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13 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो : दुनियाभर में गाउट यानी गठिया के एक विशेष प्रकार को लेकर चिंता बढ़ रही है। यह बीमारी शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने और जोड़ों में इसके क्रिस्टल जमा होने के कारण होती है। इससे अचानक तेज दर्द, सूजन, लालिमा और प्रभावित जोड़ में गर्माहट महसूस हो सकती है। पुरुषों में गाउट का जोखिम महिलाओं की तुलना में अधिक देखा जाता है, हालांकि उम्र, वजन, खानपान, आनुवंशिक कारण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसके खतरे को प्रभावित करती हैं।

गाउट अक्सर पैर के अंगूठे के जोड़ को प्रभावित करता है, लेकिन यह टखने, घुटने, कलाई और अन्य जोड़ों में भी हो सकता है। इसके दर्द का दौरा कई बार रात में अचानक शुरू होता है और कुछ घंटों में काफी तेज हो सकता है। शुरुआती संकेतों को पहचानना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना बीमारी को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

क्या है गाउट और क्यों होता है?

गाउट, गठिया का एक प्रकार है। जब शरीर में यूरिक एसिड का स्तर अधिक हो जाता है, तो कुछ परिस्थितियों में यह जोड़ों के भीतर छोटे क्रिस्टल बना सकता है। इन क्रिस्टलों के कारण सूजन और तेज दर्द होता है।

यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन नामक पदार्थों के टूटने से बनता है। प्यूरीन शरीर में प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है और कुछ खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है। सामान्यतः किडनी यूरिक एसिड को छानकर शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है। यदि शरीर में इसका उत्पादन अधिक हो या किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर न निकाल पाए, तो रक्त में इसका स्तर बढ़ सकता है।

हालांकि, यूरिक एसिड बढ़ा होना अपने आप में गाउट होने का प्रमाण नहीं है। कई लोगों में यूरिक एसिड का स्तर अधिक होने के बावजूद कभी गाउट विकसित नहीं होता।

पुरुषों में अधिक जोखिम क्यों?

पुरुषों में गाउट अपेक्षाकृत अधिक पाया जाता है। महिलाओं में रजोनिवृत्ति से पहले इसका जोखिम आम तौर पर कम रहता है, जबकि रजोनिवृत्ति के बाद जोखिम बढ़ सकता है। इसके पीछे हार्मोनल अंतर और यूरिक एसिड के स्तर से जुड़े कारण हो सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, कुछ अन्य कारक भी गाउट का खतरा बढ़ा सकते हैं:

  • अधिक वजन: मोटापा यूरिक एसिड बढ़ने और इंसुलिन प्रतिरोध से जुड़ा हो सकता है।
  • शराब का सेवन: विशेष रूप से बीयर और अधिक मात्रा में शराब पीने से जोखिम बढ़ सकता है।
  • कुछ खाद्य पदार्थ: लाल मांस, अंगों का मांस और कुछ समुद्री खाद्य पदार्थों में प्यूरीन अधिक होता है।
  • मीठे पेय: फ्रक्टोज से भरपूर मीठे पेय पदार्थ यूरिक एसिड के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं।
  • किडनी की बीमारी: किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर यूरिक एसिड शरीर से पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकल पाता।
  • कुछ दवाएं: कुछ मूत्रवर्धक दवाएं यूरिक एसिड बढ़ा सकती हैं। इन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना बंद नहीं करना चाहिए।

परिवार में गाउट का इतिहास, उच्च रक्तचाप और कुछ अन्य मेटाबॉलिक समस्याएं भी जोखिम से जुड़ी हो सकती हैं।

गाउट के शुरुआती चेतावनी संकेत

गाउट का पहला दौरा कई बार अचानक शुरू होता है। इसके प्रमुख संकेतों में शामिल हैं:

1. अचानक तेज जोड़ों का दर्द: दर्द अक्सर रात में शुरू होता है और पैर के अंगूठे के जोड़ में अधिक देखा जाता है।

2. सूजन और लालिमा: प्रभावित जोड़ सूज सकता है, लाल दिखाई दे सकता है और छूने पर गर्म महसूस हो सकता है।

3. छूने पर असहनीय दर्द: कभी-कभी चादर का हल्का स्पर्श भी प्रभावित जोड़ में तेज दर्द पैदा कर सकता है।

4. जोड़ हिलाने में परेशानी: दर्द और सूजन के कारण चलना या सामान्य गतिविधियां करना मुश्किल हो सकता है।

5. बार-बार दर्द के दौरे: इलाज न मिलने पर दौरे दोबारा हो सकते हैं और समय के साथ जोड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।

लंबे समय तक अनियंत्रित गाउट रहने पर त्वचा के नीचे यूरिक एसिड के क्रिस्टलों की गांठें बन सकती हैं, जिन्हें टोफाई कहा जाता है। कुछ मरीजों में किडनी की पथरी का जोखिम भी बढ़ सकता है।

गाउट से बचाव के लिए क्या करें?

गाउट का जोखिम कम करने और बीमारी को नियंत्रित रखने के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव उपयोगी हो सकते हैं।

  • पर्याप्त पानी पिएं: शरीर में पानी की कमी से बचें। यदि डॉक्टर ने किसी बीमारी के कारण तरल पदार्थ सीमित रखने को कहा है, तो उनकी सलाह का पालन करें।
  • संतुलित आहार लें: सब्जियां, साबुत अनाज, फल और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों को आहार में शामिल करें।
  • शराब सीमित करें: विशेष रूप से बीयर और अधिक मात्रा में शराब के सेवन से बचें।
  • मीठे पेय कम करें: चीनी और फ्रक्टोज से भरपूर पेय पदार्थों का सेवन सीमित रखें।
  • स्वस्थ वजन बनाए रखें: वजन अधिक होने पर धीरे-धीरे वजन कम करना मददगार हो सकता है। बहुत तेजी से वजन घटाने या लंबे समय तक भूखे रहने से बचें।
  • नियमित व्यायाम करें: अपनी क्षमता के अनुसार पैदल चलना और अन्य शारीरिक गतिविधियां अपनाएं।

सिर्फ खानपान में बदलाव हर मरीज के लिए पर्याप्त नहीं होता। बार-बार गाउट के दौरे पड़ने या यूरिक एसिड लगातार बढ़े रहने पर डॉक्टर यूरिक एसिड कम करने वाली दवाएं दे सकते हैं। उपचार का लक्ष्य मरीज की स्थिति और बीमारी की गंभीरता के अनुसार तय किया जाता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि किसी जोड़ में पहली बार अचानक तेज दर्द, लालिमा और सूजन हो, तो जल्द चिकित्सकीय जांच कराएं। ऐसे लक्षण गाउट के अलावा जोड़ों के संक्रमण जैसी गंभीर स्थिति में भी हो सकते हैं। बुखार के साथ गर्म और सूजे हुए जोड़ की समस्या होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

गाउट का निदान केवल यूरिक एसिड की रक्त जांच के आधार पर हमेशा नहीं किया जा सकता। डॉक्टर लक्षणों, शारीरिक जांच और जरूरत पड़ने पर जोड़ के तरल पदार्थ की जांच के जरिए स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।

निष्कर्ष: गाउट एक दर्दनाक लेकिन नियंत्रित किया जा सकने वाला रोग है। पुरुषों में इसका जोखिम अधिक हो सकता है, लेकिन किसी भी व्यक्ति में इसके लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच जरूरी है। संतुलित आहार, स्वस्थ वजन, सीमित शराब सेवन और उचित चिकित्सा उपचार से इसके दौरों तथा दीर्घकालिक जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

नोट: यह सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी है, व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं। किसी भी दवा को शुरू या बंद करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें।

Bharat Baani Bureau

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