21 सितंबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो)। श्रीलंका के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सनथ जयसूर्या ने भारतीय क्रिकेट की युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें देश के क्रिकेट का भविष्य बताया है। हालांकि, जयसूर्या ने यह भी कहा कि 15 वर्षीय बल्लेबाज को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को विकसित करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने युवा खिलाड़ी को तुरंत भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की जल्दबाजी से बचने की सलाह दी।
जयसूर्या ने रविवार को गुरुग्राम में कॉरपोरेट विश्व कप के उद्घाटन समारोह से इतर समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान सूर्यवंशी पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह युवा बल्लेबाज अलग तरह की प्रतिभा है और जब उसे अवसर मिलेगा, तो वह उसका पूरा फायदा उठाएगा। <Cite refs={[“turn0search2″,”turn0search3”]} />
‘अलग तरह की प्रतिभा हैं सूर्यवंशी’
जयसूर्या ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में कहा, “वह अलग तरह की प्रतिभा है। मुझे लगता है कि वह भारत का भविष्य है। उसके पास काफी समय है। उसे अच्छा प्रदर्शन करने का अवसर दीजिए और वह अच्छा करेगा।”
श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने कहा कि सूर्यवंशी को मिलने वाले अवसरों को लेकर धैर्य रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह भारतीय टीम के चयन और बल्लेबाजी क्रम पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि अंतिम निर्णय टीम प्रबंधन का होता है।
जयसूर्या ने कहा कि सूर्यवंशी किस क्रम पर बल्लेबाजी करेंगे, यह परिस्थितियों और टीम की जरूरतों पर निर्भर करेगा। हालांकि, उन्हें भरोसा है कि जब भी युवा बल्लेबाज को मौका मिलेगा, वह उसे भुनाने की क्षमता रखता है। <Cite refs={[“turn0search2″,”turn0search9”]} />
अफगानिस्तान सीरीज में नहीं मिला खेलने का मौका
वैभव सूर्यवंशी हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें किसी भी मुकाबले में प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया। टीम प्रबंधन ने पारी की शुरुआत के लिए संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी पर भरोसा बनाए रखा।
भारत ने इस सीरीज में अपने नियमित सलामी बल्लेबाजों के साथ मैदान पर उतरने का फैसला किया। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने टीम के लिए उपयोगी प्रदर्शन किया, जिसके चलते सूर्यवंशी को बेंच पर रहना पड़ा।
भारतीय मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी इससे पहले कहा था कि सूर्यवंशी को अपने अवसर का इंतजार करना होगा। गंभीर ने टीम में निरंतरता और पहले से अच्छा प्रदर्शन कर चुके खिलाड़ियों के महत्व पर जोर दिया था। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सूर्यवंशी को जब मौका मिलेगा, तब टीम उन्हें पर्याप्त अवसर देने के लिए तैयार रहेगी। <Cite refs={[“turn0news13″,”turn0news17”]} />
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मिश्रित शुरुआत
वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने तीन पारियों में कुल 42 रन बनाए। इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीन पारियों में 151 रन बनाए। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 50.33 और स्ट्राइक रेट 196.10 रहा।
जिम्बाब्वे दौरे पर उनके प्रदर्शन ने उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेजी से रन बनाने की क्षमता को सामने रखा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने के लिए उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों, गेंदबाजी आक्रमणों और मैच की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना होगा।
जयसूर्या की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट में भविष्य के बड़े नामों में गिना जा रहा है, लेकिन टीम में नियमित स्थान हासिल करने के लिए उन्हें वरिष्ठ और स्थापित खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करनी होगी। <Cite refs={[“turn0search1″,”turn0search7”]} />
संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा
जयसूर्या ने भारतीय टीम में मौजूद प्रतिस्पर्धा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में हमेशा ऐसे खिलाड़ी मौजूद रहते हैं, जो किसी अन्य खिलाड़ी की जगह लेने और अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्रिकेटर में अलग-अलग प्रतिभा होती है और खिलाड़ी अभ्यास तथा प्रशिक्षण में कड़ी मेहनत करते हैं। भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा का स्तर बहुत ऊंचा है, इसलिए टीम में जगह बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों को लगातार अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है।
उनकी टिप्पणी को संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। दोनों खिलाड़ियों ने अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में भारत की पारी की शुरुआत की थी। ऐसे में सूर्यवंशी के लिए भविष्य में अवसर हासिल करने का रास्ता टीम संयोजन, प्रदर्शन और चयन संबंधी फैसलों पर निर्भर करेगा। <Cite refs={[“turn0search3″,”turn0search9”]} />
भारतीय क्रिकेट के उच्च स्तर की प्रशंसा
जयसूर्या ने भारतीय क्रिकेट के समग्र स्तर की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत तीनों प्रारूपों—टेस्ट, वनडे और टी20—में क्रिकेट खेलता है और यहां खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा काफी अधिक है।
उनके अनुसार, भारतीय खिलाड़ियों में देश के लिए खेलने का जुनून है। यही वजह है कि भारतीय क्रिकेट में लगातार नए खिलाड़ी सामने आते हैं और प्रदर्शन का स्तर ऊंचा बना रहता है।
जयसूर्या ने यह भी कहा कि कॉरपोरेट क्रिकेट उन खिलाड़ियों के लिए अवसर उपलब्ध करा सकता है, जिन्हें आईपीएल, राज्य टीम या उच्च स्तर के क्रिकेट में खेलने का मौका नहीं मिला है। उनके मुताबिक, ऐसे टूर्नामेंट प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने और आगे बढ़ने का मंच प्रदान कर सकते हैं। <Cite refs={[“turn0search2″,”turn0search9”]} />
सूर्यवंशी के लिए धैर्य और निरंतरता जरूरी
वैभव सूर्यवंशी की कम उम्र और आक्रामक बल्लेबाजी शैली ने उन्हें भारतीय क्रिकेट में चर्चा का विषय बनाया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबा करियर बनाने के लिए केवल शुरुआती प्रतिभा पर्याप्त नहीं होती। उन्हें फिटनेस, तकनीक, मानसिक मजबूती और विभिन्न परिस्थितियों में प्रदर्शन करने पर लगातार काम करना होगा।
जयसूर्या का संदेश इसी संतुलन पर केंद्रित है—सूर्यवंशी को भविष्य की प्रतिभा के रूप में पहचान मिल रही है, लेकिन उन्हें बिना अनावश्यक दबाव के विकसित होने का समय भी मिलना चाहिए।
भारतीय टीम में नियमित स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा जारी रहेगी। सूर्यवंशी को जब भी अवसर मिलेगा, उनके प्रदर्शन पर नजर रहेगी। फिलहाल जयसूर्या का मानना है कि इस युवा बल्लेबाज में अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने की क्षमता है और वह आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
