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13 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ाने के उद्देश्य से SBI रिसर्च ने इक्विटी निवेश पर लगने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर (Long-Term Capital Gains Tax यानी LTCG) को समाप्त करने की सिफारिश की है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य भारतीय शेयर बाजार को विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना और पूंजी के बहिर्वाह को कम करने की संभावनाओं पर विचार करना है।

शेयर बाजार में विदेशी निवेश की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीद-बिक्री का असर कई बार बाजार के प्रमुख सूचकांकों, शेयरों की कीमतों और रुपये की चाल पर भी दिखाई देता है। ऐसे में कर व्यवस्था में बदलाव को लेकर SBI रिसर्च का सुझाव निवेश नीति पर चर्चा को नई दिशा दे सकता है।

2–3 साल की होल्डिंग अवधि का भी सुझाव

SBI रिसर्च ने अपनी Ecowrap रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि इक्विटी निवेश पर LTCG टैक्स समाप्त करने के साथ निवेश की होल्डिंग अवधि को दो से तीन साल तक बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार किया जाए। रिपोर्ट का उद्देश्य अल्पकालिक और अस्थिर पूंजी प्रवाह को अधिक स्थिर बनाना तथा निवेशकों को लंबे समय तक बाजार में बने रहने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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2026 में विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अक्टूबर 2026 में अब तक भारतीय शेयरों से ₹44,166 करोड़ निकाले हैं। इसके साथ ही साल की शुरुआत से कुल निकासी ₹3 लाख करोड़ से अधिक हो गई है। ऊंचे कच्चे तेल के दाम, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिका में ऊंची बॉन्ड यील्ड को विदेशी निवेशकों की बिकवाली के प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।

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विदेशी पूंजी की लगातार निकासी भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ा सकती है और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव को तेज कर सकती है। हालांकि, बाजार की दिशा केवल टैक्स व्यवस्था पर निर्भर नहीं करती; वैश्विक ब्याज दरें, कंपनियों की कमाई, शेयरों का मूल्यांकन और आर्थिक विकास की संभावनाएं भी निवेश संबंधी फैसलों को प्रभावित करती हैं।

क्या सरकार खत्म करेगी LTCG टैक्स?

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि SBI रिसर्च की सिफारिश अभी एक नीतिगत सुझाव है, सरकार का घोषित फैसला नहीं। जुलाई 2026 में सरकार ने संसद में कहा था कि इक्विटी पर LTCG टैक्स समाप्त करने का कोई प्रस्ताव उस समय विचाराधीन नहीं था।

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यदि सरकार भविष्य में इस सुझाव पर विचार करती है, तो उसे विदेशी निवेश आकर्षित करने के संभावित लाभों के साथ कर राजस्व और घरेलू निवेशकों पर पड़ने वाले प्रभावों का भी आकलन करना होगा। फिलहाल LTCG टैक्स में किसी बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

Bharat Baani Bureau

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