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16 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। अमेरिकी कांग्रेस सदस्य थॉमस आर. सूजी ने अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा को पत्र लिखकर झोटा की हत्या पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने मामले की जांच में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।

झोटा को पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं में गिना जाता था। 42 वर्षीय झोटा कथित तौर पर मेडिकल स्टोरों से नशीली और आदत डालने वाली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते थे। उनकी हत्या के बाद पंजाब में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और राजनीतिक दलों तथा विभिन्न संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

अमेरिकी सांसद ने जताई गंभीर चिंता

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सांसद थॉमस आर. सूजी ने भारतीय राजदूत को भेजे पत्र में झोटा की हत्या को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने मामले की जांच में पारदर्शिता बरतने और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत जवाबदेह बनाया जाए।

अमेरिकी कांग्रेस सदस्य की ओर से यह मामला उठाए जाने से झोटा की हत्या ने पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ अभियान को लेकर चल रही बहस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहुंचा दिया है।

फेसबुक लाइव के दौरान हुई थी हत्या

परविंदर सिंह झोटा की हत्या मानसा में एक मेडिकल स्टोर के बाहर हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, वह कथित तौर पर प्रतिबंधित या नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर मेडिकल स्टोर संचालक से सवाल कर रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और गोलीबारी में झोटा की मौत हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण के दौरान रिकॉर्ड हुआ था। झोटा का एक साथी भी गोलीबारी में घायल हुआ।

पुलिस ने मामले में मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया था और उसे पंजाब लाया गया। मामले की जांच आगे जारी है।

हत्या के बाद पंजाब में बंद

झोटा की हत्या के बाद पंजाब में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। उनके परिवार ने न्याय और मामले की केंद्रीय जांच की मांग को लेकर राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था। विभिन्न विपक्षी दलों, किसान संगठनों और अन्य समूहों ने बंद का समर्थन किया। कई इलाकों में बाजार और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे तथा सड़कों पर प्रदर्शन भी हुए।

प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मामले की सीबीआई जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और झोटा के परिवार को न्याय देने की मांग की।

पंजाब सरकार पर भी बढ़ा दबाव

हत्या के बाद पंजाब सरकार पर कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ अभियान को लेकर विपक्ष का दबाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। राज्य सरकार ने नशे की अवैध बिक्री के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और मेडिकल स्टोरों की जांच बढ़ाने के भी संकेत दिए हैं।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी घटना का संज्ञान लिया है और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच की बात कही है। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

जांच और जवाबदेही पर नजर

झोटा की हत्या को लेकर अब पुलिस जांच के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। मुख्य मुद्दों में नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री, मेडिकल स्टोरों की निगरानी, कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय लोगों की सुरक्षा शामिल हैं।

अमेरिकी सांसद द्वारा भारतीय राजदूत के समक्ष मामला उठाए जाने के बाद अब इस बात पर भी नजर रहेगी कि जांच कितनी पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

झोटा की हत्या ने पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

Bharat Baani Bureau

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