22 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : अमेरिका के लॉस एंजिलिस काउंटी मेडिकल एग्जामिनर कार्यालय के कूलिंग सिस्टम में लेजियोनेला बैक्टीरिया मिलने के बाद एक कर्मचारी के लेजियोनेयर्स रोग से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों के अनुसार, संक्रमित कर्मचारी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि कर्मचारी को संक्रमण इसी कार्यालय के दूषित सिस्टम से हुआ था या नहीं।
रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यालय के कूलिंग सिस्टम में बैक्टीरिया का पता मई 2026 में रखरखाव कार्य के दौरान चला था। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों को संभावित जोखिम के बारे में सूचित किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि अब तक संक्रमित कर्मचारी के संपर्क या समान संभावित स्रोत से जुड़े किसी अन्य मामले की पहचान नहीं हुई है। कर्मचारी की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में भी सार्वजनिक रूप से जानकारी नहीं दी गई है।
क्या है लेजियोनेयर्स रोग?
लेजियोनेयर्स रोग एक गंभीर प्रकार का निमोनिया है, जो लेजियोनेला नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया पानी से जुड़ी प्रणालियों में पनप सकता है, खासकर उन जगहों पर जहां पानी ठहरा हुआ हो या रखरखाव ठीक से न किया जाता हो।
दूषित पानी की बेहद छोटी बूंदों या धुंध को सांस के साथ शरीर में लेने से संक्रमण हो सकता है। बड़े भवनों के कूलिंग टावर, प्लंबिंग सिस्टम और कुछ अन्य जल प्रणालियां इसके संभावित स्रोत हो सकते हैं। सामान्य तौर पर यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के पास बैठने या उसके साथ रहने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती।
संक्रमण के लक्षण क्या हैं?
लेजियोनेयर्स रोग के लक्षण आम तौर पर बैक्टीरिया के संपर्क में आने के दो से 14 दिनों के भीतर सामने आ सकते हैं। इनमें तेज बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी शामिल हैं। कुछ मरीजों को दस्त, मतली या भ्रम जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
यह बीमारी विशेष रूप से बुजुर्गों, धूम्रपान करने वालों और पहले से फेफड़ों की बीमारी या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए अधिक गंभीर हो सकती है। गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है। समय पर पहचान और उचित एंटीबायोटिक उपचार से मरीजों के ठीक होने की संभावना बढ़ सकती है।
जांच और सावधानी क्यों जरूरी?
किसी इमारत की जल या कूलिंग प्रणाली में बैक्टीरिया मिलने का अर्थ यह अपने आप नहीं है कि वहां मौजूद हर व्यक्ति संक्रमित हो गया है। संक्रमण का वास्तविक स्रोत निर्धारित करने के लिए पर्यावरणीय नमूनों, मरीज की बीमारी और संभावित संपर्कों की जानकारी का आकलन करना पड़ता है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए जरूरी है कि वे प्रभावित सिस्टम की जांच करें, आवश्यकता के अनुसार सफाई और कीटाणुशोधन सुनिश्चित करें तथा लक्षण वाले लोगों की पहचान पर नजर रखें। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि मेडिकल एग्जामिनर कार्यालय के सिस्टम से संक्रमण का सीधा संबंध स्थापित हुआ है या नहीं।
लॉस एंजिलिस काउंटी का सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग लेजियोनेला संक्रमण के मामलों की निगरानी करता है और चिकित्सकों को संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट करने के निर्देश देता है। भवनों के मालिकों और प्रबंधन के लिए कूलिंग टावरों तथा जल प्रणालियों का नियमित रखरखाव भी महत्वपूर्ण माना जाता है। <Cite refs={[“turn728988search7″,”turn728988search9”]}/>
फिलहाल अन्य मामलों की पुष्टि नहीं
इस घटना में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या संक्रमित कर्मचारी का संबंध कार्यालय में मिले बैक्टीरिया से था। अधिकारियों ने अब तक किसी अन्य ऐसे मामले की पुष्टि नहीं की है, जिसमें साझा संपर्क या समान स्रोत सामने आया हो। कर्मचारी की पहचान और स्वास्थ्य स्थिति भी गोपनीय रखी गई है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे कार्यालय से जुड़ा संभावित संक्रमण मामला कहा जा सकता है, लेकिन बैक्टीरिया मिलने और कर्मचारी के संक्रमित होने के बीच सीधा कारण-संबंध स्थापित होना बाकी है। आगे की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि संक्रमण का स्रोत क्या था और क्या कार्यस्थल पर अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत है।
