28 सितंबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा उनके दूसरे और अंतिम पांच वर्षीय कार्यकाल की समाप्ति से करीब सात महीने पहले आया है। इस कदम से देश में नए राष्ट्रपति चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही, सर्बिया में 25 अक्टूबर को होने वाले समय से पहले संसदीय चुनावों के बीच राजनीतिक घटनाक्रम और तेज हो गया है।
वुचिच का इस्तीफा ऐसे समय में हुआ है जब सर्बिया पिछले करीब दो वर्षों से छात्र नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों और सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष का सामना कर रहा है। वुचिच अब राष्ट्रपति पद के बजाय अपनी Serbian Progressive Party (SNS) के लिए संसदीय चुनाव में समर्थन जुटाने की भूमिका में हैं। यदि उनकी पार्टी नई सरकार बनाने में सफल रहती है, तो वुचिच प्रधानमंत्री पद के लिए आगे आ सकते हैं।
25 अक्टूबर को संसदीय चुनाव
सर्बिया में 25 अक्टूबर 2026 को समय से पहले संसदीय चुनाव होने हैं। राष्ट्रपति वुचिच ने 9 सितंबर को संसद भंग करने और नए चुनाव कराने के लिए औपचारिक निर्णय जारी किया था। सरकार ने इससे पहले संसद भंग करने और चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा था।
सरकारी घोषणा के अनुसार, चुनाव में संसद के नए सदस्यों का चयन किया जाएगा। यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब सरकार और छात्र आंदोलन के बीच राजनीतिक टकराव लंबे समय से जारी है।
इस्तीफे के बाद क्या होगा?
वुचिच के इस्तीफे के बाद संसद की अध्यक्ष आना ब्रनाबिच कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगी। सर्बियाई सरकार के अनुसार, वुचिच ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति भवन में सार्वजनिक संबोधन के बाद सौंपा और अगले दिन अपनी जिम्मेदारियां ब्रनाबिच को हस्तांतरित करने की बात कही।
वुचिच के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति चुनाव भी कराना होगा। उनके अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव दिसंबर के अंत तक आयोजित किया जाना चाहिए। संविधान के तहत वह लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद पर चुनाव नहीं लड़ सकते।
प्रधानमंत्री पद की ओर वुचिच की नजर
राष्ट्रपति पद छोड़ने के बावजूद वुचिच सर्बिया की राजनीति से बाहर नहीं हो रहे हैं। उनके इस्तीफे का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वह अब 25 अक्टूबर के संसदीय चुनाव में अपनी पार्टी के लिए सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
Reuters के अनुसार, यदि Serbian Progressive Party चुनाव के बाद सरकार बनाने में सफल रहती है, तो वुचिच को प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। इससे उनके लिए कार्यपालिका में एक अलग भूमिका में लौटने का रास्ता खुल सकता है।
वुचिच 2014 से सर्बिया की राजनीति के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। वह पहले प्रधानमंत्री और बाद में राष्ट्रपति के रूप में देश की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं।
छात्र आंदोलन बना बड़ी राजनीतिक चुनौती
सर्बिया में मौजूदा राजनीतिक संकट की पृष्ठभूमि में छात्र आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नवंबर 2024 में उत्तरी शहर नोवी साद के रेलवे स्टेशन पर कंक्रीट का एक छज्जा गिरने से 16 लोगों की मौत के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे।
छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जवाबदेही, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग की। प्रदर्शन धीरे-धीरे देश के सबसे बड़े जन आंदोलनों में बदल गया और शुरुआती हादसे के बाद सरकार की कार्यप्रणाली तथा संस्थानों की स्वतंत्रता को लेकर व्यापक बहस शुरू हुई।
वुचिच और उनके समर्थकों ने सरकार पर लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। उनका कहना है कि उनके प्रशासन ने देश में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ आर्थिक विकास को आगे बढ़ाया है।
‘स्टूडेंट लिस्ट’ भी चुनाव मैदान में
छात्र आंदोलन से जुड़े समूहों ने भी संसदीय चुनाव में भाग लेने की तैयारी की है। छात्र समर्थित सूची “Students Win” के नाम से चुनाव मैदान में उतर रही है और उसे कई विपक्षी दलों का समर्थन मिला है। सूची में विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों को शामिल किया गया है।
छात्र समर्थित समूहों के प्रमुख मुद्दों में भ्रष्टाचार की जांच, सार्वजनिक संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप को कम करना और सरकारी धन के इस्तेमाल में अधिक पारदर्शिता शामिल हैं।
बाल्कन क्षेत्र पर भी नजर
सर्बिया का यह चुनाव केवल घरेलू राजनीति के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है। पश्चिमी बाल्कन में सर्बिया की राजनीतिक और आर्थिक भूमिका को देखते हुए क्षेत्र के अन्य देश भी घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं।
सर्बिया के बोस्निया और हर्जेगोविना, कोसोवो और मोंटेनेग्रो के साथ महत्वपूर्ण राजनीतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं। इसलिए बेलग्रेड में होने वाले राजनीतिक बदलावों का प्रभाव क्षेत्रीय संबंधों पर भी पड़ सकता है।
सर्बिया यूरोपीय संघ के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने की कोशिश करता रहा है, जबकि रूस और चीन के साथ भी उसके महत्वपूर्ण संबंध हैं। ऐसे में आने वाले चुनाव से देश की घरेलू राजनीति के साथ-साथ उसकी विदेश नीति की दिशा को लेकर भी चर्चा तेज हो सकती है।
अब आगे क्या?
वुचिच के इस्तीफे के बाद तत्काल राजनीतिक प्रक्रिया दो स्तरों पर आगे बढ़ेगी। पहला, 25 अक्टूबर को होने वाले संसदीय चुनाव में नई संसद और संभावित नई सरकार का गठन होगा। दूसरा, वर्ष के अंत तक राष्ट्रपति चुनाव कराया जाना है।
इस बीच छात्र आंदोलन और विपक्षी दलों की सक्रियता चुनाव को महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबले में बदल रही है। हालांकि चुनाव के परिणाम और उसके बाद सरकार गठन की तस्वीर मतदान के बाद ही स्पष्ट होगी।
वुचिच का राष्ट्रपति पद छोड़ना सर्बिया की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक और राजनीतिक बदलाव है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वह सक्रिय राजनीति से बाहर हो गए हैं। अक्टूबर के संसदीय चुनाव में उनकी पार्टी की भूमिका और संभावित रूप से प्रधानमंत्री पद की ओर उनका कदम आने वाले महीनों में सर्बिया की राजनीति की दिशा तय करने वाले प्रमुख घटनाक्रमों में शामिल होगा।
