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9 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बच्चों और किशोरों में बढ़ते मोटापे से निपटने के लिए पहली बार वैश्विक दिशानिर्देश जारी किए हैं। संगठन ने सलाह दी है कि बच्चों के मोटापे के प्रबंधन में सबसे पहले संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव पर ध्यान दिया जाना चाहिए। वजन घटाने वाली दवाओं और सर्जरी को बच्चों के लिए शुरुआती उपचार के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। <Cite refs={[“turn830976search0″,”turn830976search1”]}/>

WHO के अनुसार, वर्ष 2024 में दुनिया भर में 5 से 19 वर्ष की आयु के लगभग 17 करोड़ बच्चे और किशोर मोटापे से प्रभावित थे। 1990 में इस आयु वर्ग में मोटापे की व्यापकता 2 प्रतिशत थी, जो 2024 में बढ़कर 8 प्रतिशत हो गई। संगठन ने चेताया है कि मोटापा केवल वजन बढ़ने की समस्या नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक बीमारी है, जिसका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। <Cite refs={[“turn830976search0″,”turn830976search11”]}/>

10 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए दवाओं की सिफारिश नहीं

WHO के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में मोटापे के इलाज के लिए वजन घटाने वाली दवाओं, बेरियाट्रिक सर्जरी या वजन घटाने वाले उपकरणों का इस्तेमाल करने की सिफारिश नहीं की गई है।

इस आयु वर्ग में उपचार का मुख्य आधार स्वस्थ खानपान, शारीरिक गतिविधि, व्यवहार में बदलाव और परिवार की भागीदारी होना चाहिए। बच्चों की जरूरतों और पारिवारिक परिस्थितियों के अनुसार उपचार की योजना तैयार करना भी जरूरी है। <Cite refs={[“turn830976search0″,”turn830976search1”]}/>

किशोरों में कब इस्तेमाल हो सकती हैं दवाएं?

WHO ने 10 से 19 वर्ष की आयु के किशोरों के लिए सीमित परिस्थितियों में दवाओं के इस्तेमाल की संभावना को स्वीकार किया है। हालांकि, इसके लिए पहले विशेषज्ञों की निगरानी में आहार, व्यायाम और व्यवहार संबंधी बदलावों वाला समग्र कार्यक्रम अपनाना जरूरी है।

यदि इस तरह के उपचार से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते, तो डॉक्टर स्वीकृत मोटापा-रोधी दवाओं पर विचार कर सकते हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर अधिक वजन वाले किशोर को दवा दी जानी चाहिए। फैसला स्वास्थ्य की स्थिति, मोटापे की गंभीरता, संबंधित बीमारियों और संभावित लाभ-जोखिम के आकलन के आधार पर होना चाहिए। <Cite refs={[“turn830976search0″,”turn830976search2″,”turn830976search6”]}/>

परिवार की भूमिका सबसे अहम

WHO ने बच्चों के मोटापे के उपचार में माता-पिता और देखभाल करने वालों की भागीदारी पर जोर दिया है। बच्चों को स्वस्थ भोजन की आदतें विकसित करने, नियमित खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों में शामिल होने तथा पर्याप्त नींद लेने में परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

साथ ही, बच्चों के स्क्रीन टाइम और लंबे समय तक बैठे रहने की आदतों पर ध्यान देना भी जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलाव केवल बच्चे पर जिम्मेदारी डालकर नहीं, बल्कि पूरे परिवार की दिनचर्या में सकारात्मक सुधार लाकर अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकते हैं। <Cite refs={[“turn830976search6″,”turn830976search11”]}/>

मोटापे के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान

WHO ने स्पष्ट किया है कि बच्चों में मोटापे का उपचार केवल वजन कम करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। मोटापे से प्रभावित बच्चों को भेदभाव, मजाक और बुलिंग का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनके आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

इसलिए उपचार के दौरान चिंता, अवसाद, कम आत्मसम्मान और भावनात्मक समस्याओं की पहचान करना भी जरूरी है। बच्चों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और उन्हें सहयोग देने वाला वातावरण उनकी सेहत और जीवन की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकता है। <Cite refs={[“turn830976search0″,”turn830976search2”]}/>

भारत के लिए भी महत्वपूर्ण हैं ये दिशानिर्देश

भारत में भी बच्चों और किशोरों में मोटापे की रोकथाम और प्रबंधन के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्क्रीन टाइम में कमी और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की देखरेख में उपचार पर जोर दिया जाता है। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के दिशानिर्देश भी बच्चों में वजन प्रबंधन के लिए स्वस्थ खानपान और शारीरिक गतिविधि को महत्वपूर्ण मानते हैं। दवाओं पर विचार करते समय मोटापे की गंभीरता और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का आकलन जरूरी है। <Cite refs={[“turn830976search4″,”turn830976search7”]}/>

WHO ने यह भी कहा है कि बच्चों में मोटापे की समस्या का समाधान केवल इलाज से नहीं होगा। सरकारों और स्वास्थ्य प्रणालियों को स्वस्थ भोजन और शारीरिक गतिविधियों के लिए सुलभ तथा किफायती अवसर उपलब्ध कराने होंगे। स्कूलों, शहरी नियोजन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी नीतियां भी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। <Cite refs={[“turn830976search0″,”turn830976search11”]}/>

निष्कर्ष

WHO के नए दिशानिर्देशों का मुख्य संदेश है कि बच्चों में मोटापे के प्रबंधन की शुरुआत दवा से नहीं, बल्कि समग्र देखभाल से होनी चाहिए। स्वस्थ खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, व्यवहार में बदलाव और परिवार का सहयोग उपचार की बुनियाद हैं। किशोरों में दवाओं का इस्तेमाल केवल उपयुक्त परिस्थितियों में चिकित्सकीय निगरानी के तहत किया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य संबंधी अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। बच्चे के वजन, वृद्धि या मोटापे को लेकर चिंता होने पर बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। डॉक्टर की सलाह के बिना वजन घटाने वाली दवा शुरू न करें।

Bharat Baani Bureau

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