15 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो : केरल में जन्मीं भारतीय-अमेरिकी नेता नित्या रमन लॉस एंजिल्स के मेयर पद की दौड़ में मौजूदा मेयर करेन बास के खिलाफ बढ़त बनाए हुए हैं। मंगलवार को हुए तीखे टेलीविजन डिबेट के बाद रमन की उम्मीदवारी को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
लॉस एंजिल्स अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और यहां मेयर का चुनाव 3 नवंबर 2026 को होना है। यदि रमन चुनाव जीतती हैं, तो वह लॉस एंजिल्स की पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर होंगी।
करेन बास से सीधा मुकाबला
नित्या रमन और मौजूदा मेयर करेन बास दोनों डेमोक्रेट हैं और नवंबर के चुनाव में आमने-सामने हैं। जून में हुए प्राइमरी चुनाव में बास और रमन शीर्ष दो उम्मीदवारों के रूप में उभरी थीं, जिसके बाद दोनों के बीच अंतिम मुकाबला तय हुआ।
हालिया डिबेट में दोनों नेताओं ने लॉस एंजिल्स की बेघर आबादी, सार्वजनिक सुरक्षा और पुलिस विभाग के नेतृत्व जैसे प्रमुख मुद्दों पर अपने विचार रखे। रमन ने शहर की मौजूदा नीतियों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल उठाए, जबकि बास ने रमन की नेतृत्व क्षमता पर निशाना साधा।
कौन हैं नित्या रमन?
नित्या रमन का जन्म 1981 में केरल में हुआ था और वह छह वर्ष की उम्र में अपने परिवार के साथ अमेरिका चली गई थीं। उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और बाद में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।
रमन 2020 से लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल की सदस्य हैं और शहर के चौथे डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करती हैं। मेयर पद की दौड़ में उतरने से पहले वह स्थानीय स्तर पर आवास, किरायेदारों के अधिकार और बेघर लोगों से जुड़े मुद्दों पर काम करती रही हैं।
सर्वे में भी मिली बढ़त
हालिया यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नमेंटल स्टडीज के सर्वे में रमन को बास पर बढ़त मिली थी। सर्वे के अनुसार 39 प्रतिशत संभावित मतदाताओं ने रमन का समर्थन किया, जबकि 28 प्रतिशत ने बास का नाम चुना। हालांकि, करीब एक-तिहाई मतदाता उस समय भी अनिर्णीत थे।
यह आंकड़े चुनाव परिणाम की गारंटी नहीं हैं और मतदान से पहले मतदाताओं की राय बदल सकती है। अंतिम फैसला 3 नवंबर के मतदान और आधिकारिक मतगणना से होगा।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण मुकाबला
रमन की उम्मीदवारी अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चुनाव जीतने की स्थिति में वह लॉस एंजिल्स जैसी बड़ी अमेरिकी महानगरी की पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर बनेंगी।
फिलहाल रमन और बास के बीच मुकाबला अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आने वाले हफ्तों में आवास, बेघर लोगों की समस्या, सार्वजनिक सुरक्षा और शहर के प्रशासन से जुड़े मुद्दे चुनावी अभियान के केंद्र में रहने की संभावना है।
