6 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): पंजाब के वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को सरकारी कर्मचारियों और संविदा कर्मचारियों की लंबित मांगों और सेवा संबंधी मामलों को लेकर आईटीआई प्रशिक्षकों तथा PUNBUS/PRTC अनुबंध कर्मचारियों की यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठकें कीं। चीमा कर्मचारी मामलों से संबंधित कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष भी हैं।
बैठकों में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कर्मचारियों की जायज मांगों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द समाधान किया जाए। खासतौर पर PUNBUS और PRTC के संविदा कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए 15 अक्टूबर की समय-सीमा तय की गई है।
PUNBUS-PRTC कर्मचारियों की मांगों पर 15 अक्टूबर तक समाधान
पंजाब रोडवेज, PUNBUS/PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कर्मचारियों की सभी जायज मांगों पर 15 अक्टूबर तक कार्रवाई पूरी की जाए।
मंत्री ने परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग वर्मा को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन मामलों में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मंजूरी आवश्यक है, उन्हें जल्द निपटाने के लिए संबंधित परिवहन संस्थाओं के बोर्ड की बैठक बिना देरी के बुलाई जाए।
सरकार के मुताबिक, इस प्रक्रिया का उद्देश्य कर्मचारियों की लंबित सेवा संबंधी समस्याओं को संबंधित विभागों और सक्षम संस्थाओं के स्तर पर तेजी से आगे बढ़ाना है।
ITI कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षकों की सेवा सुरक्षा पर चर्चा
एक अलग बैठक में सरकारी आईटीआई कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी यूनियन पंजाब और ऑल पंजाब DST/CTS कॉन्ट्रैक्ट इंस्ट्रक्टर यूनियन सहित विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी मांगें वित्त मंत्री के सामने रखीं।
बैठक में कॉन्ट्रैक्ट ITI प्रशिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वेतन और पारिश्रमिक में संशोधन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने कहा कि कई प्रशिक्षक लंबे समय से गेस्ट फैकल्टी और कॉन्ट्रैक्ट इंस्ट्रक्टर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं और उनकी सेवा अवधि को भविष्य की नीतिगत व्यवस्था में ध्यान में रखा जाना चाहिए।
यूनियनों की प्रमुख मांगों में 58 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा और वेतन में उचित बढ़ोतरी से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।
वेतन संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
हरपाल सिंह चीमा ने तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ITI कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षकों के वेतन से संबंधित मांगों पर औपचारिक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, तकनीकी शिक्षा निदेशक मोनीश कुमार को प्रशिक्षकों के वेतन संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेजने को कहा गया है। मंत्री ने कहा कि प्रस्ताव पर विचार करते समय प्रशिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही सेवाओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
इस कदम से कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षकों को उम्मीद है कि उनकी लंबे समय से लंबित वेतन और सेवा संबंधी मांगों पर आगे ठोस निर्णय लिया जा सकेगा।
कर्मचारी यूनियनों के साथ संवाद जारी रखने पर जोर
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों के साथ संवाद के जरिए उनकी जायज मांगों का समाधान करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों का समाधान विभागीय स्तर पर संभव है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। वहीं जिन मांगों में वित्तीय या बोर्ड स्तर की मंजूरी जरूरी है, उनके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय कर प्रक्रिया को तेज किया जाए।
संविदा कर्मचारियों के मुद्दे सरकार के एजेंडे में
PUNBUS और PRTC के कर्मचारियों की मांगों का मुद्दा इससे पहले भी पंजाब सरकार के सामने उठता रहा है। अगस्त 2026 में भी हरपाल सिंह चीमा ने परिवहन और अन्य विभागों के कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक कर आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रत्यक्ष संविदा व्यवस्था में लाने से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए थे।
अब 5 अक्टूबर की बैठक में PUNBUS/PRTC कर्मचारियों के लिए 15 अक्टूबर की समय-सीमा तय किए जाने से इन मांगों के समाधान की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सरकार ने बताई समाधान की प्रक्रिया
बैठकों के बाद सरकार की ओर से कहा गया कि कर्मचारी संगठनों द्वारा उठाए गए मुद्दों की समीक्षा संबंधित विभागों और सक्षम प्राधिकरणों के माध्यम से की जाएगी। जिन मामलों में वित्तीय मंजूरी की आवश्यकता होगी, उन्हें वित्त विभाग के स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।
वहीं PUNBUS/PRTC के मामलों में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मंजूरी की जरूरत वाले मुद्दों को जल्द निपटाने के लिए बोर्ड बैठक बुलाने के निर्देश दिए गए हैं।
कुल मिलाकर, हरपाल सिंह चीमा की इन बैठकों में PUNBUS/PRTC संविदा कर्मचारियों की मांगों के लिए 15 अक्टूबर की समय-सीमा और ITI कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षकों की सेवा सुरक्षा तथा वेतन संशोधन प्रमुख मुद्दे रहे। अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित मांगों पर क्या प्रशासनिक और नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं।
