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29 सितंबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारी बिकवाली देखने को मिली। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर दबाव डाला। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 503 अंक गिरकर 72,260.09 पर आ गया, जबकि निफ्टी 151 अंक फिसलकर 22,626.50 पर पहुंच गया।

बाजार में यह कमजोरी ऐसे समय आई है जब इससे पिछले कारोबारी सत्र में भी भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। सोमवार को सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर और निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56 प्रतिशत टूटकर 22,780.25 पर बंद हुआ था।

कच्चे तेल की कीमतें बनीं बड़ी चिंता

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से आया है। पश्चिम एशिया में तनाव और अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर अनिश्चितता के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज वृद्धि से देश के आयात बिल, व्यापार घाटे और महंगाई पर दबाव बढ़ने की चिंता रहती है।

महंगे कच्चे तेल का असर कंपनियों की लागत पर भी पड़ सकता है। विशेष रूप से तेल आयात पर निर्भर क्षेत्रों में मार्जिन को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी होने पर डॉलर में भुगतान किए जाने वाले कच्चे तेल का घरेलू लागत प्रभाव और बढ़ सकता है।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

भारतीय बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) की बिकवाली भी सेंटीमेंट को प्रभावित कर रही है। सितंबर में विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय इक्विटी से बड़ी मात्रा में धन निकाला गया है। Upstox के अनुसार, सितंबर में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में लगभग ₹17,131 करोड़ की बिकवाली की है।

विदेशी पूंजी की निकासी से बाजार में उपलब्ध तरलता और निवेशकों के जोखिम लेने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। इसके साथ ही अमेरिका में ऊंची बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर भी उभरते बाजारों से पूंजी निकासी का दबाव बढ़ा सकते हैं।

बैंकिंग और बड़े शेयरों पर दबाव

शुरुआती कारोबार में कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इससे पिछले कारोबारी सत्र में बजाज फाइनेंस, HDFC Bank, Kotak Mahindra Bank, Reliance Industries, Asian Paints और Infosys जैसे प्रमुख शेयरों पर दबाव देखा गया था।

सोमवार को व्यापक बिकवाली के बीच बैंकिंग और वित्तीय शेयर विशेष रूप से दबाव में रहे। HDFC Bank, ICICI Bank और अन्य प्रमुख वित्तीय शेयरों में कमजोरी ने प्रमुख सूचकांकों पर असर डाला।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी चिंता का कारण

भारतीय बाजार के लिए एक अन्य चुनौती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी है। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड सोमवार को कई वर्षों के ऊंचे स्तर के करीब पहुंच गई थी। ऊंची अमेरिकी यील्ड से डॉलर आधारित परिसंपत्तियों का आकर्षण बढ़ सकता है और उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी प्रवाह प्रभावित हो सकता है।

बाजार विशेषज्ञों के लिए अब यह भी महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिका में ब्याज दरों और महंगाई को लेकर आगे क्या संकेत मिलते हैं। ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की आशंका वैश्विक इक्विटी बाजारों के लिए दबाव का कारण बन सकती है।

भारतीय बाजार छह महीने के निचले स्तर के करीब

29 सितंबर के कारोबार में शुरुआती गिरावट के बाद भारतीय बाजार छह महीने के निचले स्तर के आसपास पहुंच गया। Reuters के अनुसार, सुबह के कारोबार के बाद निफ्टी 50 0.77 प्रतिशत गिरकर 22,606.10 और सेंसेक्स 0.82 प्रतिशत गिरकर 72,179.87 पर था। रिपोर्ट के मुताबिक 16 प्रमुख सेक्टरों में से 14 में गिरावट दर्ज की गई।

इससे संकेत मिलता है कि बिकवाली केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बाजार के कई हिस्सों में व्यापक दबाव दिखाई दिया।

आगे बाजार की दिशा किन बातों पर निर्भर?

आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, विदेशी निवेश प्रवाह, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और रुपये की चाल पर रहेगी।

महंगे तेल से भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित मुद्रास्फीति और व्यापार घाटे का दबाव बढ़ सकता है, जबकि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार में अस्थिरता बनाए रख सकती है। दूसरी ओर, यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो बाजार धारणा में बदलाव देखने को मिल सकता है।

फिलहाल शुरुआती कारोबार के संकेत बताते हैं कि भारतीय शेयर बाजार वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कमोडिटी बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब दिन के कारोबार में बाजार की दिशा और विदेशी फंड प्रवाह पर रहेगी।

Bharat Baani Bureau

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