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25 सितंबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो)। दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष एनआईए अदालत ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को 30 दिनों के लिए अपने-अपने देशों की यात्रा करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने सभी सात विदेशी नागरिकों को पासपोर्ट जारी करने और भारत से बाहर जाने की अनुमति प्रदान की, लेकिन उन्हें 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद भारत लौटना होगा।

अदालत का यह आदेश उस मामले में आया है, जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मार्च 2026 में वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। शुरुआत में मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आरोप लगाए गए थे। हालांकि, बाद में NIA ने अपनी चार्जशीट में UAPA की धाराएं शामिल नहीं कीं और सातों आरोपियों के खिलाफ केवल आव्रजन संबंधी अपराधों के आरोप लगाए।

30 दिन बाद भारत लौटना होगा

विशेष अदालत ने वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों की ओर से दायर आवेदनों पर सुनवाई के बाद उन्हें अपने-अपने देशों की यात्रा की अनुमति दी। अदालत ने पासपोर्ट वापस करने के साथ यह शर्त रखी कि सभी आरोपी 30 दिनों के भीतर भारत लौटेंगे।

वैन डाइक फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद थे, जबकि छह यूक्रेनी नागरिक रोहिणी जेल में रखे गए थे। अदालत के आदेश के बाद सातों विदेशी नागरिकों को यात्रा की अनुमति मिल गई।

अदालत ने यात्रा की अनुमति को मामले से स्थायी राहत के रूप में नहीं माना है। 30 दिन की यात्रा अवधि समाप्त होने के बाद भारत लौटना आदेश की महत्वपूर्ण शर्त है। मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में जारी रहेगी।

मार्च में हुई थी गिरफ्तारी

NIA ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक को 13 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था। छह यूक्रेनी नागरिकों—हुरबा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफानकिव मारियन, होनचारुक मैक्सिम और कामिंस्की विक्टर—को भी मार्च में गिरफ्तार किया गया था।

शुरुआती जांच के दौरान एजेंसी ने आरोप लगाया था कि कुछ यूक्रेनी नागरिक पर्यटक वीजा पर भारत आए थे और आवश्यक परमिट हासिल किए बिना पूर्वोत्तर के कुछ क्षेत्रों की यात्रा की। NIA के आरोपों के अनुसार, वे मिजोरम से अवैध रूप से म्यांमार में प्रवेश कर गए थे, जहां कथित तौर पर जातीय सशस्त्र संगठनों को ड्रोन युद्ध और ड्रोन संचालन से संबंधित प्रशिक्षण देने की योजना थी।

इन आरोपों के आधार पर जांच एजेंसी ने मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए UAPA के तहत भी जांच की थी। अप्रैल में अदालत ने सातों आरोपियों को 30 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। उस समय आरोपों में कथित तौर पर म्यांमार स्थित जातीय सशस्त्र समूहों से संबंध और ड्रोन प्रशिक्षण सहित अन्य गतिविधियों का उल्लेख किया गया था।

चार्जशीट में UAPA धाराएं नहीं

मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सितंबर में सामने आया, जब NIA ने 8 सितंबर को विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की। एजेंसी ने सातों आरोपियों के खिलाफ UAPA की धाराएं नहीं लगाईं और उन्हें केवल आव्रजन संबंधी अपराधों के तहत आरोपित किया।

हालांकि, NIA ने अदालत को यह भी बताया कि UAPA के तहत जांच पूरी तरह बंद नहीं हुई है। एजेंसी की जांच में कानून के तहत आगे की कार्रवाई की संभावना खुली रखी गई है।

UAPA की धाराओं को चार्जशीट में शामिल नहीं किए जाने के बाद आरोपियों के लिए डिफॉल्ट बेल का रास्ता खुला। अदालत ने पहले छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट बेल प्रदान की और बाद में वैन डाइक को भी इसी आधार पर राहत मिली।

वैन डाइक के परिवार ने उठाया था मामला

वैन डाइक की गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार ने अमेरिकी अधिकारियों से राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की थी। परिवार ने आरोप लगाया था कि तिहाड़ जेल में हिरासत के दौरान उन्हें बुनियादी बंदी अधिकारों से वंचित किया गया।

वैन डाइक द्वारा स्थापित संगठन Sons of Liberty International ने भी अगस्त में उनकी स्थिति को लेकर बयान जारी किया था। संगठन के अनुसार, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ वैन डाइक की स्थिति पर चर्चा की थी। यह संगठन की ओर से किया गया दावा था।

इससे पहले वैन डाइक ने अदालत से अपने परिवार के साथ वीडियो कॉल की अनुमति भी मांगी थी। अप्रैल में अदालत ने इस आवेदन पर NIA से जवाब मांगा था।

मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी

30 दिनों के लिए विदेश यात्रा की अनुमति मिलने के बावजूद सातों आरोपियों के खिलाफ मामला समाप्त नहीं हुआ है। अदालत के आदेश में भारत लौटने की शर्त महत्वपूर्ण है और आगे की कानूनी कार्यवाही संबंधित न्यायालय में जारी रहेगी।

मामले में आरोपों और जांच से संबंधित कई पहलू अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। NIA की ओर से लगाए गए शुरुआती आरोपों को अदालत में अंतिम रूप से सिद्ध किया जाना बाकी है। सितंबर में UAPA धाराओं को चार्जशीट में शामिल नहीं किए जाने के बाद मामले की कानूनी स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव जरूर आया है।

अब अदालत के आदेश के बाद वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को अपने-अपने देशों की यात्रा करने का अवसर मिलेगा। 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद उनकी भारत वापसी और मामले की आगे की सुनवाई इस प्रकरण के अगले महत्वपूर्ण चरण होंगे।

Bharat Baani Bureau

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