Notice: Trying to get property 'post_content' of non-object in /home/bharatbaani/htdocs/bharatbaani.com/wp-content/plugins/custom-css-js/custom-css-js.php on line 203

25 सितंबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो)। ग्रीनफील्ड स्टेडियम में बारिश के बाद जब भारतीय टीम का अभ्यास सत्र शुरू हुआ, तो मैदान पर मौजूद लोगों की नजरें बार-बार दो खिलाड़ियों की ओर जा रही थीं—रोहित शर्मा और विराट कोहली। दोनों बल्लेबाजों ने नेट्स में पूरे आत्मविश्वास के साथ अभ्यास किया और ऐसा लगा जैसे वे अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के एक और अध्याय के लिए खुद को तैयार कर रहे हों।

भारत की वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज को 2027 वनडे विश्व कप की राह की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में रोहित और कोहली की मौजूदगी केवल अनुभव का मामला नहीं है। दोनों दिग्गजों के प्रदर्शन पर भी स्वाभाविक रूप से नजर रहेगी।

नेट्स में दिखा पुराना अंदाज

अभ्यास के दौरान विराट कोहली ने नेट गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने आगे बढ़कर शॉट खेले और एक गेंद को मिडविकेट के ऊपर से भेजा। इसके बाद नमन धीर की गेंद पर सीधा छक्का भी लगाया।

रोहित शर्मा ने भी अपने अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने कवर ड्राइव और स्ट्रेट ड्राइव लगाए और तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को शॉर्ट गेंद डालने के लिए कहा। यह अभ्यास वेस्टइंडीज के खिलाफ संभावित परिस्थितियों और तेज गेंदबाजी के लिए उनकी तैयारी का हिस्सा नजर आया।

अभ्यास सत्र के दौरान दर्शकों का ध्यान लगातार दोनों बल्लेबाजों पर रहा। भारतीय टीम के अन्य खिलाड़ी भी मैदान पर मौजूद थे, लेकिन रोहित और कोहली की बल्लेबाजी देखने के लिए विशेष उत्सुकता दिखाई दी।

वनडे क्रिकेट में अब नई चुनौती

दोनों खिलाड़ियों ने टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और अब उनका अंतरराष्ट्रीय करियर वनडे क्रिकेट तक सीमित है। ऐसे में अगले साल होने वाला वनडे विश्व कप उनके करियर के अंतिम बड़े अंतरराष्ट्रीय पड़ावों में शामिल हो सकता है।

इसी वजह से वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज का महत्व भी बढ़ जाता है। यह सीरीज सिर्फ वर्तमान फॉर्म परखने का मौका नहीं है, बल्कि भारत की विश्व कप योजना में अनुभवी खिलाड़ियों और नई पीढ़ी के बीच संतुलन बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा भी है।

रोहित ने आलोचनाओं का दिया जवाब

रोहित शर्मा के लिए पिछले कुछ समय में वनडे क्रिकेट का सफर पूरी तरह आसान नहीं रहा। उनके स्थान और प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में शतक ने उन्हें फिर चर्चा में ला दिया।

अब उनकी चुनौती उस लय को आगे बढ़ाने की है। एकदिवसीय क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी की खासियत आक्रामक शुरुआत और बड़ी पारी खेलने की क्षमता रही है। टीम को उनसे शीर्ष क्रम में अनुभव और बड़े मैचों का दबाव संभालने की क्षमता की उम्मीद होगी।

कोहली का लक्ष्य निरंतरता

विराट कोहली के लिए तस्वीर कुछ अलग है। वनडे क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लंबे समय से भारतीय बल्लेबाजी की पहचान रहा है। मौजूदा दौर में भी उन्होंने लगातार बड़ी पारियां खेलकर अपनी उपयोगिता दिखाई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अपनी पिछली 10 पारियों में कोहली ने तीन शतक लगाए हैं और पांच पारियों में अर्धशतक या उससे अधिक का स्कोर बनाया है, जिसमें 93 रन की पारी भी शामिल है। श्रीलंका के खिलाफ उनका नाबाद 166 रन का प्रदर्शन भी उनके हालिया वनडे करियर की प्रमुख पारियों में रहा है।

युवा खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा मौका

वेस्टइंडीज सीरीज में केवल रोहित और कोहली पर नजर नहीं होगी। युवा खिलाड़ियों के लिए भी यह सीरीज महत्वपूर्ण है। ऋतुराज गायकवाड़, ध्रुव जुरेल और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों के पास टीम में अपनी जगह मजबूत करने का अवसर होगा।

नितीश रेड्डी भी अपनी हालिया प्रगति को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। वह टीम में ऑलराउंड विकल्प के रूप में अपनी दावेदारी मजबूत कर सकते हैं। तेज गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा और औकिब नबी के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी, जबकि मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव से उनके अनुभव के मुताबिक प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

कप्तान गिल के लिए अनुभव की ताकत

भारत की वनडे टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में है। ऐसे में रोहित और कोहली का अनुभव उनके लिए भी उपयोगी हो सकता है।

दोनों खिलाड़ी लंबे समय तक भारतीय टीम का नेतृत्व कर चुके हैं और बड़े टूर्नामेंटों में दबाव का सामना करने का व्यापक अनुभव रखते हैं। आने वाले समय में उनकी भूमिका केवल रन बनाने तक सीमित नहीं होगी; ड्रेसिंग रूम और मैदान पर युवा खिलाड़ियों के साथ उनका अनुभव भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

2027 विश्व कप की ओर पहला कदम

भारत के लिए अगला वनडे विश्व कप अभी दूर है, लेकिन उसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। आने वाली द्विपक्षीय सीरीज खिलाड़ियों के संयोजन, भूमिकाओं और टीम संतुलन को परखने का अवसर देंगी।

रोहित और कोहली के लिए यह चरण विशेष है। दोनों उस दौर में प्रवेश कर चुके हैं जहां हर वनडे उनके करियर की विरासत में एक और अध्याय जोड़ सकता है। उनकी मौजूदगी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

तिरुवनंतपुरम के अभ्यास सत्र में दिखाई दिया उत्साह इसी का संकेत था। दो दिग्गज मैदान पर थे, बल्ले चल रहे थे और नजरें अगले बड़े लक्ष्य पर थीं। तूफानों और उतार-चढ़ाव के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली अब वनडे क्रिकेट में एक और मजबूत दौर की शुरुआत के लिए तैयार दिखाई दे रहे हैं।

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *