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17 सितंबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो)। भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण और उससे जुड़े घरेलू सप्लाई चेन इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में Tata Electronics बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी के CEO और Managing Director डॉ. रणधीर ठाकुर के अनुसार, Tata Electronics SEMICON India 2026 के दौरान वैश्विक और घरेलू कंपनियों के साथ 16 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर करेगी।

इन समझौतों का उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करना और चिप निर्माण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू क्षमता विकसित करना है। SEMICON India 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में हो रहा है।

सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के कई क्षेत्रों में साझेदारी

Tata Electronics के अनुसार, प्रस्तावित 16 MoUs सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े होंगे। इनमें निर्माण, पैकेजिंग, उपकरण, सामग्री, तकनीक और अन्य सहायक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं शामिल हैं।

कंपनी के CEO रणधीर ठाकुर ने संकेत दिया कि भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को केवल एक-दो फैब या पैकेजिंग संयंत्रों तक सीमित रखने के बजाय व्यापक औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करना जरूरी है। इसके लिए घरेलू कंपनियों के साथ-साथ वैश्विक तकनीकी भागीदारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।

SEMICON India 2026 में भारत की बढ़ती भूमिका

SEMICON India 2026 को भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है। इस वर्ष के आयोजन में 600 से अधिक प्रदर्शक, 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कंपनियां और 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम की थीम “Silicon to Systems: Building the Ecosystem” रखी गई है। इसका फोकस चिप डिजाइन से लेकर निर्माण, पैकेजिंग, उपकरण, सामग्री और सिस्टम स्तर तक एक व्यापक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन तैयार करने पर है।

धोलेरा में Tata Electronics का बड़ा सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट

Tata Electronics गुजरात के धोलेरा में भारत के पहले फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर फैब की स्थापना कर रही है। इस परियोजना के लिए कंपनी ने नीदरलैंड की प्रमुख सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माता ASML के साथ भी रणनीतिक साझेदारी की है।

ASML Tata Electronics के प्रस्तावित 300-mm सेमीकंडक्टर फैब के लिए लिथोग्राफी तकनीक और उपकरण उपलब्ध कराने में सहयोग करेगी। दोनों कंपनियां स्थानीय प्रतिभाओं के प्रशिक्षण और लिथोग्राफी से संबंधित कौशल विकास तथा अनुसंधान एवं विकास ढांचे को विकसित करने पर भी काम करेंगी।

यह साझेदारी भारत में चिप निर्माण की क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि लिथोग्राफी आधुनिक सेमीकंडक्टर निर्माण प्रक्रिया का एक प्रमुख हिस्सा है।

सरकार की Semicon 2.0 पहल

Tata Electronics का विस्तार ऐसे समय हो रहा है जब केंद्र सरकार ने भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए Semicon 2.0 को मंजूरी दी है। जुलाई 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस कार्यक्रम के लिए ₹1,27,500 करोड़ के बजट प्रावधान को मंजूरी दी थी।

Semicon 2.0 के तहत चिप डिजाइन, निर्माण, पैकेजिंग, अनुसंधान एवं विकास, सामग्री, उपकरण और प्रतिभा विकास सहित सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विभिन्न हिस्सों पर ध्यान दिया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को केवल असेंबली और पैकेजिंग तक सीमित रखने के बजाय डिजाइन से लेकर विनिर्माण और सिस्टम इंटीग्रेशन तक विस्तारित करना है।

घरेलू सप्लाई चेन मजबूत करने पर जोर

सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए अत्यधिक जटिल और वैश्विक सप्लाई चेन की जरूरत होती है। चिप फैब के साथ-साथ विशेष रसायन, गैस, वेफर, उपकरण, पैकेजिंग सामग्री और तकनीकी सेवाओं की जरूरत होती है।

इसी वजह से Tata Electronics द्वारा 16 MoUs किए जाने की योजना को व्यापक सप्लाई चेन निर्माण के संदर्भ में देखा जा रहा है। इससे भारत में स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और तकनीकी साझेदारों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

रणधीर ठाकुर का अनुभव

Tata Electronics के CEO एवं MD रणधीर ठाकुर को सेमीकंडक्टर उद्योग में चार दशक से अधिक का अनुभव है। SEMICON India की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने Intel, Applied Materials, SanDisk और Micron Technology जैसी कंपनियों में विभिन्न नेतृत्व भूमिकाओं में काम किया है और उनके नाम 300 से अधिक पेटेंट हैं।

उनका अनुभव सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी और औद्योगिक इकोसिस्टम विकास जैसे क्षेत्रों में रहा है।

भारत के चिप मिशन को मिल सकता है नया विस्तार

भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए पिछले कुछ वर्षों में सरकारी समर्थन और निजी निवेश दोनों बढ़े हैं। सरकार के अनुसार, Semicon India Programme के तहत कई परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है और कुछ संयंत्रों में व्यावसायिक उत्पादन भी शुरू हो चुका है।

Tata Electronics के 16 प्रस्तावित MoUs इस व्यापक प्रक्रिया में निजी क्षेत्र की भागीदारी को और बढ़ाने की दिशा में एक कदम हैं। इन समझौतों से भारत में चिप निर्माण के आसपास उपकरण, सामग्री, पैकेजिंग, डिजाइन और अन्य सहायक उद्योगों का नेटवर्क विकसित करने में मदद मिल सकती है।

SEMICON India 2026 में होने वाली ये साझेदारियां इस बात पर भी ध्यान केंद्रित करेंगी कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में केवल उपभोक्ता बाजार के रूप में नहीं, बल्कि डिजाइन, निर्माण और तकनीकी सेवाओं के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी भूमिका कैसे बढ़ा सकता है।

Bharat Baani Bureau

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