की रुचि दिखाई देने लगी थी।
जापान क्रिकेट एसोसिएशन का मानना है कि भारत जैसी शीर्ष क्रिकेट टीम के खिलाफ मुकाबला स्थानीय दर्शकों को खेल से जोड़ने और जापानी खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर देगा।
भारत इस समय ICC की शीर्ष रैंकिंग वाली टीम है और 2026 पुरुष T20 विश्व कप की विजेता भी है। जापान ने इस ऐतिहासिक मुकाबले के लिए अपनी एशियाई खेल टीम से लगभग वही समूह चुना है।
श्रीलंका ने पिच तैयार करने में की मदद
जापान के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट पिच तैयार करना है। इसी वजह से JCA ने श्रीलंका क्रिकेट (SLC) से सहायता मांगी। श्रीलंका ने सैनो और आइची प्रीफेक्चर के निस्शिन शहर में तैयार की जा रही पिचों के लिए अपने ग्राउंड्समैन और विशेष मिट्टी उपलब्ध कराई।
JCA के अनुसार, सैनो में पिच को दोबारा तैयार करने की योजना पहले से थी, लेकिन भारत के खिलाफ मैच और आगामी एशियाई खेलों को देखते हुए काम को आगे बढ़ाया गया। सैनो और आइची में एक जैसी मिट्टी और पिच तैयार करने का उद्देश्य यह भी है कि एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाली टीमें सैनो में अभ्यास कर सकें।
एशियाई खेलों की तैयारी भी साथ-साथ
भारत-जापान मुकाबले के केवल दो दिन बाद जापान में 2026 एशियाई खेलों के क्रिकेट मुकाबले शुरू होने हैं। निस्शिन शहर में होने वाले मैचों के लिए भी क्रिकेट सुविधाओं को तैयार किया जा रहा है।
जापान क्रिकेट टीम ने एशियाई खेलों के लिए भी अपनी टीम घोषित कर दी है। ICC के अनुसार, जापान की टीम में केंडल काडोवाकी-फ्लेमिंग के अलावा इब्राहिम ताकाहाशी और डेक्लान सुजुकी-मैकॉम्ब जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं।
जापान पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्रिकेट संरचना मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। टीम नियमित रूप से ICC के अंडर-19 विश्व कप और क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती रही है। हालांकि, वह 2026 T20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थी।
कॉरपोरेट कंपनियां भी आईं साथ
भारत-जापान मैच को लेकर व्यावसायिक रुचि भी बढ़ी है। Suzuki Motor Corporation इस मुकाबले की टाइटल पार्टनर है। JCA ने आधिकारिक तौर पर Mitsui Knowledge Industry और Tata Consultancy Services Japan को मेजर पार्टनर घोषित किया है।
इसके अलावा MUFG Bank और Sano City of Cricket Supporter Club आधिकारिक पार्टनर हैं। Mizuno, State Bank of India, Showa Denki, Yoshizawa Lime Industry, Medical Corporation Seiseikai, Daikyo Seiko, Daiichi Sake Brewery और Torasho Sangyo एसोसिएट पार्टनर्स के रूप में जुड़े हैं।
JCA के मुताबिक, इस साझेदारी से मैच के आयोजन को समर्थन मिलने के साथ जापान में क्रिकेट के विकास और भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
भारत-जापान रिश्तों में खेल की भूमिका
भारत और जापान के बीच क्रिकेट मैच को दोनों देशों के व्यापक संबंधों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। जनवरी में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और जापान के तत्कालीन विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी के बीच क्रिकेट से जुड़े उपहारों का आदान-प्रदान हुआ था। जापानी मंत्री ने भारतीय टीम की हस्ताक्षर वाली जर्सी और जयशंकर ने भारतीय क्रिकेटरों द्वारा हस्ताक्षरित बल्ला भेंट किया था।
इसके बाद दोनों देशों के बीच खेलों के माध्यम से लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की पहल को आगे बढ़ाया गया। BCCI और JCA ने इस मैच को ‘Sport 75’ पहल के शुरुआती कार्यक्रमों में शामिल किया है। इसका उद्देश्य भारत और जापान के बीच खेल सहयोग तथा लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देना है।
जापान के क्रिकेट के लिए नया अध्याय
JCA के लिए भारत के खिलाफ मैच की अहमियत आयोजन से कहीं आगे है। संगठन का वार्षिक बजट लगभग 200-300 मिलियन येन बताया गया है और मियाजी के अनुसार, इस मैच पर करीब 100 मिलियन येन खर्च हो रहे हैं। JCA इसे तत्काल आर्थिक लाभ के बजाय जापान में क्रिकेट के लिए नए दर्शक, प्रायोजक और खिलाड़ियों का आधार तैयार करने के निवेश के रूप में देख रहा है।
22 सितंबर का मुकाबला इसलिए जापानी क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा भी होगा और अवसर भी। भारत जैसी शीर्ष टीम की मौजूदगी, श्रीलंका की तकनीकी सहायता, एशियाई खेलों की मेजबानी और कॉरपोरेट प्रायोजन का बढ़ता समर्थन जापान में क्रिकेट को एक नए चरण में ले जाने की कोशिश को दर्शाता है।
