16 सितंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो)। भारत के जीरो-स्टॉक फ्रेश कॉमर्स प्लेटफॉर्म Handpickd ने अपने कारोबार का विस्तार ताजे फल और सब्जियों से आगे करते हुए रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाले खाद्य उत्पादों की नई श्रेणी लॉन्च की है। कंपनी ने इस विस्तार को ‘Science-Less’ की अवधारणा के साथ पेश किया है, जिसका फोकस ताजे, कम-प्रोसेस्ड और एडिटिव-फ्री खाद्य उत्पादों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने पर है।
कंपनी के नए पोर्टफोलियो में ताजा पिसा आटा, हाथ से कुटे मसाले, प्रेस्ड ऑयल, फार्म डेयरी, छोटे बैच में तैयार स्प्रेड्स, ताजे फूल और रेडी-टू-कुक उत्पाद शामिल हैं। Handpickd का कहना है कि आने वाले एक साल में ताजा पिसा आटा और हाथ से कुटे मसाले उसके नए कारोबार के प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर बन सकते हैं।
जीरो-इन्वेंट्री मॉडल का विस्तार
Handpickd ने शुरुआत ताजे फल और सब्जियों के लिए अपने जीरो-स्टॉक मॉडल के साथ की थी। कंपनी का मॉडल पारंपरिक किराना आपूर्ति श्रृंखला से अलग है, जिसमें लंबे समय तक गोदामों या स्टोरेज में सामान रखने के बजाय मांग के आधार पर खरीद और तैयारी पर जोर दिया जाता है।
कंपनी के अनुसार, नए किचन-स्टेपल उत्पाद भी इसी मॉडल के तहत तैयार किए जाएंगे। आटा, मसाले और अन्य उत्पाद विशेषज्ञ किसानों तथा मिलों से प्राप्त कच्चे माल से तैयार किए जाएंगे और डिलीवरी के समय के करीब छोटे बैच में तैयार करने की कोशिश की जाएगी। इसका उद्देश्य लंबे समय तक भंडारण और उससे जुड़े गुणवत्ता संबंधी बदलावों को कम करना है।
‘Science-Less’ का क्या मतलब है?
Handpickd के संस्थापक एवं CEO अनंत गोयल के अनुसार, आधुनिक खाद्य वितरण व्यवस्था में उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कई बार एडिटिव्स, प्रिजर्वेटिव्स और लंबी स्टोरेज अवधि पर निर्भरता होती है। कंपनी इसके बजाय ताजगी और स्थानीय स्तर पर तैयारी को प्राथमिकता देने की कोशिश कर रही है।
गोयल ने कहा कि खाद्य उत्पादों में बदलाव के दो पहलू हो सकते हैं—कुछ ऐसा जोड़ना जो वहां नहीं होना चाहिए या कुछ ऐसा निकाल देना जो स्वाभाविक रूप से मौजूद है। उनके अनुसार Handpickd का मॉडल शुद्ध कच्चे माल, साफ तैयारी और ताजा डिलीवरी को एक साथ जोड़ने का प्रयास है। कंपनी इसी सोच को “Science-Less” कह रही है।
आटा और मसाले बने मुख्य फोकस
नए पोर्टफोलियो में ताजा पिसा आटा और हाथ से कुटे मसालों को विशेष महत्व दिया गया है। कंपनी के मुताबिक, इन उत्पादों को पारंपरिक स्थानीय मिलिंग और तैयारी की अवधारणा के साथ आधुनिक डिलीवरी मॉडल में जोड़ा जाएगा।
इससे Handpickd अपने मौजूदा फ्रेश-प्रोड्यूस ग्राहकों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों का बड़ा हिस्सा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में बढ़ रहा है। पहले जहां प्लेटफॉर्म का मुख्य फोकस फल और सब्जियों पर था, अब इसका लक्ष्य रसोई के अन्य दैनिक उपयोग वाले खाद्य उत्पादों को भी अपने नेटवर्क में शामिल करना है।
फार्म डेयरी, तेल और रेडी-टू-कुक उत्पाद भी शामिल
कंपनी के विस्तार में केवल आटा और मसाले ही नहीं हैं। नए पोर्टफोलियो में प्रेस्ड ऑयल, फार्म डेयरी, छोटे बैच में तैयार स्प्रेड्स और रेडी-टू-कुक उत्पाद भी शामिल किए गए हैं। ताजे फूलों को भी नए पोर्टफोलियो का हिस्सा बनाया गया है।
कंपनी का कहना है कि नए उत्पादों के लिए भी वही sourcing transparency अपनाने की कोशिश की जाएगी, जिसे उसने फल और सब्जियों के कारोबार में विकसित किया है। इसके तहत कच्चे माल की सोर्सिंग से लेकर तैयारी और डिलीवरी तक की प्रक्रिया को ताजगी केंद्रित रखने पर जोर है।
गुरुग्राम, नोएडा और बेंगलुरु में मौजूदगी
Handpickd वर्तमान में गुरुग्राम, नोएडा और बेंगलुरु के उपभोक्ताओं को सेवाएं दे रहा है। कंपनी की स्थापना अप्रैल 2024 में अनंत गोयल, नितिन गुप्ता और साहिल मदान ने की थी।
कंपनी ने अपने कारोबार को एक फुल-स्टैक फ्रेश-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में बदलने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही है। इसका उद्देश्य केवल फल और सब्जियों तक सीमित रहने के बजाय रोजमर्रा की ताजा खाद्य जरूरतों के लिए एक व्यापक प्लेटफॉर्म तैयार करना है।
खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में अलग मॉडल
भारत में ऑनलाइन किराना और क्विक-कॉमर्स बाजार में तेजी के बीच Handpickd का मॉडल ताजगी, स्थानीय सोर्सिंग और कम इन्वेंट्री पर आधारित है। कंपनी के अनुसार, उसका जीरो-इन्वेंट्री मॉडल लंबे समय तक उत्पादों को गोदाम में रखने की आवश्यकता को कम करता है और मांग के आधार पर खरीद या तैयारी को संभव बनाता है।
अब किचन स्टेपल्स में प्रवेश के साथ कंपनी इसी मॉडल को ऐसे उत्पादों तक ले जा रही है जिन्हें आमतौर पर लंबे समय तक स्टोर करके रखा जाता है। आटा, मसाले, तेल और डेयरी जैसे उत्पादों में ताजगी और तैयारी के समय को कारोबार का हिस्सा बनाना Handpickd की नई रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कंपनी का कहना है कि यह विस्तार उसके व्यापक लक्ष्य—फ्रेशनेस, ऑपरेशनल एफिशिएंसी, कैटेगरी विस्तार और उपभोक्ता विश्वास पर आधारित एक फुल-स्टैक फ्रेश-कॉमर्स इकोसिस्टम—की दिशा में अगला कदम है।
