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22 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा के 2027 वनडे विश्व कप में खेलने को लेकर जारी चर्चाओं के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों के चयन में उम्र के बजाय फिटनेस और प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई खिलाड़ी पूरी तरह फिट है, अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और टीम को जीत दिलाने में योगदान दे रहा है, तो केवल उम्र के आधार पर उसे चयन की दौड़ से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, दोनों खिलाड़ियों के विश्व कप में खेलने का अंतिम फैसला चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ पर निर्भर करेगा।

फिटनेस और प्रदर्शन पर निर्भर करेगा चयन

मन्हास ने Sportstar को दिए एक साक्षात्कार में कोहली और रोहित के भविष्य पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में फिटनेस और मैदान पर प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण मानदंड होने चाहिए। उनके मुताबिक, देश के लिए मैच जिताने की क्षमता रखने वाले खिलाड़ी को उसकी उम्र के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए।

BCCI अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड अध्यक्ष के रूप में वह किसी खिलाड़ी के चयन की गारंटी नहीं दे सकते, क्योंकि यह जिम्मेदारी चयनकर्ताओं और कोचों की है। ऐसे में उनके बयान को कोहली और रोहित के विश्व कप टीम में चयन की आधिकारिक पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

दोनों खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज हैं और बड़े टूर्नामेंटों में दबाव की परिस्थितियों का सामना कर चुके हैं। आगामी विश्व कप को देखते हुए उनके अनुभव और मौजूदा फॉर्म पर चयनकर्ताओं की नजर रहना स्वाभाविक है।

विश्व कप के समय कितनी होगी दोनों की उम्र?

2027 का वनडे विश्व कप अक्टूबर और नवंबर में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित होना है। टूर्नामेंट के दौरान रोहित शर्मा 40 वर्ष के हो जाएंगे, जबकि विराट कोहली 38 वर्ष के होंगे। इसी वजह से टीम में वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका और युवा प्रतिभाओं को अवसर देने के बीच संतुलन बनाने पर चर्चा हो रही है।

हालांकि, उम्र अपने आप में किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन का पूरा आकलन नहीं करती। फिटनेस, चोटों से उबरने की क्षमता, मैचों के बीच रिकवरी और लंबे समय तक निरंतर प्रदर्शन जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण होते हैं। चयनकर्ताओं के सामने चुनौती होगी कि वे विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए अनुभव और वर्तमान प्रदर्शन को ध्यान में रखकर टीम तैयार करें।

शुभमन गिल की कप्तानी में वरिष्ठ खिलाड़ियों का अनुभव होगा अहम

मन्हास ने भारतीय वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल के संदर्भ में भी अनुभवी खिलाड़ियों की उपयोगिता पर जोर दिया। उनका मानना है कि विराट कोहली, रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी गिल को बड़े टूर्नामेंट में मदद कर सकती है। जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज भी गेंदबाजी इकाई का नेतृत्व करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

BCCI अध्यक्ष के मुताबिक, टीम में जिम्मेदारियों का सही बंटवारा महत्वपूर्ण होता है। कप्तान के साथ अनुभवी बल्लेबाज, गेंदबाज और अन्य वरिष्ठ खिलाड़ी मैदान पर अलग-अलग परिस्थितियों में मार्गदर्शन दे सकते हैं। इससे दबाव के क्षणों में फैसले लेने और टीम के प्रदर्शन को बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।

शुभमन गिल के लिए 2027 विश्व कप कप्तान के रूप में एक महत्वपूर्ण परीक्षा होगा। ऐसे में वरिष्ठ खिलाड़ियों का अनुभव और युवा क्रिकेटरों की ऊर्जा टीम संयोजन का अहम हिस्सा बन सकते हैं।

कोहली और रोहित के प्रदर्शन पर रहेगी नजर

कोहली और रोहित ने भारतीय क्रिकेट को कई महत्वपूर्ण मौकों पर योगदान दिया है। दोनों 2023 वनडे विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा थे, जब भारत फाइनल तक पहुंचा था। इसके अलावा, दोनों ने 2024 में भारत की टी20 विश्व कप जीत में भी भूमिका निभाई थी। हालांकि, दोनों खिलाड़ी टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब उनका ध्यान वनडे प्रारूप पर है।

विश्व कप से पहले भारत के वनडे कार्यक्रम में दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन चयन चर्चा का प्रमुख आधार रहेगा। टीम प्रबंधन को यह देखना होगा कि वे लगातार रन बनाने के साथ-साथ फिटनेस और कार्यभार प्रबंधन के लिहाज से भी कितने तैयार हैं।

अंतिम फैसला चयनकर्ताओं के हाथ में

मन्हास के बयान से यह संकेत मिलता है कि BCCI नेतृत्व चयन में उम्र को अकेला आधार बनाने के पक्ष में नहीं है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि कोहली और रोहित की विश्व कप में जगह सुनिश्चित हो गई है। अंतिम निर्णय उनके प्रदर्शन, फिटनेस, टीम की जरूरतों और चयनकर्ताओं की रणनीति के आधार पर लिया जाएगा।

2027 विश्व कप से पहले भारतीय टीम को अनुभवी खिलाड़ियों और उभरती प्रतिभाओं के बीच संतुलन बनाना होगा। कोहली और रोहित की मौजूदगी टीम को अनुभव दे सकती है, जबकि युवा खिलाड़ियों को अवसर देना भविष्य की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण होगा। आने वाले महीनों में दोनों का प्रदर्शन और टीम प्रबंधन की रणनीति इस बहस की दिशा तय करेंगे।

Bharat Baani Bureau

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